जानें क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन, और क्या है इस त्योहार का महत्व

जानें क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन, और क्या है इस त्योहार का महत्व
▶️ Rakshabandhan Facts: इस साल 3 अगस्त, सोमवार को मनाया जाएगा रक्षाबंधन, श्रवण माह की पूर्णिमा तिथि का है खास महत्व
▶️राखी की दुकान लगाने वाले दुकानदार हैं असमंजस में, लॉकडाउन के डर से नहीं खरीद रहे हैं राखियां
▶️इस बार व्यापारियों के ट्रेडर्स CAIT ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) को दी हैं करीब 10000 राखियां

Rakshabandhan 2020: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते को दर्शाता है। ये त्योहार सदियों से चला आ रहा है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। बदले में भाई भी सदैव बहन की रक्षा करने का वचन देते हैं। इसलिए इस त्योहार का हिंदुओं में विशेष महत्व होता है।

Rakshabandhan Facts: जानिए कब है 2020 का रक्षा बंधन?

रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2020 Date) का त्योहार इस साल 3 अगस्त, सोमवार को मनाया जाएगा। इस त्योहार हर साल श्रवण माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है और 2020 में ये तिथि 3 अगस्त के दिन है। कहते हैं राखी (Rakshabandhan facts) के दिन भाई की कलाई पर कलावे की राखी बांधना (Rakhi Ka Parv) बेहद शुभ होता है। इन दिनों मार्केट में कई तरह की राखियां मिल रही हैं, लेकिन हम आपको कहेंगे कि आप अपने प्यारे भइया के लिए कलावे वाली राखी ही चुनें।

Rakshabandhan 2020: राखी बेचने वाले हैं लॉकडाउन से परेशान

पिछले साल इन दिनों राखी (Rakshabandhan facts) खरीदने वालों की भीड़ रहती थी। गांव, कस्बे और मोहल्लों में राखी की दुकानें सज जाती थीं। इतना ही नहीं कुछ दुकानदार तो डोर टू डोर भी राखी बेचने आते थे। लेकिन इस बार राखी की दुकान लगाने वाले असमंजस में हैं। उन्हे लग रहा कि वो सामान खरीदें और कहीं ऐसा ना हो कि लॉकडॉउन (Rakshabandhan in Lockdown) हो जाए औऱ प्रशासन सड़क पर दुकानें न लगाने दे। इसके चलते व्यापारी अभी सामान खरीदने से कतरा रहे हैं। और पुराने माल को ही ठिकाने लगाने में लगे हुए हैं।

इस बार की राखियां हैं बेहद खास

व्यापारियों के ट्रेडर्स CAIT ने हाल ही में रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) को करीब 10000 राखियां दी हैं। जिसमें दिल्ली में बनी ‘ मोदी राखी (Modi Rakhi)’ भी है। ये राखी जवानों के लिए बनाई गई है। जो की नागपुर की जुट राखी (Jute Rakhi Nagpur), जयपुर की पैंट राखी (Paint Rakhi Jaypur), पुणे की बीज राखी (Beej Rakhi Pune), सतना की ऊन राखी (Unn Rakhi Satna), आदिवासी सामान से बनी झारखंड की राखी, चाय पत्ती से बनी असमीस की राखी, रेशम और बंगाल की राखी, और मुंबई की फैशनेबल राखी शामिल है। इन सभी राखियो को बनाने का एजेंडा, भारतीय सामानों (Indian Rakhi) का इस्तेमाल कर, चाइनीज प्रोडक्ट्स (Bycott chinease Rakhi) का बहिष्कार करना है।

Interesting Rakshabandhan facts

Rakshabandhan facts: आइए जानते हैं रक्षाबंधन से जुड़ी पौराणिक लोक कथाएं

द्रोपती और भगवान कृष्ण (Draupadi & Lord Krishna) ने एक मजबूत बंधन सांझा किया है। हालांकि वे असली भाई और बहन नहीं थे। लेकिन उनका प्यार कभी भी उससे कम नहीं था। हमारी पौराणिक कथाओं (Methological Tales Of Rakshabandhan) में एक लोकप्रिय कहानी है भगवान कृष्ण और पांडवो की पत्नी द्रोपती की।

महाभारत में निम्नलिखित घटनाओं का उल्लेख है राखी

कहते हैं संक्रांति के दिन एक संस्करण के अनुसार, कृष्ण ने गन्ने को संभालते हुए अपनी छोटी उंगली को काट दिया था। जिसके बाद सत्यबामा (Satyabama) उनकी रानी ने तुरंत एक पट्टीदार कपड़ा लेने के लिए भागी, जबकि उनकी दूसरी पत्नी रुकमणी (Rukmani) खुद कुछ कपड़ा लाने के लिए दौड़ पड़ी।

लेकिन द्रौपदी (Draupadi) जो उस समय वहीं मौजूद थी उन्होने अपनी साड़ी के एक हिस्से को फाड़ दिया और अननी उंगली पर पट्टी बांध दी। इस काम के बदले में भगवान कृष्ण ने संकट के समय में द्रोपदी की रक्षा करने का वादा किया।

हमारे विचार

हम तो यही कहेंगे कि इस राखी (Rakshabandhan Facts) आप सभी अपनों के साथ त्योहार प्यार से मनाएं और कोरोना काल होने के कारण घरों से बाहर बिल्कुल ना निकलें। भाइयों को राखी बांधे और बड़े भाई से खूब सारा उपहार लें वहीं छोटे भाई के ढ़ेर सारा प्यार दें। आपको रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2020) की ये कहानी कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं।

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