केंद्र सरकार और ममता के बीच बढ़ी तकरार

केंद्र सरकार और ममता के बीच बढ़ी तकरार

बी जे पी अध्यक्ष जे पी नड्डा पर हुआ था हाल ही के पश्चिम बंगाल दौरे पर हमला

बी जे पी ने लगाये टी एम सी कार्यकर्ताओं पर आरोप

हमलारों के हाँथ पर थे टी एम सी के झंडे

इस जानलेवा हमले पर केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय)ने बंगाल सरकार से मांगी थी रिपोर्ट

बंगाल में नड्डा पर हुये हमले के बाद मोदी हुये काफी सख्त

तलब किये गये तीनों अधिकारीयों पर थी नड्डा के काफिले की पूरी जिम्मेदारी


Mamta Banerjee ने अपने तीनों प्रशाशनिक अधिकारीयों को केंद्र में भेजने से किया इंकार

अभी हाल में बी जे पी अध्यक्ष जे पी नड्डा (JP nadda) के बंगाल दौरे पर हुये हमले से पी एम मोदी और गृह मंत्री काफी नाराज़ और सख्त हैं । पहले गृह मंत्रालय ने इस बाबत बंगाल के मुख्य सचिव और डी जी पी को दिल्ली तलब किया, और उसके बाद केंद्र ने उन तीनों अफसरों को (आई पी एस ) दिल्ली तलब किया जिन पर जे पी नड्डा के काफिले को सुरक्षा देने की जम्मेदारी थी । मालूम हो की पिछले कई महीनों से टी एम सी कार्यकर्त्ता लगातार बी जे पी के पार्टी कार्यकर्ताओं पर लगातार हमलावर हो रहे हैँ, और अगर बी जे पी की माने तो कई कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्याओं me टी एम सी का ही हाँथ है।

बंगाल में आने वाले हैं विधानसभा चुनाव और बी जे पी बढ़ा रही अपना प्रभाव

बी जे पी आने वाले समय में बंगाल में ममता सरकार से सीधी टक्कर लेकर इस बार बंगाल में अपना परचम लेहराना चाह रही है, और बंगाल की कानून व्यवस्था को लेकर लगातार बी जे पी ने ममता सरकार को कटघरे में खड़ा किया है.. बी जे पी के बढ़ते जनाधार को देखते हुये, राजनैतिक प्रतिशोध में टी एम सी लगातार बी जे पी कार्यकर्ताओं पर हमला कर रही है ।
ममता ने अपने अधिकारिओं को भेजने से साफ किया इंकार केंद्र की और से अधिकारीयों को बुलाये जाने के बाद ममता और मोदी के बीच रार और बढ़ गयी है ।

इसको लेकर बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिख कर अवगत कराया है कि राज्य के आई पी एस अधिकारी को केंद्र सरकार अटैच नहीं कर सकता है । गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आई पी एस अधिकारी बंगाल कैडर के हैं और केंद्र ने उन्हें प्रति न्युक्ति के लिये बुलाया है ।
ये फैसला अखिल भारतीय सेवा में अधिकारीयों की नियमावली की तहत लिया गया है ।
इन अधिकारीयों को इसलिए बुलाया गया है, जो उन्होंने नड्डा की काफिले की सुरक्षा को लेकर बड़ी चूक करी है ।


हालांकि, नियमानुसार यदि केंद्र सरकार राज्य की किसी अधिकारी को केंद्र बुलाती है तो पहले उसे राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी । लेकिन इस बार इस मामले में केंद्र सरकार ने सख्त रूल को अपनाया है और किसी भी कीमत पर ढिलाई के मूड में नहीं है।
अब देखना है कि ममता के इस तेवर को मोदी दबाते हैँ और केंद्र अपनी शक्तियों को लागू करता है ।
ऐसे ही तमाम अपडेट्स के लिये बने रहिये हमारे साथ ।
The Toss News पर..

Pankaj Nigam

Pankaj Nigam

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *