साथी,साथी ना रहा, दोस्ती में आई दरार

साथी,साथी ना रहा, दोस्ती में आई दरार
▶️ 1998 से चला आ रहा शिअद और बीजेपी गठबंधन टूटा, पार्टी  प्रमुख सुखबीर सिंह बादल बोलें- एनडीए के साथ रहना अब संभव नहीं
▶️ केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों से नाराज थीं पंजाब की शिरोमणी अकाली दल पार्टी
▶️ 17 सितंबर को पार्टी की एकमात्र केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने मंत्रिमंडल से दिया था इस्तीफा

SAD-NDA Alliance Broke-up: तीनों कृषि अध्यादेशों (Farm Bill 2020) को संसद के दोनों सदनों से पारित कराने में मोदी सरकार सफल रही। लेकिन इस बीच NDA(राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को बड़ा झटका लगा है। 22 सालों से उनका साथ देने वाली पार्टी शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने एनडीए से किनारा कर लिया है।

NDA से अलग हुआ शिरोमणि अकाली दल

अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) और लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) ने जिस महागठबंधन की नींव रखने का काम किया था। पहले शिवसेना और अब एनडीए की सबसे पुरानी साथियों में से एक शिरोमणि अकाली दल (SAD) गठबंधन से अलग हो गई है। शनिवार को शिरोमणि अकाली दल की बैठक में यह फैसला लिया गया। शिअद और बीजेपी का गठबंधन 1998 से चला आ रहा था।

SAD-NDA alliance Broke up

22 साल के इस गठबंधन के टूटने का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि अध्यादेश है। पार्टी द्वारा शुरुआत से ही कृषि विधेयकों का विरोध किया जा रहा था। इसी विरोध के तहत पार्टी की एकमात्र केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर (Harsimrat Kaur) ने 17 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल पद से इस्तीफा दे दिया था।

बादल बोले- हमारी बात नहीं मानी गई

पंजाब की शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) पार्टी के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने जानकारी देते हुए कहा की, ये फैसला पार्टी सर्वसमिति के बाद ही लिया गया है। बादल ने यह भी कहा, पार्टी की हरसिमरत कौर ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने भी बिलों को बदलने को कहा था, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई।

NDA से अलग होना, किसानों के साथी या चुनावी रणनीति

पंजाब में कृषि अध्यादेशों (Farm Bill 2020 Protest) का सबसे अधिक विरोध किया जा रहा है। पंजाब के किसानों द्वारा लगातार प्रदर्शन, रेल रोको और भारत बंद जैसे तमाम तरीकों से औ विरोध किया जा रहा है। पंजाब में 2022 के शुरुआती महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब में कोई भी चुनाव बिना किसानों के समर्थन से जीतना संभव नहीं है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पास इससे अच्छा मौका नहीं था कि वो पार्टी को किसानों का साथी साबित करें। शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन से अलग होने का बड़ा कारण यही बताया जा रहा है।

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Manoj Thayat

Manoj Thayat

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