Teacher’s day: स्टूडेंट हैं तो जान लें भारत के इन महान शिक्षकों के बारे में, बदल जाएगी जिंदगी

Teacher’s day: स्टूडेंट हैं तो जान लें भारत के इन महान शिक्षकों के बारे में, बदल जाएगी जिंदगी
▶️ भारत के पहले शिक्षा मंत्री यानी कि डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में शिक्षक दिवस मनाया जाता
▶️ कौटिल्य और विष्णु गुप्त के नाम से प्रसिद्ध चाणक्य को भारत का सबसे महान शिक्षकों में से एक माना जाता है।
▶️ सावित्रीबाई फुले महिलाओं के लिए पहली महिला शिक्षिका, टीचर्स डे पर जाने शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान।

भारत में 5 सितंबर के दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है क्योंकि इस दिन को भारत के पहले शिक्षा मंत्री यानी कि डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। किसी भी छात्र की जिंदगी में उसके शिक्षक की भूमिका बहुत बड़ी होती है। एक अच्छा टीचर ना केवल बच्चे को अलग-अलग चीजों के बारे में जानकारी देता है बल्कि उसे सही मायनों में इंसान बनता है।

भारत में टीचर्स का इतिहास बहुत बड़ा रहा है। समय-समय पर कई ऐसे टीचर आए जो ना केवल स्टूडेंट के लिए प्रेरणा बने, बल्कि उन्होंने देश विदेश में भी अपने नाम का परचम लहराया आज हम उन्हें कुछ खास चुनिंदा शिक्षकों की बात करने जा रहे हैं। जो हमेशा अपने काम के लिए याद किए जाते रहेंगे।

1.डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णना

इनके जन्मदिन को ही शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉक्टर सर्वपल्ली आज़ाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे और दूसरे राष्ट्रपति भी थे। जिन्हें भारत के सबसे बड़े शिक्षकों के रूप में जाना जाता है। एक बार जब किसी विद्यार्थी ने उनसे उनका जन्म दिन मनाने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए और भी सौभाग्य की बात होगी कि मेरे जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाए तभी से उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता आ रहा है।

2. चाणक्य

कौटिल्य और विष्णु गुप्त के नाम से प्रसिद्ध चाणक्य को भारत का सबसे महान शिक्षकों में से एक माना जाता है। इनकी बुद्धि और दिमाग की झलक इनकी किताब अर्थशास्त्र और नीतिशास्त्र में झलकती है। तक्षशिला यूनिवर्सिटी में शिक्षा लेने के बाद वह वहां के प्रोफेसर बन गए थे। उन्होंने चंद्रगुप्त मौर्य को शिक्षा दी जिसने बाद में मोर्य साम्राज्य की स्थापना की

3. सावित्रीबाई फुले

इन्हें भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में जाना जाता है। जिन्होंने पहले महिला स्कूल की स्थापना की। यह वह दौर था जब महिलाओं को पढ़ने की छूट नहीं थी कठिन संघर्षों, और अपने पति ज्योतिबा फुले के साथ से सावित्रीबाई फुले ने स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े काम किए। स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में इनका योगदान अतुलनीय है।

4. स्वामी विवेकानंद

रामकृष्ण परमहंस के शिष्य स्वामी विवेकानंद को एक महान टीचर के रूप में जाना जाता है। इन्होंने रामाकृष्ण मिशन भी चलाया था। उनका मानना था कि हर इंसान में अनंत क्षमताएं हैं जिन्हें जीवन के हर कदम पर और भी बेहतर बनाया जा सकता है। इनका मानना था कि स्कूल और घरों को मिला देना चाहिए जिससे अध्यापक छात्र के संबंध और भी मजबूत हो सके।

5. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम

डॉ कलाम महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ एक कमाल के अध्यापक भी थे। यह भारत के 11 वे राष्ट्रपति भी थे, लेकिन जिंदगी को देखने का इनका नज़रिया आज भी कई युवाओं को प्रेरित करता है कुछ खास करने के लिए, इनका मानना था कि पढ़ाई कोई भी डिग्री या कागज की मार्कशीट से बड़ी होती है जोकि इंसान को उसके व्यक्तिगत विकास में मदद करती है। डॉ कलाम आईआईटी हैदराबाद, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी और अन्ना यूनिवर्सिटी जैसे विश्वविद्यालयों में बच्चों को पढ़ा चुके हैं। मिसाइल मैन के नाम से फेमस डॉक्टर कलाम हर बच्चे के जीवन में प्रेरणा का स्रोत रहेंगे।

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Diksha Gupta

Diksha Gupta

दीक्षा उन लेखकों में से हैं जिनको शब्दों से बेहद प्यार हैं। और इन शब्दों को खूबसूरत तरीके से पन्ने पर उतारना दीक्षा को काफ़ी पसंद है। आप सब तक ख़बरें पहुंचाने के अलावा दीक्षा को कविताएं लिखना भी पसंद है। शौक की बात करें तो दीक्षा डांस में भी रूचि रखती हैं। और एक ऐसी लड़की हैं जिन्हें नई चीज़ें सीखने में मज़ा आता है। दीक्षा का मानना है की वह लक्ष्य कि प्राप्ति के लिए ही ईश्वर पर और खुद पर विश्वास करना पसंद करती हैं.