प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति समेत 10 हजार भारतीयों की डिजिटल तरीके से जासूसी कर रहा चीन

प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति समेत 10 हजार भारतीयों की डिजिटल तरीके से जासूसी कर रहा चीन
▶️ जेनझुआ डाटा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी ने जुटाया डाटा
▶️ दुनिया भर के तमाम बड़े हस्तियों का डेटाबेस किया तैयार
▶️ भारत अब तक 224 चीनी ऐप्स पर लगा चुका प्रतिबंध

China Spying on India? पूर्वी लद्दाख के LAC (line of actual control) पर भारत और चीन की सेना आमने-सामने हैं। सीमा पर युद्ध जैसे हालात बने हुए है। रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और तमाम बड़े अधिकारियों की बैठकों के बाद भी तनाव कम नहीं हो रहा हैं। खबर है कि चीन द्वारा दुनिया भर के तमाम बड़े चेहरों की डिजिटल तरीके से जासूसी की जा रही हैं।

चीन कर रहा साइबर ट्रैकिंग

चीन की एक कंपनी है, जेनझुआ डाटा इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (Shenzen Data Information Technology)। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार जेनझुआ कंपनी द्वारा भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति समेत लगभग 10 हजार महत्वपूर्ण लोगों की जासूसी की जा रही हैं। यह कंपनी टारगेट लोगों और संस्थानों का सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से डाटा जुटाती हैं और इंफॉर्मेशन लाइब्रेरी तैयार करती है।

China spying on top indians

कंपनी एक रिलेशनल डेटाबेस भी तैयार करती है। जिसमें टारगेट व्यक्तियों की संपूर्ण जानकारी एकत्रित की जाती हैं। किसने क्या पोस्ट किया, क्या लाइक किया, क्या कमेंट किया, फ्रेंड लिस्ट में दोस्त कौन हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence) के द्वारा यह तक पता लगाया जाता है कि कौन कहां जा रहा है? कहने का मतलब यह कि आप पर डिजिटल माध्यम से पूरी नजर रखी जा रही है।

जेनझुआ कंपनी की भारत के प्रसिद्ध लोगों पर नज़र

चीन की कंपनी ने भारत के 10 हजार दिग्गजों का डेटा चुराया। जिसमें प्रधानमंत्री (Prime Minister Narendra Modi), राष्ट्रपति (President) से लेकर मुख्यमंत्री, सांसद, खिलाड़ी, बॉलीवुड कलाकार और उद्योगपतिय आदि हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अशोक गहलोत, अमरिंदर सिंह, उद्धव ठाकरे, नवीन पटनायक, शिवराज सिंह चौहान, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, चीफ जस्टिस एसए बोबडे, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ विपिन रावत और उद्योगपति रतन टाटा जैसे तमाम नाम शामिल हैं।

चीन की जासूसी चिंता का विषय

भारत चीन-सीमा विवाद के बाद ही सुरक्षा, संप्रभुता, अखंडता और विश्वसनीयता जैसे तमाम कारणों को देखते हुए भारत सरकार द्वारा चीन के लगभग 224 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया। जेनझुआ जैसी कंपनी द्वारा भारत का डेटाबेस तैयार और जासूसी करना बहुत बड़ा चिंता का विषय है।

चीन इंटरनेट के माध्यम में काफी आगे हैं। कई बार खबरें भी सामने आती है की, चीन द्वारा अन्य देशों का सैन्य और खुफिया जानकारी प्राप्त की जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना भी हैं कि वर्तमान समय डेटा वॉर (data war) का है। छोटी-छोटी जानकारियां लगातार प्राप्त और तमाम बड़े लोगों की जासूसी करना किसी खास मकसद के तहत किया जा सकता है। आवश्यकता है की सरकार इन मामलों को गंभीरता से ले ताकि भविष्य में भारत को किसी बड़े संकट से ना जूझना पड़े।

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Mahima Nigam

Mahima Nigam

महिमा एक चंचल स्वभाव कि लड़की है और रियल लाइफ में खेलकूद करने के साथ इन्हें शब्दों के साथ खेलना भी काफी पसंद है। बता दें कि इस वेबसाइट को शुरू करने का सपना भी महिमा का है और उसे मंज़िल तक पहुंचाने का भी। उम्मीद करते हैं कि आप साथ देंगे