अगर आप भी करते हैं दर्द में pain killers का सेवन तो नुकसान जान बाहर फेंक देंगे दवाइयां

अगर आप भी करते हैं दर्द में pain killers का सेवन तो नुकसान जान बाहर फेंक देंगे दवाइयां
▶️ Painkiller Dangerous Sideeffects: पेन किलर्स के प्रयोग से हो जाती है डिप्रेशन की प्रॉब्लम, अगली बार इस्तेमाल करने से पहले एक बार ज़रूर सोचें
▶️ नुकसान पहुंचाती है क्रॉनिक दर्द में दी जाने वाली है सारी दवाईयां, शरीर को पहुंचता है बेहद नुकसान
▶️ब्रिटेन की एक रिसर्च में किया गया है दावा केवल डॉक्टर के परामर्श के बाद ही करना चाहिए पेन किलर्स का उपयोग

Painkiller Dangerous Sideeffects: शरीर में दर्द होने पर हम मुख्य रूप से pain killers का उपयोग करते हैं और कभी-कभी बिना डॉक्टर की सलाह के भी ये दवा लेते हैं। दर्द की दवाइयों में paracetamol, ibufrofin, Aspirine जैसी ना जाने कितनी ही दवाइयों से हम परिचित हैं, औऱ इसका इस्तेमाल भी करते हैं। पर इनका शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव को शायद ही कभी देखते हैं।

हाल ही में ब्रिटेन के National Institute for Health and Care Excellence (NICE) ने एक रिसर्च में दावा किया है और गाइडलाइन पास करते हुए कहा है कि डॉक्टर इन दवाइयों को क्रॉनिक पेन में लेने की सलाह ना दें।

Painkiller Dangerous Sideeffects: NICE ने किया है अपनी रिसर्च में यह दावा

हाल ही में NICE ने अपनी रिसर्च में दावा करते हुए कहा है कि मुख्य तौर पर पेन किलर (Painkiller Sideeffect In Hindi) शरीर को कितना फायदा पहुंचाती हैं यह पता नहीं लग पाया है लेकिन उसकी तुलना में उनके नुकसान काफी अधिक हैं। यह सर्वे ब्रिटेन की क्रॉनिक पेन (Britain Chronic Pain Survey)से प्रभावित एक तिहाई आबादी पर किया गया जिसमें अलग-अलग प्रकार के प्रभाव सामने आए हैं।

Painkiller Dangerous Sideeffects

• क्रॉनिक पेन (Chronic Pain Syndrome) में इन दवाइयों को लेने से इनकी लत लग जाती है और एक समय आने पर यह आपके शरीर में असर करना बंद कर देती है। और इंसान इसका आदि हो जाता है।
• दवाइयों के निरंतर इस्तेमाल से व्यक्ति मानसिक तनाव (Mental Stress) लेने लगता है और धीरे-धीरे ये तनाव जीवन का एक हिस्सा बन जाता है और इंसान डिप्रेशन (Painkiller Cause Depression) का शिकार हो जाता है। यह बीमारी कई लोगों में देखने को मिली जो इन दवाइयों का उपयोग के रहे थे।
• इन दवाइयों (Painkiller Dangerous Sideeffects) के लगातार सेवन से कई लोग अपने रोजमर्रा के काम करने में भी असमर्थ हो गए हैं।
• क्रॉनिक पेन (Chronic Pain Syndrome) से जूझ रहे दूसरे लोगों को Antidepressants दवाइयां लेने की सलाह दी गई है। जो इनकी तुलना में कई गुना बेहतर है।

NICE की गाडलाइंस के हिसाब से हमें pain killers जैसे paracetamol, spirin, Ibuprofen, Benzodiazepines जैसी दवाओं से दूरी बनानी चाहिए क्रॉनिक पेन में केवल डॉक्टर के परामर्श के हिसाब से ही दवाइयों का सेवन करना चाहिए। क्रॉनिक पेन (Chronic Pain Research) ज्यादा रिसर्च किया जाना चाहिए जिससे कि इसे बर्दाश्त करने के और कंट्रोल करने के तरीके खोजें जा सकें।

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Diksha Gupta

Diksha Gupta

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