रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर 14 ट्रेनों को किया गया रद्द, बच्चे भी हुए प्रदर्शन में शामिल

रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर 14 ट्रेनों को किया गया रद्द, बच्चे भी हुए प्रदर्शन में शामिल
▶️कृषि बिल के विरोध में किसानों ने शुरू किया रेल रोको आंदोलन, कई रूट हुए बाधित
▶️परिजनों सहित उनकें बच्चें भी बैठे पटरी पर, सभी किसान दिखे एकजुट
▶️14 ट्रेनों को किया गया स्थगित, राजधानी के ट्रेन रूट पर दिखा सबसे ज्यादा असर

Rail Roko Agitation: किसानों का विरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जहाँ एक तरफ पंजाब और हरियाणा में विरोध की आग तेज है वहीं दूसरी तरफ अब ट्रेन रोको आंदोलन (rail roko protest) के सुर तेज़ हो गए हैं। आपको बताते चलें कि ये सभी किसान सरकार द्वारा लाए गए तीनों विधायकों के विरोध में हैं और ये तभी से नाराज़ चल रहे हैं। शुरुआत में इन्होंने ट्रैक्टर आंदोलन किया था और अब विरोध का स्तर चरम पर है।

24 से 26 तक रेल सेवा बंद

किसानों के आंदोलन के कारण ही रेलवे ने 24 से 26 सितंबर तक पंजाब में रेल सेवा रद्द (Punjab Rail Serverice Cancelled) कर दी है। 24 से 26 सितंबर तक कोई भी यात्री व माल लेकर ट्रेन से पंजाब नहीं जा पाएगी। ट्रेनों को डाइवर्ट  अम्बाला कैंट, सहारनपुर और दिल्ली स्टेशन पर किए जाने की योजना है।

1 से होगा अनिश्चित काल वाला बंद

25 सितंबर से होने वाला देशव्यापी बंद बना है, इसमें ट्रेनों की आवाजाही रूक गई है। इसके बाद 1 अक्टूबर से सभी किसान अनिश्चित काल के लिए बंद करने वाले हैं। सबसे ज्यादा जो रूट बाधित हुआ है वो है दिल्ली का रूट , इसी के मद्देनजर ही 14 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया गया है।

किसानों को msp ख़त्म होने का भय

Image source- Patrika

किसान किसी भी कीमत में बिल (Farm Bill 2020) स्वीकार करने की स्थिति में नहीं दिखाई दे रहे हैं। जबकि बिल सरकार द्वारा दोनों सदनों में बिना रुकावट पारित कराया जा चुका है। किसानों को जो भय है वो मंडी के बाहर फ़सल की खरीद और msp के खत्म होने का डर है। किसान तो यहाँ तक कह रहे हैं कि सरकार हमसे बात क्यों नहीं कर रही, हम 2 नहीं दस साल तक लड़ाई जारी रखेंगे। और ये बिल हमें किसी भी स्थिति में मंजूर नहीं है। सरकार को किसी भी ग़लतफ़हमी में नहीं रहना चाहिए।

अभी तक नहीं निकला निष्कर्ष

किसानों के आंदोलन के समर्थन में कई राजनैतिक दल भी हैं। और सभी किसान संगठन तो पहले ही एकजुट है इस कारण विरोध काफ़ी बड़ा नज़र आ रहा है। ऐसा पहली बार नहीं है इससे पहले ट्रैक्टर आंदोलन में भी सभी किसान एकजुट हुए थे। लेकिन उससे कोई निष्कर्ष नहीं निकला और अभी भी कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं।

आगे पढ़ें-

Mahima Nigam

Mahima Nigam

महिमा एक चंचल स्वभाव कि लड़की है और रियल लाइफ में खेलकूद करने के साथ इन्हें शब्दों के साथ खेलना भी काफी पसंद है। बता दें कि इस वेबसाइट को शुरू करने का सपना भी महिमा का है और उसे मंज़िल तक पहुंचाने का भी। उम्मीद करते हैं कि आप साथ देंगे