18 अगस्त स्पेशल: स्वंत्रता के पिता कहे जाने वाले “सुभाष चंद्र बोस” की है आज पुण्यतिथि

18 अगस्त स्पेशल: स्वंत्रता के पिता कहे जाने वाले “सुभाष चंद्र बोस” की  है आज पुण्यतिथि
▶️ सुभाष चंद्र बोस को भारत की स्वतंत्रता का पिता कहा जाता है
▶️ सुभाष चंद्र बोस ने ही भारत के युवाओ को आजादी के लड़ाई के लिए साथ खड़ा किया था
▶️ नेताजी का निधन एक प्लेन क्रैश के कारण हुआ था

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत की स्वतंत्रता का पिता भी कहा जाता है। भारत की आज़ादी से पहले भारत पर अंग्रेज़ों का बोलबाला था। ऐसा भी कहा जाता है की आज़ादी की लड़ाई के लिए सुभाष चंद्र बोस ने ही युवाओं को जागृत किया था। और युवाओं के इसी जोश ने ब्रिटिश शासन की पकड़ भारत पर कमज़ोर कर दी थी।

Netaji Subhash Chandra Bose's death anniversary special

सुभाष चंद्र की मौत की घटना है रहस्मयी

ऐसा कहा जाता है की नेताजी का निधन एक प्लेन क्रैश के वजह से हुआ था, लेकिन यह भारत की रहस्यमयी घटनाओ में से एक है। ये बात भी सामने आई है कि सुभाष चंद्र बोस का प्लेन इसलिए क्रैश हुआ था क्योंकि वो ओवरलोडेड था।

कैसा था नेताजी का सफ़र

1921 में, बोस ने बंगाल के एक राजनीतिज्ञ चितरंजन दास के साथ काम किया। उन्होंने दास के समाचार पत्र ‘फॉरवर्ड’ के संपादक के रूप में काम किया और बाद में अपना खुद का अख़बार ‘स्वराज’ शुरू किया। 1923 में बोस को अखिल भारतीय युवा कांग्रेस का अध्यक्ष और बंगाल राज्य कांग्रेस का सचिव भी चुना गया। उन्होंने कोलकाता के मेयर के रूप में दास के साथ कोलकाता नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी काम किया। इसके तुरंत बाद वह और जवाहरलाल नेहरू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दो महासचिव बन गए। उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में मजबूत युवा आइकन माना जाता था।

अनगिनत बार गिरफ्तार हुए थे सुभाष चंद्र बोस

बोस को अनगिनत बार गिरफ्तार किया गया था, और 1925 में बर्मा (म्यांमार) भेज दिया गया था। बोस पर  क्रांतिकारी आंदोलनों में भाग लेने का शक था। 1930 में बोस यूरोप गए, जहाँ वो बेनिटो मुसोलिनी सहित भारतीय छात्र और यूरोपीय राजनेतऔ से मिले। इसी दौरान, बोस ने अपनी किताब “द इंडियन स्ट्रगल” के पहले भाग पर रिसर्च  की और लिखा, जिसमें 1920-1934 तक देश में हुए स्वतंत्रता आंदोलन को कवर किया।

कुछ समय बाद उन्होंने आज़ाद हिन्द रेडियो स्टेशन की स्थापना की और पूर्वी एशिया में भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन का नेतृत्व किया। ऐसा कहा जाता है सुभाष चंद्र बोस की मौत उनके ओवरलोडेड जापानी प्लेन के क्रैश होने के कारण हुई। बोस को थर्ड डिग्री बर्न का सामना करना पड़ा। हालांकि उनका शरीर कभी भी बरामद नहीं हुआ था। उसके लापता होने के संबंध में कई सिद्धांत सामने आए हैं। भारत सरकार ने मामले की जांच करने और सच्चाई के साथ बाहर आने के लिए कई समितियों का गठन किया है।

सुभाष चंद्र बोस ने भारत की आज़ादी के लिए बहुत संघर्ष किया था । उनके द्वारा कहे गए 2 प्रसिद्ध कथन है : जय हिन्द, तुम मुझे खून दो में तुम्हें आज़ादी दूंगा

कैसे मिला सुभाष चंद्र बोस कोनेताजीकहने का सम्मान

1942 में, उनको आज़ाद हिन्द फ़ौज और भारतीय राष्ट्रीय सेना के सैनिको द्वारा नेताजी के शीर्षक के साथ सम्मानित किया गया।

नेताजी द्वारा कहे गए प्रसिद्ध कथन

  1. “पुरुष, पैसा और सामग्री, खुद से जीत या स्वतंत्रता नहीं ला सकते। हमारे पास मकसद-शक्ति होनी चाहिए जो हमें बहादुर कामों और वीरतापूर्ण कारनामों के लिए प्रेरित करेगी।”  
  2. “यह हमारे अपने रक्त के साथ स्वतंत्रता के लिए हमारा कर्तव्य है। वह स्वतंत्रता जो हम अपने बलिदान और परिश्रम के माध्यम से जीतेंगे। हम अपनी ताकत के साथ दृढ़ रहने में सक्षम होंगे।” 
  3. “अगर कोई संघर्ष नहीं है, तो ज़िंदगी में दिलचस्पी नहीं रहती; फिर उठाने के लिए कोई जोखिम नहीं रहता।”

इस तरह से नेताजी हमको अपना जीवन गौरव और सम्मान के साथ जीने की प्रेरणा देते है।

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Mahima Nigam

Mahima Nigam

महिमा एक चंचल स्वभाव कि लड़की है और रियल लाइफ में खेलकूद करने के साथ इन्हें शब्दों के साथ खेलना भी काफी पसंद है। बता दें कि इस वेबसाइट को शुरू करने का सपना भी महिमा का है और उसे मंज़िल तक पहुंचाने का भी। उम्मीद करते हैं कि आप साथ देंगे