Report on Inflation: सब्जियों के बाद दालों की बढ़ती कीमत पड़ रही जेबों पर भारी, जनता का एक सवाल-आम आदमी कैसे उठाए अपने खर्चे?

Report on Inflation: सब्जियों के बाद दालों की बढ़ती कीमत पड़ रही जेबों पर भारी, जनता का एक सवाल-आम आदमी कैसे उठाए अपने खर्चे?
▶️ Report On Inflation: बढ़ती महंगाई में पिस रहा है आम आदमी, दाल के दामों में हुई 30 से 40 फ़ीसदी की बढ़ोतरी
▶️ पिछले साल से महंगे हुए दाम, मई 2019 में ₹100 किलो बिकने वाली उड़द दाल हुई ₹105 प्रति किलो
▶️ भारत का हर क्षेत्र है इसका शिकार ग्रामीण क्षेत्रों में 9.69 तो वहीं शहर में 8.36 महंगाई है

हर दिन बीतने के साथ बढ़ती हुई महंगाई (Report On Inflation) आम आदमी की जेब पर कैंची चला रही है। आम आदमी यह समझने में अब असक्षम होता जा रहा है कि, वह घर के खर्चे किस तरह उठाएं। घर के खर्चों में सबसे ज़रूरी खर्चा रोटी का होता है क्योंकि जिंदगी गुजर बसर करने के लिए रोटी कपड़ा और मकान जरूरी है। इसमें से भी रोटी का खर्चा अगर 30 से 40 फीसदी छलांग मार दे तो आम आदमी के लिए परेशानी का सबब बन जाती है।

Report On Inflation: 30 से 40 फीसदी बढ़ी महंगाई

अगर पिछले साल से तुलना की जाए तो साल 2019 से साल 2020 में महंगाई 30 से 40 फ़ीसदी तक बढ़ गई है। जहां मलका मसूर दाल की कीमत में 25 फ़ीसदी (25 Percent increment in Masoor Dal) की बढ़ोतरी देखी गई है तो वही आटा, चावल में 2 से 6 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। चीनी (खुली) पिछले साल से लेकर इस साल तक 35 से ₹36 प्रति किलो (35-36 Rs/Kg Sugar) के बीच में ही चल रही है और चाय पत्ती में 5 फ़ीसदी महंगाई (5% Increment in Chaipatti) देखी गई है।

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अशोक गहलोत ने केंद्र से की महंगाई कम करने की मांग

शनिवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Rajasthan CM Ashok Gehlot) ने भी सरकार से महंगाई को कम करने की मांग की है। उनका कहना है की महंगाई (Report On Inflation) लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम आदमी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह है कि सरकार महंगाई के मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) को क्या जवाब देती है।

राजनीती में घमासान, आम आदमी परेशान

विपक्षी इस मामले को लेकर सरकार (Opposition Blames Goverment For Inflation) पर इल्जाम लगाते हैं और दूसरी तरफ आम आदमी परेशान रहता है कि अपने खर्चे किस तरह सीमित रखें। आइए एक नजर डालते हैं अचानक बढ़ती हुई महंगाई (Report On Inflation) के पीछे का कारण क्या है:

महामारी में Lockdown के दौरान आया दामों में उछाल:

विश्व भर में कोरोनावायरस महामारी (Corona Virus Padamic All Over the World) फैलने के बाद जारी हुए लॉकडाउन के कारण भी लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ा। इस दौरान दामों में इजाफा होने का कारण था सामान का एक जगह से दूसरी जगह ना पहुंच पाना।

ऐसे में दुकानदारों के पास स्टॉक किया हुआ सामान ही बिक रहा था। इसी कारण कालाबाजारी का दौर भी जोर शोर से चलने लगा। जब कालाबाजारी (Black Marketing) का दौर शुरू हुआ उस समय दुकानदारों को कमाई करने का अच्छा मौका मिल गया दुकानदारों ने ₹10 की चीज को ₹50 में बेचा। जहां सब्जियां और अनाज (Vegetables & Grains) भारतवर्ष में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं वहीं लॉकडाउन (Lockdown) के कारण वह नहीं पहुंच पा रहे थे। इसके चलते सप्लायरों के पास सामान की कमी हो गई जिससे दामों में इजाफा हुआ है।

