पुलिस-कर्मचारी भी अच्छे हैं, उनके कुछ विशेष फर्ज है

पुलिस-कर्मचारी भी अच्छे हैं, उनके कुछ विशेष फर्ज है
▶️ 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में चीनी सैनिक द्वारा मारे गए पुलिसकर्मियों की याद में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक दिवस मनाया जाता है
▶️ 2018 में आज ही के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों की याद में बनाए गए राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देश को समर्पित किया था
▶️ आज प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गृह मंत्री समेत पूरा राष्ट्र पुलिस जवानों शहादत और पराक्रम को सलाम कर रहा है

National Police Memorial Day 2020: पुलिस, इस शब्दों को सुनते ही आप क्या सोचते है? अधिकतर लोगों का जवाब होगा, जो देश के अंदर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के साथ समाज को चलाते हैं। याद कीजिए जब आप बाइक चलाते समय यातायात के नियमों को पालन नहीं करते हैं और पुलिस द्वारा आपका चालान काट लिया जाता है। तब आप पुलिस जवानों के बारे में अंतर्मन से क्या कहते हैं? सोचिए, इस प्रश्न का जवाब आप पर छोड़ा जाता है। पुलिस पर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं। सच्चाई तो यह है कि हमारे देश में पुलिस जवानों को एक नकारात्मक भाव से देखा जाता है। आज पुलिस दिवस (National Police Day) के अवसर पर पुलिस जवानों के लेकर प्रस्तुत है विशेष लेख।

पुलिस वालों के जिन्दगी का भी अजब फ़साना हैं,
तीर भी चलाना है और परिन्दें को भी बचाना हैं.

National Police Memorial Day 2020

पुलिस दिवस

आजादी के बाद के शुरुआती वर्षों में पुलिस जवान समाज के साथ-साथ सरहद पर भी देश की रक्षा करते थे। 20 अक्टूबर 1959 के दिन में हमेशा के दिनों की भांति उत्तर-पूर्वी लद्दाख (North-East Ladakh) के हॉट स्प्रिंग्स नाम के स्थान पर पुलिस के जवान तीन टुकड़ियों में बंटकर सीमा की सुरक्षा, निगरानी और चौकसी कर रहे थे। दोपहर के समय दो टुकड़ियां कैंप पहुंच चुकी थी लेकिन तीसरी टुकड़ी कैंप नहीं पहुंची थी।

दूसरे दिन यानी 21 अक्टूबर 1959 को वापस नहीं लौटी टुकड़ी को ढूंढने के लिए एक विशेष दल गया। पुलिस दल जैसे ही आगे बढ़ रहा था चीन के जवानों द्वारा पहाड़ी से गोलियां चलाई और ग्रेनेड फेंके गए। इस हमले में 10 भारतीय पुलिस जवान मौके पर ही शहीद हो गए और सात घायल जवानों को चीनी सैनिक बंदी बना कर ले गए। कुछ सैनिक भागने में भी कामयाब रहे। 13 नवंबर 1959 के दिन चीनी सैनिकों द्वारा शहीद हुए 10 भारतीय सैनिकों का शव भारत को सौंपा गया। जनवरी 1960 में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों का सम्मेलन हुआ। इस सम्मेलन में लद्दाख में शहीद हुए और ऑन ड्यूटी जान गवाने वाले पुलिसकर्मियों के सम्मान में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस (21 Oct Celebrated as Police Memorial Day) मनाने का फैसला लिया गया।

National Police Memorial Day 2020

पुलिस के कुछ मजबूरियां, तो कुछ फर्ज भी है

कोरोना महामारी (Corona Padamic) के दौरान अब तक देश के 341 पुलिस जवानों ने अपनी जान गवां दी। आंकड़ों की बात करें तो अब तक भारत देश में 35,398 पुलिस जवानों ने शहादत दी है। पुलिस जवानों को समाज के अराजक तत्व को सजा भी देनी है और समाज के लोगों को बचाना भी है। उनके कुछ विशेष फर्ज भी है और कई मजबूरियां भी लेकिन अक्सर पुलिस जवानों की इस देश में आलोचना होती है।

जब इस देश के लोग घर में टीवी देखते हुए पुलिस द्वारा किसी बेटी को गुंडों से बचाने की खबर देखते हैं तो ये पुलिस की सराहना करते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि यही लोग जब समाज ए अराजकता फैलाते हैं और पुलिस द्वारा इनको रोका जाता है, तो यही लोग उन्हीं पुलिस जवानों के प्रति नकारात्मक बातें और आलोचना करने लगते हैं।

कोरोना में लोगों के लिए वरदान बनकर सामने आए पुलिसकर्मी

ऐसा तो नहीं था कि पुलिसकर्मियों को कोरोना (Corona virus) नहीं हो सकता था। जब पूरा देश कोरोना से डरकर घरों में समय बता रहा था। तब इस देश के पुलिसकर्मी बाहर निकल कर समाज की आवश्यक व्यवस्थाओं को चला रहे थे। पुलिसवालों द्वारा प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का काम किया गया। एक सर्वे के मुताबिक, 60% लोगों ने कहा कि पुलिसवालों ने उनके लिए खाने की व्यवस्था करवाई। 65% लोगों ने कहा कि पुलिसवालों ने उनके लिए दवाइयां उपलब्ध करवाई।

National Police Memorial Day 2020

पुलिस के जवानों ने लोगों को गुलाब देकर घर से बाहर न निकलने की अपील की। लोग अक्सर पुलिसवालों के व्यवहार से नाराज नजर आते हैं। वे लोग यह भूल जाते हैं कि ड्यूटी के समय मानवीय गुणों की अनुपस्थिति ही पुलिस को पुलिस बनाती है। पुलिस का मूल मंत्र ही भय पैदा करना होता है। लोकतांत्रिक भारत के भविष्य को अगर उज्जवल बनाना है तो पुलिस जवानों (Indian Police) का सम्मान और पुलिस का सहयोग करना बेहद जरूरी है।

‘The toss News’, आपके लिए इसी तरह की विशेष दिवस और जन्मदिवस विशेष रिपोर्ट लाते रहेगा।

पुलिस वालों पर ज़िम्मेदारी का सवाल होता हैं,
इन्हें खुद से ज्यादा दूसरों का ख्याल होता हैं.

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Manoj Thayat

Manoj Thayat

पत्रकारिता मनोज का जुनून है। इसी जुनून को जीने के लिए और अपने तरीके से ख़बरों को आप तक पहुँचाने के लिए मनोज The Toss News के साथ जुड़े हैं। मनोज को पढ़ने, लिखने और संवाद करने का बेहद शौक है। देश-दुनिया की ख़बरों को आप तक समय-समय पर पहुँचाना मनोज का लक्ष्य है। आप सभी रोज़ाना मनोज द्वारा लिखी गईं ख़बरें पढ़ सकते हैं और Comment में अपना Feedback भी दे सकते हैं।

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