भारत के लिए 2016 का ये दिन हुआ था काला साबित, चीन और पाकिस्तान मिलकर दोबारा रच रहे हैं साजिश

भारत के लिए 2016 का ये दिन हुआ था काला साबित, चीन और पाकिस्तान मिलकर दोबारा रच रहे हैं साजिश
▶️Kulbhushan Yadav Matter: पाकिस्तान झूठा दावा करता रहा, बोला कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) नहीं चाहते रिव्यू पिटिशन (Review Petition)
▶️ भारत से दो काउंसलर (2 Indian Counsellors) पाकिस्तान पहुंचेंगे और उनको 2 घंटे का समय दिया जाएगा जिसमें वह कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) से बातचीत कर सकते हैं।
▶️ पाकिस्तान (Pakistan) ने भारत (India) को काउंसलर एक्सेस (Counsellor Access given to India) दे दिया, जल्द ही हो सकती है मामले पर सुनवाई

कुलभूषण जाधव मामले (Kulbhushan Matter) में सामने आई नई खबर। गुरुवार को भारत के दबाव में पाकिस्तान को आखिरकार झुकना ही पड़ा। पिछले काफी समय से पाकिस्तान भारत को काउंसलर एक्सेस (Counsellor Access) देने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन गुरुवार को काउंसलर एक्सेस दे दिया गया। भारत से दो काउंसलर (2 Indian Counsellor) पाकिस्तान पहुंचेंगे और उनको 2 घंटे का समय दिया जाएगा जिसमें वह कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) से बातचीत कर सकते हैं।

Kulbhushan Jadhav Matter: कुलभूषण ने Review Petition के लिए किया मना, या है पाकिस्तान की चाल?

गौरतलब है कि, कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) के पास रिव्यू पिटिशन फाइल (File Review Petition) करने के लिए 20 जुलाई तक का समय था, लेकिन इस बीच पाकिस्तान झूठे दावे करता रहा की कुलभूषण जाधव रिव्यू पिटिशन (Kulbhushan Jadhav Doesn’t want To File Review Petition) दाखिल नहीं करना चाहते हैं। पिछले गुरुवार को भारत ने कहा था कि कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) से संबंधित सभी कानूनी विकल्पों का आंकलन किया जाए और साथ ही यह मांग थी की जाधव से बिना रुकावट मिलने देने की अनुमति हो जिससे सैन्य अदालत द्वारा दी गई सजा पर भी चर्चा की जा सके।

Kulbhushan

Kulbhushan Matter पर एक नजर

कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी (Formar Officer Of Indian Navi, Kulbhushan Yadav) हैं, जिनको पाकिस्तान (Pakistan) ने ईरान (Iran) से 2016 में अगवा किया था।

पाकिस्तान ने दावा (Pakistan Claims) किया था कि कुलभूषण जाधव जासूस और आतंकवादी (Kulbhushan Jadhav Is A Spy & Terrorist) हैं। इस मामले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच काफी तनातनी रही है। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (International Court) में इस मामले को सुनवाई के लिए दाखिल भी किया गया और भारत की तरफ से अपील की गई कि कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) को जल्द से जल्द रिहा किया जाए।

पाकिस्तान हमेशा की तरह अपने नापाक हरकतों के चलते यह साबित करने में लगा रहा कि कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) आतंकवादी है और इसी के चलते उनको फांसी की सजा सुनाई गई।

क्या हुआ था 2016 में

कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) को 2016 में पाकिस्तान ने ईरान से अगवा किया। उनके जासूस और आतंकवादी (Spy & Terrorist) होने का उन पर आरोप लगाया गया। हालांकि भारत ने इन आरोपों को खारिज किया है। भारत का कहना है कि जिस जगह से जाधव को अगवा किया गया था वहां पर जाधव कारोबार किया करते थे।

पाकिस्तान ने जाधव को सुनाई थी मौत की सजा

अप्रैल 2017 में पाक अदालत (Pakistan Court) ने बंद कमरे में जाधव को मौत की सजा सुनाई जिसको लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। भारत का कहना था कि वियना संधि (Vienna Convention) के प्रावधानों का पाकिस्तान ने घोर उल्लंघन किया है। उसके बाद 2017 मई में भारत ने आईसीजे (ICJ) में जाधव पर जुर्म को कबूल करने को लेकर दबाव का विरोध जताया था और इसी मामले के तहत अर्जी दाखिल की थी।

उसके बाद आईसीजे (ICJ) ने पाकिस्तान (Pakistan) को जाधव की मौत की सजा पर अमल करने से रोका था। पाकिस्तान में जाधव तक राजनयिक पहुंच देने की भारत की जो अपील थी उसको पाकिस्तान की ओर से 13 बार से ज्यादा खारिज किया था। इस मामले में पाकिस्तान ने वियना संधि (Vienna Convention) के प्रावधानों का खुलेआम उल्लंघन किया और जाधव तक राजनयिक पहुंच देने से इनकार किया गया।