बेरोजगारी भी रही एक वजह:

इस साल बेरोजगारी (Inflation Due to Unemployment) भी काफी दर्ज की गई है। लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान काफी कंपनियां भी कंगाल हो गई जिससे वह अपने यहां काम कर रहे कर्मचारियों को वेतन नहीं दे सकी। दूसरी तरफ कुछ कंपनियां ऐसी भी थी जो तय की गई वेतन हो अपने कर्मचारियों तक नहीं पहुंचा पा रही थी।

ज्यादातर कंपनियों ने 20% से लेकर 80% तक वेतन में कटौती (Cut Salary Off From 20% To 80%) कर‌ के अपने कर्मचारियों को दिया तो वही काफी कर्मचारियों को बेरोजगार (Staffs Had to Unemployed) होना पड़ा। ऐसी बेरोजगारी (Unemployment Time) के दौर में महंगाई कम होना लाजमी है क्योंकि जब सामान खरीदने के लिए जरूरत के हिसाब से पैसे नहीं होंगे तो सस्ती से सस्ती चीज भी महंगी ही लगेगी।

सातवां वेतन आयोग भी एक वजह:

सातवा वेतन आयोग (Seventh Pay Commission) आने से सरकारी कर्मचारियों (Goverment Staffs Salary Increased) के वेतन में बढ़ोतरी हुई है। इससे भी महंगाई (Report On Inflation) पर असर पड़ा है क्योंकि लोगों का मानना है कि जब सरकारी वेतन में बढ़ोतरी हुई है तो फिर चीजों के दामों में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। सातवें वेतन आयोग (Seventh Pay Commission) में न सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है बल्कि जो पेंशन लेते हैं उनके भी फैशन में बढ़ोतरी होती है।

फसलों को नुकसान पहुंचने से भी होता है असर:

बीते कुछ समय में बाढ़ (Flood), बारिश (Rain), भूकंप (Earthquake) जैसी अनेक परेशानियों से किसान जूझता रहा है। इससे फसलों को भारी मात्रा (Crops destroyed In Huge Number) में नुकसान भी पहुंचा है। गौरतलब है कि, कुछ समय पहले प्याज के दाम 60 से ₹80 (Onion Increased From 60 to 80 Rs/kg) किलो तक पहुंच गया था, जो अब 15 से ₹30 प्रति किलो बिक रहा है। इससे यही समझा जा सकता है की अगर किसान अच्छी खेती करने के बाद बाजारों में जरूरत के मुताबिक सप्लाई (Supply in Market) दे सके तो फिर महंगाई को भी काबू में रखा जा सकता है। लेकिन अगर फसलों पर ही बाजार में पहुंचने से पहले असर हो जाए तो महंगाई को रोक पाना मुश्किल है।

आमतौर पर लोगों को दवाइयां (Medicine), पेट्रोल (Petrol) या अन्य चीजों के दामों में बढ़ोतरी हो तो इतनी दिक्कत नहीं होती लेकिन यही महंगाई (Reports On Inflation) अगर रसोई तक आ जाए तो मामला गंभीर हो जाता है क्योंकि स्वस्थ रहने का रास्ता आखिर पेट से होकर ही जो गुजरता है।

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Deeksha Chakravarty

Deeksha Chakravarty

दीक्षा एक ऐसी लड़की जो खुल कर जीने में विश्वास रखती है। जो कल में नहीं आज में भरोसा करती है। दीक्षा का कहना है कि ज़िन्दगी एक बार ही मिलती है तो जियो भी ऐसे जैसे एक बार ही मिली है। दीक्षा को बचपन से हर बात के पीछे का क्यों पता करना होता था और इसी क्यों ने उसके अंदर लिखने का शौक पैदा किया। सजना, संवरना तो हर लड़की का शौक होता है उसके साथ ही दीक्षा को नृत्य का, कविताएं लिखने का और तरह तरह के व्यंजन बनाने का शौक है।