‘वो बुलाती है मगर जाने का नहीं’, राहत इंदौरी की ये 10 शायरियाँ हमेशा रहेंगी ज़िंदा

‘वो बुलाती है मगर जाने का नहीं’, राहत इंदौरी की ये 10 शायरियाँ हमेशा रहेंगी ज़िंदा
▶️मंगलवार को राहत इंदौरी ने कहा दुनिया को अलविदा, कोरोना से हुए थे संक्रमित
▶️सोमवार देर रात राहत इंदौरी को किया गया था अस्पताल में भर्ती, सांस लेने में थी दिक्कत
▶️राहत इंदौरी की 10 ऐसी शायरियाँ हैं जो जीवनभर उन्हें लोगों के दिलों में जिंदा रखेगी

सभी के दिलों की धड़कन को राहत पहुंचाने वाले राहत इंदौरी ने आज इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
मंगलवार को ही कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिसके कारण राहत इंदौरी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

Top 10 shayri of rahat indori. Shayri of love of rahat indori

कई फिल्मों के लिए राहत इंदौरी साहब ने कुछ ऐसे गाने लिखे जो जुबां पर चढ़ गए। युवा, जवान और बुजुर्ग, अपनी शायरी से सभी के दिलों में उतर जाने वाले राहत इंदौरी की शायरी की पंक्तियां सभी के होठों पर जैसे हमेशा के लिए अमर हो गई हैं।

राहत इंदौरी की खास शायरियाँ (Top 10 shayri of Rahat Indori)

राहत इंदौरी ने आज सभी का साथ छोड़ दिया है लेकिन उनकी शायरियां सभी के दिलों में हमेशा के लिए बस गई हैं और आज हम उनको याद करते हुए उन्ही की कुछ खास शायरियां पेश कर रहे हैं।

  1. अफ़वाह थी कि मेरी तबियत ख़राब है, लोगों ने पूछ पूछ कर बीमार कर दिया
  1. शाखों से जो टूट जाएं वह पत्ते नहीं हैं हम,
    आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहें
  2. आंखों में पानी रखो होठों पर चिंगारी रखो,
    जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो
  3. अब ना मैं हूं ना बाकी है ज़माने मेरे,
    फिर भी मशहूर हैं शहरों में फंसाने मेरे
  4. बादशाहों के फेंके हुए सिक्के ना लिए,
    हमने खैरात भी मांगी है तो ख़ुद्दारी से।
  5. लोग मोड़ पर रुक रुक कर संभलते क्यों हैं,
    इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों हैं

7.हो लाख ज़ुल्म मगर बाद दुआ नहीं देंगे,
ज़मीन मां है ज़मीं को दगा नहीं देंगे

  1. जनाजे पर मेरे लिख देना यारों,
    मोहब्बत करने वाला जा रहा है
  2. सफर की हद है वहां तक की कुछ निशान रहे,
    चले चलो कि जहां तक आसमान रहे
  3. आते जाते हैं कई रंग मेरे चेहरे पर,
    लोग लेते हैं मज़ा जिक्र तुम्हारा करके

आपको बता दें कि लॉकडाउन से पहले तक राहत इंदौरी साहब शायरी की महफिल और मुशायरा में जाकर शायरियां करते रहे, और अपनी शायरियों से कवि सरकार की टांग खिंचाई तो कभी लोगों को प्रेरित करते रहे, और कब वो अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी शायरियां जो हमेशा के लिए अमर हो गई हैं वह हमारे सबके बीच हमेशा रहेंगी। हमेशा ही शायरों को प्रेरित करती रहेंगी।

Diksha Gupta

Diksha Gupta

दीक्षा उन लेखकों में से हैं जिनको शब्दों से बेहद प्यार हैं। और इन शब्दों को खूबसूरत तरीके से पन्ने पर उतारना दीक्षा को काफ़ी पसंद है। आप सब तक ख़बरें पहुंचाने के अलावा दीक्षा को कविताएं लिखना भी पसंद है। शौक की बात करें तो दीक्षा डांस में भी रूचि रखती हैं। और एक ऐसी लड़की हैं जिन्हें नई चीज़ें सीखने में मज़ा आता है। दीक्षा का मानना है की वह लक्ष्य कि प्राप्ति के लिए ही ईश्वर पर और खुद पर विश्वास करना पसंद करती हैं.