यूपी सरकार- परिवार की मंजूरी के बाद रात को जलाया युवती का शव

यूपी सरकार- परिवार की मंजूरी के बाद रात को जलाया युवती का शव
▶️ यूपी सरकार ने विपक्षी पर दंगा भड़काने के आरोप लगाए, कोर्ट ने सरकार से मांगे जवाब
▶️ सुप्रीम कोर्ट को यूपी सरकार ने फॉरेंसिक रिपोर्ट भी सौंपी, रिपोर्ट में रेप होने के सबूत नहीं
▶️ हाथरस मामले में अगले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई, यूपी सरकार को तीन सवालों के देने होंगे जवाब

Hathras Gangrape Case In Supreme Court: हाथरस सामूहिक दुष्कर्म मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। योगी सरकार (Yogi Goverment Plea On Hathras Case) ने शीर्ष अदालत के सामने अपनी कई दलीलें पेश की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की तमाम बातों को सुना और सरकार से कई सवालों के जवाब भी मांगे हैं।

हाथरस मामला सुप्रीम कोर्ट में, राज्य सरकार ने पेश की दलीलें

यूपी के हाथरस में हुए गैंगरेप (Hathras Gangrape Case) मामले में योगी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका के अनुसार, पुलिस प्रशासन ने संभावित दंगों के कारण परिवार की मंजूरी के बाद रात्रि को ही मृत युवती का अंतिम संस्कार कर दिया।

राज्य सरकार ने अपनी याचिका में यह भी कहा कि विपक्षी द्वारा मामले को लेकर दंगे भड़काने का प्रयास किया गया। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने फॉरेंसिक रिपोर्ट (UP Goverment Shows Forensic Report In SC) भी पेश की। फॉरेंसिक रिपोर्ट में लिखा गया है कि युवती के साथ रेप होने के सबूत नहीं मिले।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगे तीन सवालों के जवाब

सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे (Supreme Court Judge SA Bobade) ने कहा कि पीड़िता पक्ष और गवाहों की सुरक्षा के मामले में यूपी सरकार हलफनामा दायर कर जानकारी दें। हलफनामा में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार (SC Asked Questions To UP Goverment) से निम्न सवालों पर जवाब मांगे हैं।

  1. पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा के लिए क्या किया जा रहा है?
  2. क्या पीड़ित परिवार ने वकील चुन लिया है?
  3. क्या इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही से इस केस का दायरा बढ़ सकता है?

यूपी सरकार के सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता का सुप्रीम कोर्ट को जवाब

UP Goverment Plea On Hathras Incident In Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार की ओर से पेश हुए सॉलीसिटर तुषार मेहता (Tushar Mehta,
Solicitor UP Goverment) ने बताया कि पीड़ित परिवार को पहले ही सुरक्षा मुहैया करा दी गई थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि मामले के स्वतंत्र और स्पष्ट जांच के लिए CBI को जांच करने दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट को खुद भी सीबीआई जांच (Hathras Case CBI Inquiry) की निगरानी करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के सामने यह भी कहा गया कि हाथरस मामले में सरकार को बदनाम करने और उसके खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की गई है।

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Manoj Thayat

Manoj Thayat

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