21 सितंबर से स्कूल खोलने को लेकर अभिभावकों ने जाहिर की नाराज़गी, बोला नहीं भेजेंगे बच्चों को स्कूल

21 सितंबर से स्कूल खोलने को लेकर अभिभावकों ने जाहिर की नाराज़गी, बोला नहीं भेजेंगे बच्चों को स्कूल
▶️स्कूल खुलने से खुश नहीं हैं अभिभावक, 80 फिसदी पैरेंट्स बच्चों को नहीं भेजना चाहते स्कूल
▶️80 से 85 फिसदी अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चों की बढ़ाई ऑनलाइन क्लास के माध्यम से ही हो
▶️एक दिन में केवल 10 से 11 छात्र ही स्कूल आ सकते हैं इसमें हर दिन अलग-अलग विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा

Schools Reopening In India: अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते ही अब स्कूलों को भी खोलने की इजाज़त मिल गई है। सभी स्कूल छात्रों को बुलाने के लिए तैयारियां कर रहे हैं। कैसे बच्चों में सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे और कोरोना (Corona Virus) का खतरा ना बढ़े इसके लिए तमाम तैयारियां की जा रही हैं। लेकिन कुछ अभिभावक ऐसे भी हैं जो अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं।

अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से किया मना

Schools reopening today

जानकारी के अनुसार कई जगहों पर 21 सितंबर से उन इलाकों के स्कूलों को खोलने की इजाज़त दे दी गई है जहां कोरोना का खतरा नहीं है। लेकिन राजधानी पटना (Patna Bihar) से ये जानकारी मिली है कि, वहां के करीब 80 से 85 फीसदी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से मना कर रहे हैं। औऱ वो चाहते हैं कि उनके बच्चों की बढ़ाई ऑनलाइन क्लास (Online Classes) के माध्यम से ही हो।

केवल मार्गदर्शन के लिए खोला जा रहा है स्कूल

आपको बता दें कि अभी स्कूलों को पूरी तरह से नहीं खोला गया है बल्कि फिलहाल केवल मार्गदर्शन के लिए ही स्कूल खोले जा रहे हैं। जिसमें छात्र स्कूल जाकर अपने अध्यापकों से पढ़ाई में आ रही समस्या का समाधान कर सकें। ऐसे में राजधानी पटना ने सभी अभिभावकों से इस बारे में राय मांगी, जिसमें से 80 फिसदी अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया।

एक दिन में केवल 10 से 11 छात्रों को स्कूल आने की इजाज़त

वैसे तो 80 फिसदी अभिभावकों ने अपने बच्चों को कोरोना काल (Schools Reopen In Corona Padamic) में स्कूल भेजने से मना कर दिया है, लेकिन फिर भी स्कूलों की तरफ से डाउट क्लास अरेंज करवाई गई है। जहां यदी किसी बच्चे को बढ़ाई में कोई दिक्कत आ रही है औऱ वो अपने अध्यापक से मिलना चाहता है तो वो स्कूल आ सकता है।

जानकारी के अनुसार डाउट क्लास (Schools Open For Doubt Classes) का शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिसमें एक दिन में केवल 10 से 11 छात्र ही स्कूल आ सकते हैं। इसमें हर दिन अलग-अलग विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। यानि की अगर आज आप स्कूल गए हैं तो कल दोबारा आप स्कूल नहीं जा सकते हैं। डाउट क्लास के लिए स्कूल में 50 फिसदी अध्यापक मौजूद होंगे।

स्कूल जाना खतरों से खाली नहीं

आपको बता दें कि अभिभावकों का कहना है कि, अभी कोरोना काल चल रहा है ऐसे में बच्चों को स्कूल भोजना खतरों से खाली नहीं है। बच्चे अपने दोस्तों के साथ स्कूल जाएंगे मिलना-जुलना होगा ये कोरोना की समस्या को बढ़ाने जैसा हो सकता है। वहीं कुछ अभिभावकों का कहना है कि स्कूल करीब 6 महीने से बंद है ऐसे में धूल-मिट्टी से बच्चों को खांसी ज़ुकाम हो सकता है, ऐसे में ऑनलाइन क्लास ही बेहतर साधन है।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।