Samajwadi Party के नेता का बेतुका बयान, नमाज पढ़ने से भागेगा कोरोना

Samajwadi Party के नेता का बेतुका बयान, नमाज पढ़ने से भागेगा कोरोना
▶️ Samajwadi Party News: योगी सरकार ने कोरोना महामारी (Corona Padamic Update) के चलते प्रदेश की मस्जिदों में सामूहिक नमाज पर रोक लगा रखी है, इसपर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता ने बेतुका बयान दिया
▶️मस्जिदों में सिर्फ 5 लोगों को ही नमाज पढ़ने की इजाज़त है, समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party Blind Faith) के नेता का कहना है नमाज पढ़ने से ही देश बच पाएगा
▶️24 घंटे में पहली बार 40 हजार से ज्यादा करोना केस सामने आए हैं, अंधविश्वास फैलाना कहाँ तक सही

अंधविश्वास (Blind Faith in Society) समाज के लिए किसी नशे से कम नहीं है। जो भी इसके झांसे में आता है वो सपनी सोचन शक्ति खो बैठता है। साथ ही उसका साथ देने वाला व्यक्ति भी अपने विवेक को नष्ट कर देता है। अब ऐसी ही एक हवा उठी है कि नमाज पढ़ने से कोरोना खत्म होगा। अब आप ही बताइए बीमारी भी पूजा-पाठ से ठीक होती है भला?

क्या नमाज पढ़ने से खत्म होगा कोरोना?

मस्जिदों में नमाज पढ़ने से दूर होगा करोना जी हाँ…ऐसा बयान दिया है समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party News) से सांसद डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क (MLA Dr. Shafiqur Rahman Barq Samajwadi Party) ने, जहां एक और कोरोना को लेकर पूरे प्रदेश मे शनिवार और रविवार दो दिवसीय का लॉकडाउन (2 day Lockdown) घोषित है ऐसे मे इस तरह के बयान जनता में अंधविश्वास फैलाने का काम कर रहे हैं। एक बढ़े-लिखे व्यक्ति से ऐसी उम्मीद कैसे की जा सकती है।

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Samajwadi Party Leader: नमाज़ पर पाबंदी लगाना सही नहीं

शफीकुर्रहमान बर्क (Shafiqur Rehman Barq Ka Andhvishwas) का कहा है कि ईद उल जुहा के दौरान मस्जिदों और ईदगाह में मुस्लिमों की सामूहिक नमाज कार्यक्रम पर पाबंदी लगाना बिल्कुल गलत है, बर्क ने आगे कहा कि, सरकार मस्जिद (Mosque) और ईदगाह में मुस्लिमों के नमाज पढ़ने पर से जल्द से जल्द पाबंदी को हटाए। क्योंकि जब देश के सभी मुस्लिम मस्जिदों में नमाज पढ़ेंगे तभी ये देश बच सकेगा।

दुनिया में करोना की स्थिति

भारत में करोना (Corona in India) संक्रमितों की कुल संख्या 11 लाख के पार हो गयी है। भारत में 24 घंटे में 40 हजार से ज्यादा कोरोना मरीज (Corona Paitent In India) मिले हैं। जिसने आंकड़ों में तेजी से इजाफ़ा किया है।

भारत को छोड़कर अगर ब्राजील (Brazil) की बात करें तो ब्राजील में करोना संक्रमितों की कुल संख्या 20 लाख के ऊपर पहुंच गयी है। वही दूसरी और नाइजीरिया के विदेश मंत्री जेओफ्रेय ओनियामा (Foreign Minister Of Nigeria, Geoffrey Oniyama) भी कोरोना की चपेट मे आ गए हैं।
ऐसे ही दिन-प्रतिदिन कोरोना केस आसमान छू रहे हैं तो दूसरा वर्ग ये कहता है कि नमाज पढ़ने से कोरोना नहीं होगा।

WHO का दावा

हाल में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (Worlds Health Organization) ने दावा किया है कि करोना हवा में भी संचारित हो सकता है ऐसे मे संक्रमण का खतरा और भी ज्यादा बढ़ने की संभावना हो गई है।
इस मसले पर WHO का कहना है कि जबतक दवाइयां या वैक्सीन (Corona Vaccine) नहीं बनता तब तक इस वायरस से बचने का एकमात्र तरीका सोशल डिस्टेंडिंग (Social Distancing) और सावधानी है।

क्या कोरोना के लिए डॉक्टर्स की जरूरत नहीं?

अब तमाम दावों और डॉक्टर्स को झुठला कर कोई ये दावा करे कि कोरोना को वैक्सीन (Corona Virus Vaccine) या दवा की जरूरत ही नहीं है वो तो केवल नमाज और पूजा-पाठ से भाग जाएगा तो भला ये कहाँ तक सही है। अरे सांसद जी (Samajwadi Party MLA) कोरोना एक बीमारी है जो डॉक्टर के सहयोग और दवा से मरेगा, पूजा-पाठ और नमाज से नहीं।

और रही बात मस्जिद खोलने की तो इस बात से दुनिया अवगत है कि भीड़-भाड़ और एक दूसरे के सम्पर्क से संक्रमण फैल रहा है ऐसे में मंदिर-मस्जिद खोलना मौत को दावत देने जैसा होगा।

नोट- लेखक का मकसद किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं है। लेकिन मुसीबत की घड़ी में अंधविश्वास फैलाना बिल्कुल गलत है। अगर नेता की बात मानकर लोग नमाज पढ़ने उमड़ने लगे तो इसका परिणाम आत्मघाती हो सकता है।

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Somendra Raj Tiwari

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