अटल टनल की शिलान्यास से उदघाटन तक की पूरी कहानी

अटल टनल की शिलान्यास से उदघाटन तक की पूरी कहानी
▶️ आज प्रधानमंत्री मोदी ने हिमांचल प्रदेश के रोहतांग स्थित अटल टनल का शुभारंभ किया
▶️ 26 मई 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रखी गई थी आधारशिला, दिसंबर 2019 में मोदी सरकार ने सुरंग का नाम ‘अटल सुरंग’ रखने का लिया था फैसला
▶️ सुरंग के शुभारंभ से सेना को होंगे कई फायदे, मनाली से लेह तक की यात्रा 46 किलोमीटर कम हो जाएंगी

Atal Tunnel Rohtang Inauguration: उत्तर भारत का पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश (Himanchal Pradesh) जहां परिवहन मार्गों की स्थिति अच्छी ना होने के कारण सैन्य बलों और आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। भारी बर्फबारी होने के कारण करीब 6 महीनों तक सड़कें बंद रहती थी। इन कई समस्याओं का समाधान आज अटल सुरंग का शुभारंभ होते ही हो गया है। आइए जानते हैं सुरंग के शिलान्यास व उद्घाटन तक की पूरी कहानी!

Pm Modi Inaugurates Atal Tunnel in Rohtang

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अटल सुरंग’ का किया शुभारंभ

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश के रोहतांग पहुंचे। जहां उन्होंने 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे बड़ी सुरंग ‘अटल सुरंग (PM Modi Inaugurates “Atal Tunnel in Rohtang Himachal Pradesh”)’ का उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, आज केवल अटल जी का ही नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ। अब यात्रियों को यात्रा करने में कम समय लगेगा। हमारे सैन्य बलों को सामान की आवाजाही में आसानी होगी।

Pm Modi Inaugurates Atal Tunnel in Rohtang

सुरंग का नाम ‘अटल सुरंग’ क्यों रखा गया

9.2 किमी की अटल सुरंग को बनने में करीब 10 साल का समय लगा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर दुनिया की सबसे लंबी सुरंग का नाम अटल सुरंग (World’s Longest Tunnel is Atal Tunnel) ही क्यों रखा गया? दरअसल 26 मई 2002 को अटल बिहारी बाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की सरकार द्वारा सुरंग बनाने की आधारशिला रखी गई। दिसंबर 2019 में मोदी सरकार द्वारा फैसला लिया गया की रोहतांग में बनी इस सुरंग का नाम अटल सुरंग रखा जाएगा।

Pm Modi Inaugurates Atal Tunnel in Rohtang

अटल सुरंग में क्या है खास

10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी अटल सुरंग केवल दूरी के आधार पर ही खास नहीं है। बल्कि इस सुरंग को बनाने की तकनीक, सुरंग के भीतर की सुविधाएं सुरंग को बेहद खास बनाती है।

  1. सुरंग लाहौल स्पीति के रोहतांग में समुद्र तल से 10 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
  2. सुरंग की चौड़ाई 10.5 मीटर, 10 मीटर ऊंचाई है।
  3. सुरंग को बनाने में कुल 35000 करोड़ की लागत लगी।
  4. सुरंग के भीतर हर 60 मीटर की दूरी पर एक अग्निशामक लगा है।
  5. सुरंग के भीतर हर 150 मीटर की दूरी पर एक टेलीफोन लगा है।
  6. सुरंग के भीतर हर 250 मीटर की दूरी पर सीसीटीवी कैमरा लगा है।
  7. सुरंग के भीतर हर 500 मीटर की दूरी पर आपातकालीन निकास सुविधा उपलब्ध है।
  8. सुरंग के भीतर हर 1 किलोमीटर की दूरी पर हवा की गुणवत्ता निगरानी सुविधा उपलब्ध है।
  9. सुरंग के हर 2.2 किलोमीटर की दूरी पर मोड़ है।
  10. सुरंग के भीतर वाहनों की स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
  11. सुरंग के दोनों प्रवेश द्वारों को बौद्ध शैली में बेहद ही आकर्षक बनाया गया है।
Pm Modi Inaugurates Atal Tunnel in Rohtang

अटल सुरंग बनने से फायदे

  1. सुरंग मनाली को लाहौल स्पीति और लेह-लद्दाख (Leh-Ladakh) से जोड़ेगी।
  2. सुरंग के बनने से मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी।
  3. लेह-लद्दाख सरहद पर साल भर वाहनों की आवाजाही बनी रहेगी। इससे पहले बर्फबारी के कारण 6 महीने तक संपर्क टूट जाता था।
  4. सुरंग के बनने से सेना को सबसे ज्यादा मजबूती मिलेगी। सेना सीमा तक जल्दी पहुंच पाएगी।
  5. भीषण बर्फबारी के समय भी सरहद तक सैनिकों के लिए सामान पहुंचाना आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।
  6. भारी-भरकम सामान ले जा रहे वाहन भी आसानी से सुरंग से गुजर सकेंगे।
  7. सुरंग से यात्रा कर रहे यात्रियों का सफर सुरक्षित रहेगा। अक्सर पहाड़ी इलाकों से वाहनों की दुर्घटना की खबरें सामने आती है।

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Manoj Thayat

Manoj Thayat

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