नवरात्रि 2020: पांचवे दिन जानिए, कभी विवाह नहीं करने वाले थे भगवान शिव फिर कैसे हुई स्कंदमाता से शादी

नवरात्रि 2020: पांचवे दिन जानिए, कभी विवाह नहीं करने वाले थे भगवान शिव फिर कैसे हुई स्कंदमाता से शादी
▶️नवरात्रि के पांचवे दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है इनके पूजा से कार्तिकेय जी की भी पूजा हो जाती है
▶️शास्त्रों के अनुसार स्कंदमाता की पूरे विधि-विधान से पूजा करने पर मनवांछित फल प्राप्त होता है
▶️पूजा के समय ‘या देवी सर्वभू‍तेषु स्कंदमाता रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:’ मंत्र के उच्चारण से संतान सुख की प्राप्ति होती है

Navratri 2020 Fifth Day: आज नवरात्रि का पांचवां दिन है और पांचवे दिन (5th day Of Navratri 2020) मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार स्कंदमाता (Worship Of Maa Skandamata) की पूरे विधि-विधान से पूजा करने पर मनवांछित फल प्राप्त होता है, इसके अलावा मां की पूजा करने वाले भक्त को संतान सुख की प्राप्ति भी होती है।

स्कन्दमाता की पूजा करने से दूर होती है संतान संबंधित परेशानी

स्कन्दमाता की सवारी शेर है इनकी पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही माता संतान से संबंधित दुखों को भी हर लेती हैं और वंश आगे बढ़ाती हैं। स्कन्दमाता (Skandamata Devi Ki Katha) की पूजा करने से भगवान कार्तिकेय की पूजा अपने आप हो जाती है क्योंकि उनकी गोद में कार्तिकेय बैठे रहते हैं।

देवी स्कंदमाता की पूजा विधि

5th day Of Navratri 2020: Today Devi Skandamata is worshiped

नवरात्रि के पांचवें दिन (5th Day Of Navratra) स्कंदमाता की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान स्कंदमाता सहित सभी देवी-देवताओं की भी पूजा करें। स्कंदमाता की पूजा के समय दुर्गा सप्तशती का पाठ (Durga Saptsati Path) ज़रूर करें। उसके बाद स्कन्दमाता का मंत्र (Devi Skandamata Manta) ‘या देवी सर्वभू‍तेषु स्कंदमाता रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:’ का उच्चारण करें।

पूजा की कथा

कहते हैं तारकासुर (Tarkasur) ब्रह्मा जी को खुश करने के लिए कठोर तप करने में लगा हुआ था जिसके बाद ब्रह्मा जी प्रसन्न हो गए औऱ तारकासुर को दर्शन देने के लिए प्रकट हो और तब ब्रह्मा जी ने राक्षस तारकासुर से वरदान मांगने के लिए कहा इसके बाद तारकासुर ने ब्रह्मा जी से अमर होने का वरदान मांगा।

तब ब्रह्मा जी ने राक्षस तारकासुर से कहा कि ये संभव नहीं है इस धरती पर जन्मे हर शख्स को एक ना एक दिन मरना ही होता है फिर तारकासुर ने कहा कि आप मुझे ऐसा वरदान दें कि केवल भगवान शिव (Lord Shiva) का पुत्र ही मुझे मार सके। तारकासुर ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उसे लगता था कि भगवान शिव कभी विवाह ही नहीं करेंगे तो पुत्र कैसे होगा।

ब्रह्मा जी ने उसे ये वरदान दे दिया। वरदान मिलते ही तारकासुर पूरे संसार पर रौब चलाने लगा लोगों पर अत्याचार करने लगा जिसकी खबर सभी देवताओं ने मिलकर भगवान शिव को दी। जिसके बाद भगवान शिव ने पार्वती जी से विवाह कर लिया और तब भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय (Kartikeya, son of Lord Shiva) ने जन्म लिया औऱ बड़े होकर कार्तिकेय ने तारकासुर का वध कर दिया।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।