इस जन्माष्टमी भगवान कृष्ण को खुश करने लिए करें बस ये काम, झटपट होगी सारी मनोकामनाएं पूरी

इस जन्माष्टमी भगवान कृष्ण को खुश करने लिए करें बस ये काम, झटपट होगी सारी मनोकामनाएं पूरी
◀️ 11 अगस्त को है कृष्ण जन्माष्टमी, भगवान श्री कृष्ण को चढ़ाए 7 पकवान
◀️रात 12:00 बजे दही-हांडी फोड़ने के बाद खोला जाता है व्रत, कान्हा को सजाना भी है जरूरी
◀️5 बार करें श्री कृष्ण मंत्र का जाप सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी

भारतवर्ष में कृष्ण जन्माष्टमी (Sri Krishna Janmashtmi) का त्योहार बड़े हर्ष के साथ मनाया जाता है। और इस बार ये पावन त्यौहार 11 अगस्त को मनाई जाएगी। शायद आपको जानकर हैरानी होगी कि भगवान श्रीकृष्ण के नाम का ये त्योहार भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मनाया जाता है। के लोग भी इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। भगवान श्री कृष्ण को कान्हा, बाल गोपाल, लड्डू गोपाल आदि कई नामों से पुकारा जाता है।

क्यों इतना महत्वपूर्ण है जन्माष्टमी का त्योहार

भगवान श्री कृष्ण वासुदेव-देवकी के आठवें पुत्र थे। मथुरा नगरी के राजा कंस के अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते चले जा रहे थे। एक दिन आकाशवाणी हुई कि देवकी और वासुदेव का आठवां पुत्र मथुरा नगरी के राजा कंस (King Kans) को मार डालेगा। यह सुनकर मथुरा नगरी के राजा आग बबूला हो उठे और अपनी बहन देवकी व उसके पति वासुदेव को कालकोठरी में डाल दिया। इसके कुछ समय बाद कंस ने एक-एक करके अपनी बहन देवकी-वासुदेव के 7 पुत्रों का वध कर दिया। इसके बाद देवकी-वासुदेव के आठवें पुत्र श्री कृष्ण ने जन्म लिया। इसी खुशी के अवसर पर हर वर्ष जन्माष्टमी का यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है।

जरूरी होता है भगवान श्री कृष्ण का श्रृंगार

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भगवान श्री कृष्ण के दिन के अवसर पर मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। इस खास अवसर पर मंदिरों में रौनक छा जाती है। लोग श्रद्धा पूर्ण व भक्ति भाव से कान्हा जी का पूजन करते हैं। इसी के साथ ही मंदिरों में झांकियां भी निकाली जाती हैं। भगवान श्री कृष्ण को पहले नहलाया जाता है, फिर हरे ,लाल, पीले रंग के सुंदर वस्त्रों से उन्हें सजाया जाता है। शाम में पूजा के समय कृष्ण को माखन का भोग लगाया जाता है। क्योंकि भगवान कृष्ण को माखन बेहद प्रिय है।

विधि-विधान का पर्व है जन्माष्टमी

अब आपको बताते हैं कि कैसे की जाती है जन्माष्टमी की पूजा…दरअसल इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को चाहने वाले कान्हा जी के लिए व्रत का विधान भी करते हैं। जन्माष्टमी का यह व्रत रात 12:00 बजे दही हांडी फोड़ने के साथ खोला जाता है। भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए कान्हा जी को उनकी प्रिय बांसुरी व उनके झूले को उनके साथ सजाया जाता हैं। इसके अलावा इस दिन दही-हंडी का भी आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में दही- माखन व फूलो से भरी मटकी को बाल-गोपालो द्वारा फोड़ा जाने का प्रयास किया जाता है। इसके लिए लोग नन्हे-नन्हे बाल गोपाल भी तैयार करते हैं।

Food for Janmashtmi: कैसा होना चाहिए श्री कृष्ण का पकवान?

भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए जन्माष्टमी के दिन माखन के साथ-साथ 7 फल खीर, पूरी, मिश्री, मेवा का भोग लगाया जाना अनिवार्य माना जाता है। इसके साथ ही उन्हें माखन अपने हाथों से चटाया जाता है। साथ ही फूलो से सजे उनके झूले को झुलाया जाता है। इसी के साथ शुद्ध देसी घी का दिया जलाकर उनके दरबार को रौशन किया जाता है। अंत मे व्रत खोलते समय क्लीं कृष्णाय नम:का 5 बार जाप करके लोग भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करते हैं।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।