Valmiki Jayanti 2020: डाकू से महर्षि तक का सफर, जाने किसने बनाया रत्नाकार को वाल्मीकि

Valmiki Jayanti 2020: डाकू से महर्षि तक का सफर, जाने किसने बनाया रत्नाकार को वाल्मीकि
▶️महर्षि वाल्‍मीकि पहले एक डाकू हुआ करते थे जिनका नाम रत्नाकर था वो जंगल से गुजरने वाले हरेक व्यक्ति को लूटते थे
▶️नारद मुनि की सलाह से रत्नाकर डाकू ने पाप का रास्त छोड़ा और महर्षि वाल्मीकि बन गए
▶️वाल्मीकि जयंती पर रामायण का पाठ करने से घर में सुख शांति का वास होता है

Valmiki Jayanti 2020: इस साल वाल्मीकि जयंती 31 अक्टूबर को मनाई जा रही है। वाल्मीकि जयंती हर वर्ष आश्विन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। देश में इस दिन को त्योहार जैसे मनाया जाता है मंदिरों में पूजा आरती की जाती है। कहते हैं वाल्मीकि जयंती (Valmiki Jayanti) पर रामायण का पाठ करने से घर में सुख शांति का वास होता है।

डाकू थे महर्षि वाल्मीकि

क्या आप ये जानते हैं कि वाल्मीकि महर्षि वाल्मीकि कैसे बन गए? दरअसल महर्षि वाल्‍मीकि (Maharishi Valmiki) पहले एक डाकू हुआ करते थे जिनका नाम रत्नाकर था। रत्नाकार का काम जंगल से गुजरने वाले हरेक व्यक्ति को धमकाना और उन्हे लूटना था। लेकिन एक दिन जब जंगल से नारद मुनि (Narad Muni) गुजर रहे थे तब भी रत्नाकार ने उनके साथ वैसा ही बरताव किया जैसा अन्य लोगों के साथ करते थे।

ये सब देखकर नारद मुनि को आश्चर्य हुआ औऱ उन्होने रत्नाकर डाकू को पाप का रास्त छोड़ने की सलाह दी जिससे रत्नाकार की आंखे खुल गई औऱ फिर उन्होने एक आम इंसान बनकर ब्रह्मा जी से ज्ञान प्राप्त किया और रत्नाकार से महर्षि वाल्मीकि (Maharishi Valmiki Jayanti) बन गए।

Maharishi Valmiki Jayanti 2020

वाल्मीकि ने लिखा संस्कृत साहित्य का पहला श्लोक

ज्ञान प्राप्ति के बाद महर्षि वाल्मीकि ने संस्‍कृत साहित्‍य का पहला श्लोक (First Shloka Of Sanskrit Written by Maharishi Valmiki) लिखा जिसकी काफी चर्चा हुई और यही श्लोक रामायण का भी पहला श्‍लोक (Ramayana First Shloka) बन गया।

हर वर्ष महर्षि वाल्मीकि जयंती बेहद धूमधाम से मनाया जाता है मंदिरों में भी काफी भीड़ देखने को मिलती है लेकिन कोरोना (Corona Virus) के कारण इस बार ऐसा हो पाना संभव नहीं हो सकेगा।

वाल्मीकि नाम के पीछे रहस्य

एक बार की बात है महर्षि वाल्मीकि (Maharishi Valmiki) ध्यान में मग्न थे। तभी अचानक उनके शरीर पर दीमक लग गई लेकिन फिर भी उन्होने अपना ध्यान पूरा किया और उसके बाद शरीर से दीमकों को हटाया था। इस तरह से उनका नाम वाल्मीकि पड़ गया क्योंकि दीमकों के घर को वाल्मीकि कहते हैं।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।

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