2020 में भारतीय मनाएगा हिंदुस्तानी रक्षा बंधन, ज़्यादा पैसे देकर भी ग्राहक खरीदना चाहता है ‘Made In India’ राखी

2020 में भारतीय मनाएगा हिंदुस्तानी रक्षा बंधन, ज़्यादा पैसे देकर भी ग्राहक खरीदना चाहता है ‘Made In India’ राखी
▶️ Made In India Rakhi: सीएआईटी (CAIT) का छोटे पैमाने के उद्योग से आग्रह, भारतीय वस्तुओं का उपयोग कर राखी बनाएं।
▶️हर साल ₹ 6,000 करोड़ का व्यापार भारत में रक्षा बंधन (Rakshabandhan Festival) के त्योहार पर किया जाता है जिसमें से चीन का होता है 4 हज़ार करोड़ा का योगदान
▶️बाजार में इस बार लोग कर रहे हैं बस ‘मेड इन इंडिया’ राखी (Made In India Rakhi) की मांग

भारत और चीन के बीच लद्दाक बॉर्डर पर हुई झड़प (India-China Clash के बाद देश की सरकार और भारत वासियों नें चीनी वस्तुओं का बहिष्कार (Bycott Chinease Product) करने का फैसला कर लिया है। भारत के इस कदम से चीन पर आर्थिक रूप से दबाव डाला जा सकता है और हाल ही में ऐसे कई बड़े फैसले लिए गए हैं जिससे चीन को आर्थिक तौर पर काफी बड़े झटके लगे हैं।

इसी कड़ी में भारतीयों में चीन के सबक सिखाने के लिए एक और कदम आगे बढ़ाया है जिससे उन्हें काफी बढ़ा नुकसान पहुंच सकता है। जी हां, 2020 में आने वाले रक्षा बंधन (Rakshabandhan Festival) के त्योहार पर चीन द्वारा बनाई गई राखी या राखी से संबंधित किसी भी चीनी उत्पाद का उपयोग नहीं किया जाएगा। यहां तक भारतीय खरीदादार भी मेड इन इंडिया प्रोडक्ट (Made In India Rakhi) की ही मांग कर रहे हैं।

made in india rakhi

Made In India Rakhi: क्या कहना है राखी बेचने वाले दुकानदार का

न्यूज़ एजेंसी एएनआई (News Agency ANI) से राखी के बाज़ार का हाल बताते हुए एक गुजरात के अहमदाबाद (Ahamdabad Gujrat) के एक दुकानदार ने इस बात का दावा किया कि इस बार चाइनीज राखियों (Chinease Rakhi) की मांग में कमी आई है।

rakhi 2020 messages

इस मामले में एक दुकानदार का कहना है कि”हम सभी चीन के द्वारा की गई हरकतों से काफी ज़्यादा नाखुश हैं। यही वजह है की इस साल बाज़ार में आने वाले ग्राहक चीनी के बजाय भारतीय उत्पादों की मांग कर रहे हैं। यहां तक वो इसके लिए थोड़ा अधिक पैसे देने को तैयार हैं।

नहीं होगा रक्षा बंधन में चीन का फायदा

आपको बता दें कि हर भारत में चीन द्वारा बनाई गई राखियों (Chinease Rakhi news) को बड़ी मात्रा में इम्पोर्ट किया जाता था। जिससे चीन को आर्थिक रूप से बड़ा फायदा होता था। CAIT के द्वारा साझा की गई जानकारी में एक अनुमान के अनुसार रक्षा बंधन (Rakshabandhan Festival) के त्योहार के समय भारत में हर साल 6,000 करोड़ का व्यापार होता है जिसमें अकेले चीन का 4,000 करोड़ का योगदान होता है।

लेकिन इस बार पूरी तरह से हिंदुस्तानी राखी का इस्तेमाल किया जाएगा। इतना ही नहीं CAIT बॉर्डर पर तैनात देश की रक्षा करने वाले भारतीय सैनिकों के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) को 5,000 से अधिक राखियां भी सौंपेगा।

कितना माल होता है चीन-भारत के माल का इंपोर्ट-एक्सपोर्ट?

गलवान घाटी (Galwan ghati clash) में भारत और चीन के सैनिकों के साथ हुई झडप (India-china Clash) कें दौरान 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद देश भर में चीनी उत्पादों या कंपनियों का बहिष्कार हो रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में कई टीवी सेट, फोन और अन्य चीनी उत्पादों को बॉयकॉट (Bycott China) किया है गया। सोशल मीडिया पर #boycottChineseproducts ट्रेंड्स भी हुए है।

बता दें कि भारत अपने कुल एक्सपोर्ट का 8% चीन को भेजता है, तो वहीं चीन केवल अपने कुल एक्सपोर्ट का 3% भारत को देता है। यदि मौजूदा समय की बात की जाए तो, भारत चीन से लगभग 5.25 लाख करोड़ का माल आयात करता है।

चीन ने इन निम्न क्षेत्रों में अपना योगदान भारत में दिया है:

  • ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री (Automobile Industry) का 40%,
  • मेटलर्जिकल इंडस्ट्री (Matallurgical Industry) का 17%,
  • पॉवर (Power) का 7%,
  • कंस्ट्रक्शन (Construction) का 5% और
  • सेवाएं (Services) का 4%

Bycott Chinease Product से कितना होगा चीन के नुकसान?

कॉस्मेटिक उत्पादों (Cosmatic Products) से लेकर अन्य चीनी सामानों के बहिष्कार तक, चीनी सामानों के आयात में 13 बिलियन डॉलर (13 billion Dollar) की कटौती हो सकती है। व्यापार संस्था ने भारतीय खेल और फिल्म हस्तियों (Indian Sport & Flim Stars) को भी चीनी कंपनियों को दिए गए उनके समर्थन को रद्द करने का आह्वान किया। बता दें कि देश भर में सीएआईटी 60 मिलियन व्यापारियों (60 Million Merchant) का प्रतिनिधित्व करता है।

आगे की खबर के लिए बने रहे The Toss News के साथ

ये भी पढ़े :

Mahima Nigam

Mahima Nigam

महिमा एक चंचल स्वभाव कि लड़की है और रियल लाइफ में खेलकूद करने के साथ इन्हें शब्दों के साथ खेलना भी काफी पसंद है। बता दें कि इस वेबसाइट को शुरू करने का सपना भी महिमा का है और उसे मंज़िल तक पहुंचाने का भी। उम्मीद करते हैं कि आप साथ देंगे