तो इन तीन कारणों से शमशान घाट नहीं जाती हैं महिलाएं, ग्रंथों में भी नहीं की गई है पुष्टि

तो इन तीन कारणों से शमशान घाट नहीं जाती हैं महिलाएं, ग्रंथों में भी नहीं की गई है पुष्टि
▶️महिलाओं का दिल बेहद कमजोर और कोमल होता है, यही कारण है कि वो किसी और के दर्द को बरदाश नहीं कर पाती हैं
▶️अंतिम संस्कार के समय शव अकड़ने लग जाता है और अकड़ी हुई चीज़ जब जलती है तो उसमें से डरावनी आवाज आती है
▶️श्मशान में कोई चीख मार मारकर रोता है तो मृतक व्यक्ति की आत्मा को शांति नहीं मिलती है

Why Women Don’t Go To Crematoriums | अक्सर हमने देखा है अगर किसी की मौत हो जाती है तो शव के अंतिम यात्रा में केवल पुरूष ही जाते हैं, भूल से भी अंतिम संस्कार (last rites or creamations) के समय वहां महिलाओं की मौजूदगी किसी ने नहीं देखी होगी, इसके पीछे भेदभाव नहीं है ना ही इसका कारण ये है कि महिलाओं को कम आंका गया है, बल्कि इसके पीछे कई सारी दलीलें दी गई हैं तो चलिए जानते हैं इसके पीछे का कारण।

श्मशान खाट क्यों नहीं जाती महिलाएं

आपको बता दें कि ऐसा कहीं भी नहीं लिखा गया है कि शमशान घाट (creamatorium) में महिलाएं नहीं जा सकती, उन्हे पुरूष जैसे काम करने की पूरी आज़ादी है लेकिन हम आपको कुछ ऐसे तथ्य बताने जा रहे हैं जिसके कारण महिलाओं का श्मशाम घाट जाना मना है।

कोमल ह्रदय

इस बात से सभी भली भांति परिचित हैं कि महिलाओं का दिल बेहद कमजोर और कोमल (sensitive heart) होता है, यही कारण है कि वो किसी और के दर्द को बरदाश नहीं कर पाती हैं, फले ही उसे कितनी भी पीड़ा हो जाए लेकिन अपनी आंखों के सामने दर्दनाक चीज़ें नहीं देख पाती हैं।

Women are not allowed to attend last rites

अंतिम संस्कार के समय शव अकड़ने लग जाता है और अकड़ी हुई चीज़ जब जलती है तो उसमें से डरावनी आवाज आती है जिससे महिलाएं डर सकती हैं।

रोने से मृतक की आत्मा को नहीं मिलती शांति

श्मशान घाट में शव के अंतिम संस्कार के समय रोने धोने का माहौल होता है लेकिन वहां कोई रोता नहीं है, यदि श्मशान में कोई चीख मार मारकर रोता है तो मृतक व्यक्ति की आत्मा को शांति (soul not in peace) नहीं मिलती है।

घर को शुद्ध करना है महिलाओं का काम

मौत के बाद पूरा घर अशुद्ध हो जाता है, और अंतिम संस्कार में जाने के बाद पीछे से कई सारे ऐसे काम होते हैं जिन्हे पूरा करना ज़रूरी होता है, इसलिए यदि महिलाएं श्मशान जाती हैं तो ये कार्य अधूरे रह सकते हैं, इसलिए महिलाएं धार्मिक रूप से साफ सफाई (cleaning) के लिए घर में रूकती हैं।

हमें अंधविश्वास पर भरोसा नहीं

बता दें कि ऊपर बताई गई जानकारी तमाम लोगों से पूछने के बाद दी गई है, लेकिन हम किसी अंधविश्वास (blind faith) पर भरोसा नहीं करते हैं इसलिए इस प्रश्न का जवाब साइंटिफिक (scientific) तरीके से ढूंढें तो इसका जवाब ये है कि शव जलाते समय शरीर से कुछ किटाणु निकलते हैं जो आसपास मौजूद लोगों के शरीर पर लग जाते हैं, इसलिए शमशान से वापस आते समय नहाना ज़रूरी होता है जिससे किटाणु निकल सकें।

इसके अलावा महिलाओं के बाल लंबे और घने होते हैं जिसमें किटाणु (germs) नहाने के बाद भी रह सकते हैं इसलिए माना जाता है कि महिलाओं का श्मशान में जाना उचित नहीं है।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।