राम जन्मभूमि विवाद खत्म, कृष्ण जन्मभूमि विवाद शुरू

राम जन्मभूमि विवाद खत्म, कृष्ण जन्मभूमि विवाद शुरू
▶️ मथुरा की अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा सिविल मुकदमा दायर
▶️ याचिका में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के स्वामित्व और शाही मस्जिद हटाने की मांग
▶️ हाल ही में कई वर्षों से चला आ रहा अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद खत्म हुआ

ShriKrishna Janambhoomi Vivad, Mathura: कई सालों के लंबे अंतराल के बाद अयोध्या का राम जन्मभूमि विवाद (Ram Janambhoomi Vivad, Ayodhya) भूमि पूजन के बाद शांत हुआ। मंदिर से जुड़े इस मामले के खत्म हुए कुछ ही महीने हुए थे कि अब उत्तरप्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद (ShriKrishna Janambhoomi Mathura) शुरू होते हुए दिख रहा है। मथुरा के एक स्थानीय अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ी एक याचिका दायर हुई है।

राम जन्मभूमि विवाद के बाद कृष्ण जन्मभूमि विवाद अदालत तक

भगवान श्रीकृष्ण विराजमान (Shri Krishna Virajman) के द्वारा मथुरा के कोर्ट (Mathura Court) में सिविल मुकदमा दायर कराया जाता है। यह मुकदमा मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा हुआ है। इस याचिका में 13.37 एकड़ जमीन पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मालिकाना हक मांगा है। साथ ही याचिका में यह भी बताया गया है कि जहां पर शाही मस्जिद ईदगाह खड़ा है, वहीं पर स्थित कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। यह मुकदमा भगवान श्रीकृष्ण विराजमान, कटार केशव देव खेवट (Katar Keshav Das Khevat), अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और अन्य छह भक्तों द्वारा दायर किया गया है।

Shri Krishna Janambhoomi Vivad Mathura

ये एक्ट जानना जरूरी!

साल 1991 में नरसिम्हा राव (Narsimha Rao) की सरकार के दौरान एक महत्वपूर्ण एक्ट ‘Place of Worship Act 1991’ लाया गया था। जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है- “15 अगस्त 1947 को जो धार्मिक स्थल जिस संप्रदाय का था वो आज, और भविष्य में, भी उसी का रहेगा।”

यह एक्ट धार्मिक स्थलों के जमीनी विवाद से जुड़े मामलों को एक तरह से समाप्त कर देता है।

क्या कहता है इतिहास

इतिहास के अनुसार, मथुरा के जिस स्थान पर आज श्रीकृष्ण का मंदिर है, वहां 5 हजार साल पहले मुल्लपुरा क्षेत्र (Mullpura Area) के कटार केशव देव में राजहंस का कारागार हुआ करता था। इसी कारागार में मध्य रात्रि को भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था।

इतिहासकार डॉ. वासुदेव शरण अग्रवाल (Dr. Vasudev Sharan Agarwal) ने भी कटार केशव देव को ही श्री कृष्ण का जन्म स्थान बताया है। जानकारी के लिए बता दें कि श्री कृष्ण का जन्म स्थान मंदिर तीन बार तोड़ा और चार बार पुनः बनाया जा चुका है।

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Manoj Thayat

Manoj Thayat

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