11 लाख पेजों वाले दस्तावेज में छुपा हैं ‘दिल्ली दंगों का राज’, क्या सुलझेगी पहेली?

11 लाख पेजों वाले दस्तावेज में छुपा हैं ‘दिल्ली दंगों का राज’, क्या सुलझेगी पहेली?
▶️उमर ख़ालिद को कोर्ट ने भेजा 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में, सहयोगियों ने कहा ये गलत है
▶️दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दिल्ली दंगों के दस्तावेज से करेगी बड़े खुलासे, 11 लाख पेज वाले दस्तावेज से होगा उमर का सामना
▶️उमर खालिद से पुनः विस्तार में होगी पूछताछ, कई औऱ लोगों के नामों का हो सकता है खुलासा

Delhi Riots News 2020: इसी साल फरवरी में दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों में हिंसक दंगे हुए थे। इन दंगों ने कई लोगों की जान ले ली तो कई लोग घायल हो गए थे। तमाम लोगों के घर जला दिए गए थे। और अब जाकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दिल्ली दंगों से जुड़े 11 लाख पेजों के दस्तावेज में दिल्ली दंगों के अपराधियों की तलाश करेगी।

11 लाख पेजों के दस्तावेज से होगा ख़ालिद का सामना

बीते रविवार को स्पेशल सेल द्वारा लंबी पूछताछ के बाद पूर्व जेएनयू (JNU) छात्र नेता उमर ख़ालिद को दिल्ली दंगों का साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद उमर ख़ालिद को सोमवार कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया गया।

11 lakh pages on Delhi Riots to put Umar Khalid is prison

पेशी के दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोर्ट से उमर की 10 दिन की हिरासत मांगी। दिल्ली पुलिस के वकील द्वारा कोर्ट से कहा गया कि, दिल्ली दंगों से जुड़ी तमाम जानकारी वाली 11 लाख पेजों के दस्तावेज के आधार पर उमर से पूछताछ करना जरूरी है। जिसके बाद से उमर ख़ालिद 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में है।

दिल्ली पुलिस और उमर ख़ालिद के वकील का क्या है कहना?

उमर ख़ालिद (Umar Khalid) की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस और उमर खालिद के वकील द्वारा अपनी अपनी राय दी जा रही है। दिल्ली पुलिस के FIR के अनुसार, दिल्ली दंगे की साजिश उमर और 2 अन्य लोगों द्वारा रची गई थी। उमर ने सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण दिए थे। लोगों को सड़कों पर उतर कर हिंसक प्रदर्शन करने के लिए उकसाया भी था।

उमर खालिद के वकील के अनुसार, दिल्ली दंगों के समय यानि 23 से 26 फरवरी के बीच उमर दिल्ली में नहीं था। सोमवार को कोर्ट में दोनों पक्षों द्वारा बात रखने के बाद मात्र 15 मिनट में उमर को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। उनके अनुसार, उमर को पुलिस हिरासत (police custody) में नहीं भेजना चाहिए था क्योंकि दिल्ली दंगों की पूरी जांच के दौरान उमर ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का सहयोग किया है।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।