Janmastami Special: यहां हैं श्री कृष्णा द्वारा दिए गए कुछ उपदेश जो सिखाते हैं जीवन जीने का सही तरीका

Janmastami Special: यहां हैं श्री कृष्णा द्वारा दिए गए कुछ उपदेश जो सिखाते हैं जीवन जीने का सही तरीका
▶️भगवान श्री कृष्णा ने दिए कुरुक्षेत्र में गीता के उपदेश जो सिखाते है जीने की राह
▶️श्री कृष्ण ने गीता में बताया है कि कैसे अपने जीवन में चल रही कष्टों का निदान हो सकता है
▶️काम छोटा या बड़ा नहीं होता,ये उपदेश भगवान श्री गोपाल द्वारा ही दिया गया है

आज के समय में लोग अपनी परेशानियो पर इतना जोर दे रहे हैं की मानो उन्होंने जीवन को जीने का सही तरीका ही भुला दिया हो। इस समय लोग एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। कोरोना की वजह से लोग घर के बहार बिना काम के नहीं निकल सकते, अपने दोस्तों से नहीं मिल सकते, इस समय लोगो में जीवन जीने का अंदाज़ ही बदल गया है।

जन्माष्टमी (Janmastami 2020) के इस शुभ मौके पर आपको श्री कृष्णा (Shri Krishna Updesh) द्वारा दिए गए गीता के उपदेशो में से कुछ उपदेशो के बारे में बता रहे हैं, जिससे लोग अपने जीवन और सोच में बदलाव ला सकें।

1 . अपना कर्म करते रहे, उसके परिणाम की चिंता ना करें…जिस चीज को हम हासिल करना चाहते हैं उसे हम कैसे हासिल करें इस बात पर ध्यान दें हमें इस बात पर ध्यान नहीं देना है कि वो चीज हमें मिलेगी या नहीं। क्या होगा और क्या नहीं होगा इस बारे में सोचे बिना अपना काम करना चाहिए। जैसे श्री कृष्णा (Shri Krishna Janmastami) ने महाभारत के युद्ध के समय अर्जुन ने उनके कर्म के बारे मे याद कराया था।

2 . Shri Krishna Updesh: लोगो का अपने गुस्से पर नियंत्रण होना बहुत जरुरी है। इस समय हर कोई परेशान है तो ऐसे में बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता है, शांत मन से सोचने पर हर परेशानी से बहार निकला जा सकता है। इसलिए लोगों को गुस्से को छोड़कर शांति से काम करना चाहिए।

Shri Krishna Janmastami Special

3 . इंसान का स्वाभाव सरल होना उसके जीवन की सबसे जरूरी और ख़ास बात है। कृष्ण (Shri Krishna Janmastami 2020) की तरह आपको भी जीवन में विनम्र होना चाहिए। यह आपको ईमानदार लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाने में मदद करता है। अगर आप अपने जीवन में खुश रहना चाहते हैं और आप ये चाहते हैं की आपको बहुत लोगो द्वारा पसंद किया जाये इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है की आपका स्वभाव सरल होना चाहिए। जैसे कुरुक्षेत्र युद्ध के दौरान, कृष्ण ने सारथी की भूमिका निभाई। भगवान कृष्ण (Lord Krishna Birth) सादगी के अवतार में थे और सारथी के रूप में उनकी भूमिका उसी का एक प्रमाण है।

4 . वह कहते हैं कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, नौकरी एक नौकरी है; कोई बड़ी या छोटी नौकरी नहीं है। कोई भी श्रम गरिमा के बिना नहीं होता। आपको अपनी नौकरी से प्यार करना चाहिए और अपनी नौकरी में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कितना बड़ा या छोटा है।

आपकी नौकरी आपके जीवन का एक बड़ा हिस्सा है, और वास्तव में संतुष्ट होने का एकमात्र तरीका है। सभी प्रकार की नौकरियों का सम्मान करना और उन्हें स्वीकार करना चाहिए। श्री कृष्णा (Shri Krishna Updesh) द्वारा कही गई ये बात अगर लोग आज अपने जीवन में उतार लें तो बहुत से लोग अपने परिवार का ध्यान खुद रख सकते हैं। जैसे श्री कृष्णा (Shri Krishna Mahabharat Updesh) ने महाभारत के युद्ध की समय अर्जुन का रथ चलाया था।

  1. दोस्ती (Shri Krishna Updesh On Friendship) बहुत सोच समझकर कर करनी चाहिए, जरुरी नहीं की आपके बहुत सारे दोस्त हों पर भरोसेमंद ना हो बल्कि जरुरी ये है की आपका एक दोस्त हो लेकिन वो भरोसेमंद और सच्चा दोस्त हो। अपने अच्छे दोस्तों के साथ रहे और हमेशा बदले में एक अच्छे दोस्त बनें। स्वार्थी लोगो से बचे और सच्चे लोगो के साथ रहे। जैसे श्रीकृष्ण और सुदामा (Shri Krishna Sudama Ki Gatha) की दोस्ती, सुदामा बहुत गरीब परिवार से थे पर फिर भी वो श्री कृष्णा के सच्चे दोस्त थे।

आगे की खबर के लिए बने रहे The Toss News के साथ

ये भी पढ़े :

Omkar Bhaskar

Omkar Bhaskar