‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने समझाया Story Telling का महत्व

‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने समझाया Story Telling का महत्व
▶️ पीएम मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम के माध्यम से दो गज दूरी की अहमियत समझाई है
▶️ कार्यक्रम में पीएम ने बताया कि इस समय पूरी दुनिया परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, और साथ ही ये एक ऐसा समय रहा जिसने परिवार के सदस्यों को आपस में जोड़ा है
▶️ पीएम ने कहा कि कई सारी वेबसाइट ऐसी हैं जो कहानियों को काफी मान्यता देती है, औऱ बच्चों के लिए Story telling का महत्व समझना ज़रूरी है

PM Modi Man Ki Baat Video: महीने के आखिरी शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित करते हैं। कोरोना काल (Corona Padamic) की शुरूआत से ही पीएम मोदी दो गज की दूरी पर दबाव डालते आए हैं। औऱ एक बार फिर पीएम मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम (Radio Show “Man Ki Baat“) के माध्यम से दो गज दूरी की अहमियत समझाई है।

पीएम मोदी ने की “मन की बात”

प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने कर्यक्रम में बताया की इस समय पूरी दुनिया परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, और साथ ही ये एक ऐसा समय रहा जिसने परिवार के सदस्यों को आपस में जोड़ने का काम किया सभी एक दूसरे के करीब आए। परिवर्तन के इस दौर में दो गज की दूरी (Social Distancing) बहुत ज़रूरी है। और आगे भी ये हमारी ज़रूरत बनकर रहेगी।

पीएम ने बताया कहानी सुनाने का महत्व

पीएम मोदी ने Story Telling का भी महत्व बताया। उन्होने कहा कि, इस संकट की घड़ी में सभी अपने- अपने घर पहुंच गए थे ऐसे में परिवार के लिए ये चुनौती थी कि साथ में कैसे रहा जाए, कैसे समय बिताया जाए। आगे पीएम (PM Modi) ने कहा कि जैसे भी हम इस संकट की घड़ी में रहे हैं हमारी परंपराओं को आगे बढ़ाया गया है। इसके साथ ही हर परिवार में एक बुजुर्ग या कोई बड़ा व्यक्ति ज़रूर होता है जो इस संकट की घड़ी में परिवार को कहानियाँ सुनाया करते थे। जिससे घर में ऊर्जा का वास होता है।

पीएम ने सुनाई अपने शुरूआती दिनों की कहानी

प्रधानमंत्री (Prime Minister Narendra Modi) ने अपनी पुरानी बातों को याद करते हुए कहा कि मैं शुरुआती जीवन में बच्चों से मिलने जाता था और उन्हे कहानी सुनाया करता था, औऱ उनसे भी कहता था कि वो भी मुझे कहानी सुनाएं। पीएम ने कहा कि मैं बहुत घुमता था, हर दिन नया गाँव, नए लोगों से मिलना ही मेरी जिंदगी थी।

इस घुमने वाली जिंदगी में एक बात जो सामान्य थी वो ये थी कि  मैं जहां भी जाता था वहां बच्चों से जरूर मिलता था और उनसे बातें करता था, इसी बीच मैं बच्चों से कहा करता था कि चलो भाई कोई कहानी सुना दो। ऐसे में बच्चे कहा करते थे नहीं नहीं हम कहानी नहीं चुटकुला सुनायेंगे। इसका अर्थ ये था कि उनका जीवन चुटकुलों में सिमट गया था कहानी से उनका कोई परिचय नहीं था।

Storytelling पर चल रहा है काम

पीएम ने कहा कि कई सारी वेबसाइट ऐसी हैं जो कहानियों को काफी मान्यता देती है। इसके अलावा The Indian storytelling network के जरिये अलग-अलग शहरों में भी story tellers का network तैयार हो रहा है। इस तरह से बच्चे कहानियों से जुड़ सकते हैं। और ये जो समय था वो बच्चों को कहानियों से जोड़ने का काफी अच्छा समय था।

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Mahima Nigam

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महिमा एक चंचल स्वभाव कि लड़की है और रियल लाइफ में खेलकूद करने के साथ इन्हें शब्दों के साथ खेलना भी काफी पसंद है। बता दें कि इस वेबसाइट को शुरू करने का सपना भी महिमा का है और उसे मंज़िल तक पहुंचाने का भी। उम्मीद करते हैं कि आप साथ देंगे