अगर आपको भी नहीं मिलता पूजा-पाठ का सही लाभ तो हो रही है ये चूक

अगर आपको भी नहीं मिलता पूजा-पाठ का सही लाभ तो हो रही है ये चूक
▶️अगर आपको पूजा-पाठ का सही लाभ नहीं मिल पाता है तो जल्द से जल्द अपने मंदिर या पूजा का स्थान बदलें
▶️पूजा का पूरा लाभ उठाने के लिए सबसे पहले मंदिर की सही दिशा और मूर्ती की सही स्थापना होना ज़रूरी है
▶️मंदिर में एक लोटा साफ जल ज़रूर रखें जिसे रोज़ाना सुबह शाम बदलें, किचन से मंदिर दूर रखें

Worship Predestination : हरेक घर में पूजा-पाठ विधी विधान से किया जाता है। लोग सवेरे उठते ही नहा धोकर सबसे पहले भगवान की अराधना करते हैं उसके बाद ही घर के अन्य काम किए जाते हैं। लेकिन इसका लाभ तभी मिलता है जब आप अपना कार्य नियम के अनुसार करें।

क्या आपको भी पूजा-पाठ का नहीं मिल रहा है लाभ?

आपने देखा होगा कई लोग ऐसे होते हैं जिनमें पूजा-पाठ को लेकर आपार भक्ति होती है, वो हमेशा अपने बोलचाल में भी भगवान का नाम लेते हैं, रोज़ाना विधी-विधान (Worship Predestrination) से पूजा करते हैं, लेकिन फिर भी उन्हे इसका कुछ खास लाभ नहीं मिलता और हमेशा उनके घर परिवार पर संकट के बाद छाए रहते हैं, क्या आप भी इन्ही में से हैं?

अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो सबसे पहले आप अपने मंदिर या पूजा (House Temple Location) का स्थान बदलें। हो सकता है आपका मंदिर गलत दिशा में हो, या आप कोई चूक कर रहे हो। तो घबराइए नहीं आज हम आपको बताएंगे की कैसे आप पूजा-पाठ का सही फल पा सकते हैं।

पूजा स्थान का रखें खास ध्यान

पूजा का पूरा लाभ उठाने के लिए सबसे पहले मंदिर का सही दिशा में होना ज़रूरी है, इसके लिए पूजा घर या मंदिर घर के ईशान कोण में रखना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो पूर्व दिशा का प्रयोग कर सकते हैं। औऱ ध्यान रखें कि पूजा का स्थान बार-बार नहीं बदलना होता है मंदिर का स्थान नियमित ही होना चाहिए।  

इसके अलावा तिकोना या गुम्बद वाला मंदिर रखने की जगह एक पूजा के लिए भगवान को एक छोटा सा स्थान दे दें। इससे भगवान को ज्यादा आराम महसूस होता है और वो उस छोटी सी जगह को अपना घर मान लेते हैं जिससे हमेशा घर में भगवान का वास होता है।

Worship Predestrination lifestyle Article

देवताओं की स्थापना का रखें ध्यान

पूजा के लिए मंदिर में देवी देवताओं की स्थापना का भी खास ध्यान रखना होता है इसके लिए आप अपने मंदिर (Temple) मे दुनिया भर की तस्वीरें ना रखें। बल्कि सादा व साधारण मंदिर बनाएं, जिसमें उन भगवान को चौकी पर विराजमान करें जिनकी आप मुख्यारूप से उपासना करते हैं इसके अलावा अन्य भगवान की तस्वीरों को अगल-बगल में सजाएं।

मंदिर को जागृत रखना है ज़रूरी

मंदिर को जागृत रखना ज़रूरी है, इसके लिए दोनों समय पूजा करें। शाम को दिया जलाएं जिसे पूरे घर में घूमाकर मंदिर में स्थापित करें। हर बार पूजा के समय मंत्र का जाप करें इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

साफ-सफाई में कंजूसी ना करें

ध्यान रहे आपका मंदिर हमेशा साफ-सुथरा होना चाहिए। इसके अलावा पूरे दिन मंदिर में एक लोटा साफ जल ज़रूर रखें जिसे रोज़ाना सुबह शाम बदलें। पूजा के दौरान गायत्री मन्त्र (Gayatri Mantra) का जाप करें। पूजा घर के आसपास रसोईघर नही होना चाहिए साथ ही मंदिर का दरवाजा बंद करके नहीं रखना चाहिए।

अगर आपको पूजा का सही लाभ नहीं मिल पा रहा है तो ऊपर बताए गए नियमों का पालन ज़रूर करें। ऐसा करने से आपको पूजा-पाठ का सकारात्मक लाभ मिलने लगेगा।

आगे पढ़ें-

Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।