आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा एक और कदम, UPID और MSME द्वारा दिया गया सिल्क ब्रोकेड का प्रशिक्षण

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा एक और कदम, UPID और MSME द्वारा दिया गया सिल्क ब्रोकेड का प्रशिक्षण
▶️ महिला और पुरुष क्राफ्ट आर्टिस्ट को मिला UPID और MSME का सहयोग, बनारस में आयोजित की गई 10 दिन की वर्कशॉप
▶️ पार्टिसिपेंट्स को नए डिजाइन और कलरों से कराया गया परिचय, दी गई पैकेजिंग संबंधी जानकारी
▶️ इस वर्कशॉप में 75 लोगों ने लिया हिस्सा, महिलाएं कर सकती हैं खुद के लिए सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना

उत्तर प्रदेश के बनारस में UPID (Uttar Pradesh Institute of Design) और MSME (Ministry of Micro, Small and Midsize Enterprises) द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सिल्क ब्रोकेड क्राफ्ट वर्कशॉप (Silk Broked Craft Workshop) आयोजित की गई। एक जनपद- एक उत्पाद स्कीम के माध्यम से आयोजित की गई यह वर्कशॉप 10 दिवसीय थी, जिसकी शुरुआत 24 अगस्त से हुई और 4 सितंबर को समापन हुआ। आपको बता दें कि इस वर्कशॉप में 75 महिलाओं एवं पुरुषों ने हिस्सा लिया। वर्कशॉप में हिस्सा लेने वाले क्राफ्ट आर्टिस्ट को सिल्क ब्रोकेड क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया गया।

डिज़ाइनर गोपाल यादव ने दिया प्रशिक्षण

Varanasi Silk Brocade Workshop

सिल्क ब्रोकेड क्राफ्ट की इस कार्यशाला का उद्धघाटन जिला उद्योग केंद्र वाराणसी के उपायुक्त वीरेंद्र कुमार (Virendra Kumar Varanasi) ने प्रोत्साहन सहित अन्य कई जानकारियां देने के साथ किया। 10 दिन के इस कार्यक्रम के प्रशिक्षण की ज़िम्मेदारी उत्तर प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिजाइनिंग के प्रतिष्ठित डिजाइनर गोपाल यादव सहित दो अन्य डिज़ाइनर रंजीत और प्रवीण ने ली। इसी के साथ सहायक आयुक्त वीके वर्मा और अशोक कुमार ने वर्कशॉप के दौरान अपना मार्गदर्शन एवं दिशानिर्देशों को भली भांति अवगत करवाया।

क्या था वर्कशॉप का उद्देश्य?

Varanasi workshop to promote Aatma Nirbhar Bharat

वाराणसी के लालपुर स्थित मानवासा वाटिका (Manvasa Vatika) में आयोजित की गई इस वर्कशॉप का उद्देश्य निम्नलिखित था:

  • कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना
  • कारीगरों को कम लागत में अपना व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया की जानकारी देना
  • महिलाओं को व्यवसाय के प्रति जागरूक करना
  • कारीगरों को क्राफ्ट और आर्ट से जुड़ी नई बातें जैसे सिल्क ब्रोकेड की वर्तमान में चुनौतियां, मार्केट में लेटेस्ट डिज़ाइन की डिमांड, और कलर-क्राफ्ट की नई जानकारियों से अवगत करवाना

वर्कशॉप में दी गई जानकारियों से महिलाएं अपने कौशल को सही दिशा में उपयोग कर अपने व्यवसाय को शुरू कर पाएंगी और नए-नए डिजाइन को अपने काम में शामिल कर बाजार में अपनी अलग जगह बना सकेंगी. इस वर्कशॉप में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

10 दिन तक हर दिन कुछ नया सिखाया गया

Varani workshop

10 दिन तक चली इस कार्यशाला में डिजाइनर गोपाल यादव (Engineer Gopal Yadav) औऱ अन्य डिजाइनरों द्वारा हर दिन एक नया लक्ष्य रख नई-नई बातें सिखाई गई। इस प्रशिक्षण में सिल्क ब्रोकेड की वर्तमान चुनौतियों को समझाते हुए नए डिज़ाइन मार्केट की डिमांड, कलर, और इससे संबंधित दूसरी कई अहम जानकारियां दी गई। और चीजों की पैकेजिंग संबंधी कई जरूरी बातें भी बताई गई जो निश्चित तौर पर महिलाओं के लिए मददगार साबित होंगी। और इसी के साथ कोरोना वायरस के बारे में भी कई जरूरी जानकारियां दी गई सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए यह पूरा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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Diksha Gupta

Diksha Gupta

दीक्षा उन लेखकों में से हैं जिनको शब्दों से बेहद प्यार हैं। और इन शब्दों को खूबसूरत तरीके से पन्ने पर उतारना दीक्षा को काफ़ी पसंद है। आप सब तक ख़बरें पहुंचाने के अलावा दीक्षा को कविताएं लिखना भी पसंद है। शौक की बात करें तो दीक्षा डांस में भी रूचि रखती हैं। और एक ऐसी लड़की हैं जिन्हें नई चीज़ें सीखने में मज़ा आता है। दीक्षा का मानना है की वह लक्ष्य कि प्राप्ति के लिए ही ईश्वर पर और खुद पर विश्वास करना पसंद करती हैं.