भारत ने की थी जाधव से रिहाई की मांग

इस बीच भारत ने आईसीजे (ICJ) से जाधव की मौत की सजा को रद्द करने और जाधव की रिहाई की मांग की। 25 दिसंबर 2017 को जाधव की मां और पत्नी (Kulbhushan Jadhav’s Mother & Wife) को जाधव से मिलने देने की अनुमति हुई। यह अनुमति भी काफी दबावों के बाद मिली थी। जब जाधव की मां और पत्नी जाधव से मिले उस समय भी पाकिस्तान अपनी गंदी हरकतों से बाज नहीं आया। उसने ना केवल जाधव की पत्नी के मंगलसूत्र और अन्य सामान बाहर उतरवाए बल्कि उस मुलाकात में बातचीत भी शीशे के आर-पार से हुई।

पाकिस्तान की हरकत से गुस्साया भारत

इसके बाद आईसीजे (ICJ) में न्यायाधीश यूसुफ (Judge Yusuf) की अध्यक्षता में 15 सदस्य पीठ ने भारत और पाकिस्तान की मौखिक दलीलें सुनी। 21 फरवरी को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा। इस पूरे मामले की सुनवाई होने में 2 साल और 2 महीने का वक्त लग गया।

ICJ में भारत की दलीलें

भारत का कहना था कि पाकिस्तान के पास जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) को आरोपी करार देने के लिए तथ्य नहीं हैं। बल्कि वह जुमलो पर आधारित पक्ष रखने की कोशिश कर रहा है। इसी कारण जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) को हिरासत में रखना गैर कानूनी है, वह भी राजनयिक संपर्क के बिना। भारत ने पाकिस्तान के लिए कहा कि पाकिस्तान यह सब कुछ भारत के दुष्प्रचार के लिए कर रहा है।

पाकिस्तान को बिना देरी राजनयिक संपर्क की अनुमति देनी चाहिए थी जिसको नहीं दिया गया। इसके अलावा भारत की ओर से दर्जन भर से ज्यादा पाकिस्तान (Pakistan) को रिमाइंडर भेजे गए। उसके बावजूद भी इस्लामाबाद कोर्ट (Islamabad Court) ने राजनयिक संपर्क की अनुमति नहीं दी।

गिरफ्तारी के एक महीने बाद दर्ज हुई प्राथमिकी

जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) की गिरफ्तारी के लगभग एक महीने बाद प्राथमिकी दर्ज की गई यानी कि भारत को जानकारी देर से दी गई। अप्रैल 2016 में जाधव के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी उसके बाद मई 2016 में जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) से पूछताछ की गई। गौरतलब है कि, जाधव को उनके अधिकारों से भी अनजान रखा था। पाकिस्तान ने कभी जाधव को बताया ही नहीं कि उनके अधिकार क्या हैं।

दूसरी तरफ पाकिस्तान जाधव के अपराध बताने में भी नाकाम रहा और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं दे पाया पाकिस्तान (Pakistan) के पास जाधव को दोषी ठहराने के लिए जाधव के जबरन इकबालिया बयान के अलावा कोई और सबूत नहीं था।

भारत ने आईसीजी (ICJ) में यह भी दलील दी कि पाकिस्तान ने मामले की सुनवाई में तय प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं किया है। भारत का यह भी कहना है कि पाकिस्तान आईसीजे (ICJ) की सुनवाई को बेपटरी करने की कोशिश भी कर रहा है।

दूसरी तरफ गौर करने वाली बात यह भी है कि कोई भी देश अपने यहां के कानून का हवाला देकर अंतरराष्ट्रीय कानून (Internation Law Violation) का उल्लंघन नहीं कर सकता है क्योंकि यह स्थापित नियम है, ऐसा करना गैरकानूनी (Illegal) माना जाता है।

1 साल पहले आईसीजे (ICJ) ने कुलभूषण और भारत के पक्ष में फैसला सुनाया था जिसमें फांसी के फैसले को खारिज किया गया था।

क्या चीन अप्रत्यक्ष रूप से भारत को नुकसान पहुंचा रहा?

