प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार का तोहफ़ा, अब बेहद कम दामों में मिलेगा किराए का घर

प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार का तोहफ़ा, अब बेहद कम दामों में मिलेगा किराए का घर
▶️शहर में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों को घर देने की योजना पर अब काम चालू हो गया है
▶️योजना के तहत सभी मजदूरों को शहर में सस्ते दामों पर घर मिल सकेगा और शहर में उनका गुज़ारा आसानी से हो सकेगा
▶️मजदूरों को एक हजार से तीन हजार के बीच अच्छा किराए का घर मिल सकेगा

Low Cost Houses For Migrant Labourers | कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन का सबसे ज्यादा मार किसी को लगी है तो वो हैं प्रवासी मजदूर। गांव से शहर में पेट पालने आने वाले प्रवासी मजदूरों को लॉकडाउन (lockdown) के समय काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। रोजगार ठप पड़ने के कारण एक-एक मजदूर दाने-दाने को मोहताज हो गया था। ना रहने का ठिकाना था और ना ही खाने का, जिसके कारण सभी प्रवासी मजदूर अपने गांव लौट गए थे।

मजदूरों को मिलेगा सस्ते दामों पर किराए का घर

लेकिन अब जो मजदूर अपनी अजीविका चला रहे हैं उन्हें रहने खाने की दिक्कत ना हो इसके लिए प्रवासी मजदूरों को घर देने की योजना पर अब काम चालू हो गया है। इस योजना के तहत सभी मजदूरों को शहर में सस्ते दामों पर मिल सकेगा और शहर (cities) में उनका गुज़ारा आसानी से हो सकेगा।

Government offers low rent houses for migrant labourers

आपको बता दें कि आवास और शहरी विकास मंत्रालय (Urban Development Ministry) इसके लिए दो मॉडल पर काम कर रही है। ये योजना 31 जुलाई को ही शुरू हो गई था औऱ जल्द से जल्द इससे मजदूरों को लाभ पहुंचाया जा सके। मोदी सरकार इस योजना के लिए ऐड़ी-चोटी के दम से काम कर रही है।

अब शहर में गुज़ारा करना होगा आसान

इस योजना के लिए मंत्रालय दो मॉडलों पर काम कर रही है। जिसमें से पहला ये है कि शहरों में सरकारी पैसे से जो आवास बने हुए हैं उन्हें अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (housing complex) में तबदील किया जाए। ऐसा करने से जो भी ज़रूरतमंद मजदूर हैं उन्हे एक हजार से तीन हजार के बीच अच्छा किराए का घर मिल सकेगा।

आपको बता दें कि कोई इसे जबरदस्ती खाली भी नहीं करवा सकता क्योंकि ये घर 25 वर्षों के लिए अलॉट किए जाएंगे। इन्हें लोकल बॉडीज के हाथों में दे दिया जाएगा।

दूसरा मॉडल भी है शानदार

मंत्रालय ने दूसरे मॉडल के अनुसार निजी और सार्वजनिक संस्थानों पर उनकी खाली पड़ी जमीनों को भी किराए के घर के लिए बदला जाएगा। और यहां भी घर बनाए जाएंगे। इसके अलावा यदी कहीं फैक्ट्री है और उसके आस-पास कहीं जमीन खाली पड़ी है तो उसे प्रवासी मजदूरों के लिए कॉम्प्लेक्स में बदल दिया जाएगा।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।