अब पत्रकार भी नहीं रहे स्वतंत्र, बेबाक बोली के कारण अपराधी ले सकते हैं जान

अब पत्रकार भी नहीं रहे स्वतंत्र, बेबाक बोली के कारण अपराधी ले सकते हैं जान
▶️अब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाली मीडिया के बेबाक पत्रकार भी स्वतंत्र नहीं रह सकते
▶️पत्रकारों के लिए बेबाक बोलना बन सकता है जान का खतरा, अपराधी उतार सकते हैं मौत के घाट
▶️पत्रकार बलराम का शव मांडू में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट इलाके की बागमती नदी में पाया गया है

देश,विदेश में हालात इस तरह से नाज़ूक हो चले हैं कि अब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाली मीडिया के बेबाक पत्रकार (Journalist Murder News) भी स्वतंत्र नहीं रह सकते। कहा जाता है कि मीडिया को हर मामले स्वतंत्र रूप से दिखाने के लिए जाना जाता है, लेकिन वो स्वतंत्र पत्रकार कैसे खूलकर अपने विचार रखें जिन्हे स्वतंत्र बयान देने के लिए ही खून से रंग दिया जाता है। जी हां…ऐसा ही कुछ हुआ है काठमांडू नेपाल (Rui Goan Kathmandu Nepal) के गांव रुई में, जहां एक पत्रकार (Nepali Journalist Murdered) की हत्या कर दी गई है।

पत्रकारिता ने ले ली जान

बता दें कि नेपाल के एक पत्रकार को उसका बेबाक बोलना भारी पड़ गया और उसके शरीर को खून से रंग दिया गया। नेपाली पत्रकार का नाम बलराम बनिया (Nepali Journalist Balram Baniya Murder) है जिसकी संदिग्ध हालत में शव मिला है। दरअसल पत्रकार का शव मांडू में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट इलाके (Baghmati River Near Hydro Power Project Area) की बागमती नदी में पाया गया है जहां से पुलिस ने शव को बाहर निकाला है।

Nepali Journalist Murdered

नेपाली अखबार की रिपोर्ट

इस पूरे मामले में नेपाली अखबार हिमालयन टाइम्स (Nepali Newspaper Himalayan Times Report) ने एक रिपोर्ट साझा की है। इसपर नजर दौड़ाएं तो इसके अनुसार मकवान जिला पुलिस कार्यालय के एक प्रवक्ता ने पत्रकार बलराम बनिया (Nepali Journalist Balram Baniya Murder) की मौत हो गई है और नदी में शव पड़ा हुआ है इस बात की जानकारी दी गई। जिसके बाद शव को निकालकर जांच के लिए भेजा गया है।

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