गौरतलब है कि पिछले काफी समय से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते अच्छे नहीं रहे। हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच तो रिश्ते आजादी के बाद से ही अच्छे नहीं हैं लेकिन हाल ही में कटुता कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। दूसरी तरफ भारत और चीन (India-china Clash) के बीच की तनातनी चल रही है। इस मामले पर अगर गौर किया जाए तो मुमकिन है कि चीन पाकिस्तान का साथ दे रहा हो क्योंकि हाल ही में भारत और नेपाल (India & Nepal) के बीच भी चीन ने दुश्मनी पैदा करने की कोशिश की थी।

भारत और नेपाल के बीच में कई सालों से मैत्री संबंध स्थापित हैं जिसको चीन ने नष्ट करने की पुरजोर कोशिश की। वहीं अगर देखा जाए तो पाकिस्तान इस समय कंगाल है और चीन उसका फाइनेंसर है ऐसे में चीन जो चाहे पाकिस्तान से करवा सकता है।

हाल ही में भारतीय सेटेलाइट (Indian Satalite) द्वारा पता चला है कि पाकिस्तान पनडुब्बियों (Pakistan Can Spy On India by Submarines)द्वारा भारत की जासूसी कर सकता है। भारत के पास इस समय कुल 16 पनडुब्बीयां हैं तो वहीं पाकिस्तान के पास 8 पनडुब्बीयां हैं। खबर आई है कि चीन ने पाकिस्तान को 8 ताकतवर पनडुब्बियां देने का वादा किया है। अगर ऐसा हो जाता है तो फिर पाकिस्तान और भारत की ताकत बराबर हो जाएगी। ऐसे में चीन भारत के लिए खतरा साबित हो सकता है।

भारत को मिला है अमेरिका का साथ

हालांकि दूसरी तरफ अमेरिका (America) पूरी तरह भारत के साथ है तो वही चीन और अमेरिका के बीच 36 का आंकड़ा है। ऐसे में चीन अमेरिका को आंख दिखाने से डर सकता है, लेकिन भारत के सामने शेर बनकर खड़ा होने से नहीं डरेगा। हालांकि पाकिस्तान और चीन दोनों ही चाहते हैं कि भारत को नाकों तले चने चबाने पड़े इसलिए मुमकिन है कि कुलभूषण जाधव मामले (Kulbhushan Jadhav Matter) में भी पाकिस्तान और चीन की मिलीभगत हो जिससे भारत को नेस्तनाबूत होना पड़े।

वैसे देखा जाए तो पाकिस्तान कि हमेशा से फितरत रही है कि भारत को जितना परेशान कर सकें कर लें। कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) की तरह ही साल 1990 में सरबजीत (Sarabjeet) को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया और 2013 में सरबजीत (Sarabjeet Died In 2013) की आखिरकार मृत्यु हो गई। तो वहीं हाल ही में पुलवामा (Pulvama Attack) में हुए अटैक के बाद विंग कमांडर अभिनंदन (Wing Commander Abhinandan) को भी पाकिस्तान ने 60 घंटे से ज्यादा अपने कब्जे में रखा था। इसलिए यह तो समझा जा सकता है कि पाकिस्तान जानबूझकर कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav Matter) को गिरफ्तार किए हुए है,

लेकिन वही अगर दूसरी तरह से सोचा जाए तो काफी हद तक संभव है कि चीन पाकिस्तान का पूरी तरह इस मामले में साथ (China Helping Pakistan) दे रहा होगा। इस समय चीन के साथ रिश्तो में खटास काफी देशों के साथ हो चुकी है जिसमें भारत और अमेरिका (India & America) भी शामिल है। गुरुवार को आई खबर से यह तो साफ हो गया है पाकिस्तान की पैनी नजर भारत पर है इसीलिए उसने पनडुब्बियों के द्वारा भारत की जासूसी की तैयारी शुरू कर दी है।

उसी के साथ यह भी खबर आई कि चीन ने पाकिस्तान को आठ पनडुब्बियां देने का वादा (China Promise Pakistan For 8 Submarines) किया है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि चीन कहीं ना कहीं अप्रत्यक्ष रूप से भारत को नुकसान पहुंचाने की पूरी साजिश रच रहा है। साफ शब्दों में कहें तो चीन पाकिस्तान के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने की कोशिश कर रहा है। यह ठीक उसी तरह है जैसे नेपाल के साथ भी चीन ने भारत के संबंधों को बर्बाद करने की कोशिश की।

आगे की खबर के लिए बने रहे The Toss News के साथ

ये भी पढ़े :

Deeksha Chakravarty

Deeksha Chakravarty

दीक्षा एक ऐसी लड़की जो खुल कर जीने में विश्वास रखती है। जो कल में नहीं आज में भरोसा करती है। दीक्षा का कहना है कि ज़िन्दगी एक बार ही मिलती है तो जियो भी ऐसे जैसे एक बार ही मिली है। दीक्षा को बचपन से हर बात के पीछे का क्यों पता करना होता था और इसी क्यों ने उसके अंदर लिखने का शौक पैदा किया। सजना, संवरना तो हर लड़की का शौक होता है उसके साथ ही दीक्षा को नृत्य का, कविताएं लिखने का और तरह तरह के व्यंजन बनाने का शौक है।