जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को रिहा करने के आदेश जारी, अगस्त 2019 में किया गया था नजरबंद

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को रिहा करने के आदेश जारी, अगस्त 2019 में किया गया था नजरबंद
▶️ पूर्व जम्मू कश्मीर मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को 8 दिन 14 महीने बाद मिली रिहाई
▶️ राज्य से 370 अनुच्छेद हटाने के बाद पीएसए के तहत 444 लोगों को हिरासत में लिया गया था
▶️ रिहा होते ही महबूबा मुफ्ती ने जारी किया ऑडियो संदेश, कहा- 370 हटाना अवैध फैसला था

J&K Ex CM Mehbooba Mufti Release Date | 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर राज्य से आर्टिकल 370 और 35ए निरस्त (Article 370 and 35A Abrogation) कर दिया गया था। इन कानूनों को हटाने के बाद घाटी में अशांति का माहौल उत्पन्न न हो, इसके लिए सरकार ने पहले ही कई कदम उठाए थे। प्रशासन द्वारा जन सुरक्षा अधिनियम (PCA) के तहत जम्मू कश्मीर के राजनीतिक नेताओं समेत 444 लोगों को हिरासत में लिया गया था। जिसमें महबूबा मुफ्ती को भी नजरबंद किया गया था।

14 महीनों बाद महबूबा मुफ्ती हुई ‘आजाद’

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को 2 केंद्रशासित (centre-ruled states) राज्यों में बांटने के साथ ही उसके विशेष राज्य होने के दर्जे को खत्म कर दिया गया था। 5 अगस्त को यह फैसला हुआ लेकिन सरकार द्वारा फैसले के एक दिन पहले यानी 4 अगस्त को ही जम्मू कश्मीर के कई लोगों को नजरबंद कर दिया गया था। इन्हीं नजरबंद लोगों में महबूबा मुफ्ती भी शामिल थी।

Mehbooba Mufti to be finally free from house arrest after 14 months of house arrest

जानकारी के लिए बता दें कि पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत किसी व्यक्ति को बिना किसी मुकदमे के कई बार हिरासत में लिया जा सकता है। इसी कानून के तहत शुरुआत में महबूबा मुफ्ती को उनके घर में ही हिरासत में रखा गया था। जिसे सरकार द्वारा ‘सहायक जेल’ (friendly jail) घोषित किया गया था। बाद में सरकार द्वारा महबूबा मुफ्ती की हिरासत अवधि को समय-समय पर बढ़ाया गया। आखिरकार 14 महीने और 8 दिन तक हिरासत में रहने के बाद महबूबा मुफ्ती को मंगलवार रिहा किया गया है।

रिहा होते ही महबूबा मुफ्ती ने दिया कड़ा संदेश

लंबे समय तक हिरासत में रहने के बाद महबूबा जब रिहा हुई तो उनके द्वारा एक ऑडियो संदेश (audio message) जारी किया गया। महबूबा अपने ऑडियो संदेश में कह रही हैं, “1 साल से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बाद मुझे रिहा किया गया है। 5 अगस्त के दिन आए काले कानून का फैसला मेरे दिल और रूह पर हर पल वार करते रहता है। मुझे यकीन है कि इसी तरह की स्थिति जम्मू कश्मीर में रहने वाले लोगों की भी रही होगी। महबूबा ने सरकार पर भड़कते हुए कहा कि सरकार ने जम्मू कश्मीर के लोगों की जो बेज्जती की है उसे लोग कभी नहीं भूलेंगे।

प्रशासन द्वारा जम्मू कश्मीर के राजनेताओं (politicians) में केवल महबूबा मुफ्ती को ही हिरासत में नहीं लिया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah), उनके पिता फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) समेत जम्मू कश्मीर के कई नेताओं को नजरबंद किया गया था। सरकार द्वारा धीरे-धीरे हिरासत में लिए गए नेताओं और लोगों को रिहा किया जा रहा है।

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Manoj Thayat

Manoj Thayat

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