कारगिल दिवस स्पेशल: भारतीय सेना की 10 ऐसी बातें जिन्हें जानकर आपका सीना गर्व से फूल जाएगा

कारगिल दिवस स्पेशल: भारतीय सेना की 10 ऐसी बातें जिन्हें जानकर आपका सीना गर्व से फूल जाएगा
▶️1999 में भारत-पाकिस्तान के बीच चला 60 दिनों का युद्ध 26 जुलाई को ख़त्म हुआ था।
▶️उस साल से आज तक हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
▶️भारतीय सेना को समर्पित इस ख़ास दिन पर जाने, इंडियन आर्मी की 10 ख़ास बातें

भारत की दमदार सेना के बारे में क्या कहा जाए? इनके होने से ही आज तक हम सब अपने घर में सुकून से कितने सालों से सोते हुए आ रहें हैं। और ये सुकून और आराम हमें ऐसे ही नहीं मिल जाता है। जब सेना का अपनी नींद और जान को वतन के लिए कुर्बान करने के लिए हर दम तैयार रहते हैं, तब जाकर आप और हम चैन से सोते हैं।

भारतीय सेना का देश के लिए कुर्बान होना तो सबने 1999 में ही देख़ लिया था जब भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच कारगिल युद्ध हुआ था। ये युद्ध पूरे 60 दिन यानी 2 महीने चला था। इतने लंबे समय की मसशकत के बाद 26 जुलाई को इस युद्ध का अंत भारत की विजय के साथ हुआ था। तब से ही हर साल की 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। ऐसे में हम आपको भारतीय सेना से जुड़े 10 रोचक बातें बताने जा रहें हैं।

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Image Source: ANI

सबसे ऊँची रणभूमि

भारतीय सेना के पास दुनिया की सबसे ऊँची रणभूमि है। इस रणभूमि का नाम सियाचिन ग्लेशियर है। बता दें कि सियाचिन ग्लेशियर कई ऊचाई समुद्र तल से पांच हजार मीटर ऊपर है। यहाँ पर सैनिक बर्फ से घिरकर, छुपकर दुश्मन की पर पल पल अपनी कड़ी नज़र रखते हैं।

विश्व की सबसे बड़ी स्वैच्छिक सेना

भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक सेना
है। इसके चलते सेवारत और रिज़र्व सेना के ऐसा अधिकार होता है जिसकी वजह से वह यह फ़ैसला ले सकते हैं कि उन्हें सेवा देनी है या नहीं है। भारत के संविधान में यह अधिकार दर्ज है। इसके साथ भारतीय की जो एक ख़ास बात और है वो ये कि इसमें भर्ती क़रते समय किसी भी व्यक्ति की व्यक्ति का धर्म और जाति नहीं देखा जाता है।

ऊँचे पहाड़ो पर लड़ने की ताकत

थल पर तो दुनिया के सभी देश के जवान लड़ना जानते हैं लेकिन भारतीय सेना के पास वो हुनर है जिसकी वजह से वह ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों पर लड़ सकते हैं। बता दें कि भारतीय सेना के जवानों को ये महारत इसलिए हासिल हैं क्योंकि उन्हें High Altitude Warfare School से ट्रेनिंग मिलती है।

दो बार किया परमाणु परीक्षण

भारत ऐसा देश है जिसने दो बार दो बार परमाणु परीक्षण किया है। 1970 में पहला परीक्षण और 1990 में दूसरा। बता दें कि जब भारतीय सेना इन परीक्षणों में सफल हो गई थी उसके बाद ही दुनिया ने भारत की ताकत को देखा था।

मध्यप्रदेश की महू छावनी

भारत के दिल मध्यप्रदेश के इंदौर जिले महू छावनी स्थित है। यह छावनी देश की पुरानी छावनियों में से एक है। बता दें कि यहाँ 1840 से 1948 तक रेजिमेंट की ट्रेनिंग होती थी। ये छावनी अपने समय का Military Headquarters Of War (MHOW) था। शार्ट में इसका नाम महू कर दिया गया।

लोंगेवाला लड़ाई में शहीद हुए थे सिर्फ दो भारतीय

सनी देओल की बॉर्डर फ़िल्म को आप सबको याद होगी। यह फ़िल्म भारत पाकिस्तान में बीच हुई जंग पर आधारित थी। इस लड़ाई की ख़ास बात ये थी कि इसमें पाकिस्तान के 2000 सैनिकों को भारत के 120 जवानों ने घुटनों पर गिरा दिया था। इस युद्ध के बारे में एक और ख़ास बात ये कि उस समय भारतीय सेना के एक जीप थी और पाकिस्तानी सेना के पास करीब 2000 टैंक थे।

2013 का ऑपरेशन राहत

बता दें कि अब तक का सबसे बड़ा राहत मिशन 2013 में भारतीय सेना द्वारा चलाया गया था। यह राहत मिशन वायु सेना ने चलाया था। 2013 में उत्तराखंड में बाढ़ की आपदा आई थी जिसमें सैनिकों ने अपनी जान पर खेलकर 20 हजार लोगों की जान बचाई थी।

घुड़सवार सेना की एक रेजीमेंट

दुनिया के तीन देशों के पास घुड़सवार सेना की रेजीमेंट है। भारत उनमें से एक है।

भारत की सबसे बड़ी एजेंसी

सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (एमईएस) एमईएस और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) देश की बड़ी निर्माण एजेंसियो में से एक हैं। ये एजेंसी देश की शानदार सड़को को बनाने और उनकी मेंटेनेंस के लिए ज़िम्मेदार होती हैं। आपको बता दें कि खर्दुन्गला जो की दुनिया की सबसे ऊँची सड़क है उसका रखरखाव भी ये एजेंसी करती है साथ ही चुम्बकीय पहाड़ी जैसी सड़को की मेंटेनेंस के लिए भी था एजेंसी ज़िम्मेदार हैं।

1971 का युद्ध

1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच घमासान युद्ध हुआ था। इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को पराजित कर विजय हासिल की थी। पाकिस्तान इतना डर गया था की उसके 93,000 जवानों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था।

Mahima Nigam

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महिमा एक चंचल स्वभाव कि लड़की है और रियल लाइफ में खेलकूद करने के साथ इन्हें शब्दों के साथ खेलना भी काफी पसंद है। बता दें कि इस वेबसाइट को शुरू करने का सपना भी महिमा का है और उसे मंज़िल तक पहुंचाने का भी। उम्मीद करते हैं कि आप साथ देंगे