International Tiger Day 2020: देश से विलुप्त हो रहे थे बाघ, जाने कैसे जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क ने बढ़ाया बाघों की संख्या को

International Tiger Day 2020: देश से विलुप्त हो रहे थे बाघ, जाने कैसे जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क ने बढ़ाया बाघों की संख्या को
▶️ International Tiger Day 2020: 2010 में इंटरनेशनल टाइगर डे की शुरुआत की गई, यह भी तय किया गया कि 2022 तक बाघों की संख्या को दोगुना करना है
▶️ इंटरनेशनल बाघ दिवस के मौके पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बाघों के विषय में ट्वीट करते हुए अहम जानकारी साझा की है
▶️ क्या आप जानते हैं कि वर्तमान में देश में कॉर्बेट नेशनल पार्क (Corbett National Park) में हैं सबसे अधिक टाइगर्स?

International Tiger Day 2020: 28 जुलाई को विश्व बाघ दिवस (International Tiger Day Date) मनाया जाता है। राष्ट्रीय पशु होने के साथ-साथ बाघ को शक्ति, शौर्य, धीरज और सतर्कता का प्रतीक भी माना जाता है। लेकिन भारत (Tigers In India) में एक समय ऐसा भी आया था जब राष्ट्रीय पशु माने जाने वाले बाघ की संख्या में गिरावट आने लगी थी। हालांकि हालातों को बिगड़ता भारत में कई परियोजना कार्य शुरू किए गए ताकि बाघों की विलुप्त होती इस नस्ल को बचाया जा सके। यही वजह है कि बीते कुछ सालों में बाघों कि संख्या में वृद्धि हुई हैं। वर्तमान समय में भारत में बाघों की संख्या 2967 है।

International Tiger Day 2020: भारत में शुरू की गई कई परियोजनाएं

भारत में बाघों की घटती संख्या को बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। इनमें सेव द टाइगर (Save The Tiger Campaign) और प्रोजेक्ट टाइगर जैसे तमाम मिशन शामिल हैं। जब 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) की शुरुआत की गई थी तो भारत में केवल 9 ही टाइगर रिज़र्व थे लेकिन अब वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 50 हो गई है। जिसमें कुल टाइगर की संख्या 2967 हैं।

International Tiger Day 2020: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में हैं सबसे अधिक टाइगर

भारत के उत्तराखंड स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbett National Park Uttarakhand) में इस समय टाइगर्स की संख्या सबसे अधिक है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में वर्तमान समय में 231 टाइगर हैं जोकि किसी भी नेशनल पार्क के मुकाबले सबसे अधिक है। आपको बता दें कि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbett National Park is Known for) भारत में टाइगर रिजर्व में से एक है, यहाँ पर टाइगर्स को संरक्षण दिया जाता है और उनकी जनसंख्या बढ़ाने में मदद की जाती है।

International Tiger Day 2020: International Tiger Day Poster
International Tiger Day Poster

International Tiger Day 2020: क्यों मनाया जाता है विश्व बाघ दिवस?

इतना जानने के बाद आप यह ज़रूर जानना चाहेंगे की विश्व बाघ दिवस (International Tiger Day 2020) आखिरकार मनाया क्यों जाता है? तो बता दें इसका उत्तर बेहद बेहद सरल है। दरअसल, 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग (St. Petersburg Russia) में एक शिखर सम्मलेन आयोजित किया गया था। इसी सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस (International Tiger Day Date) मनाने की घोषणा की गई। इतना ही नहीं इस समारोह में विभिन्न देशों की सरकारें भी मौजूद थीं जिन्होंने यह लक्ष्य तय किया कि 2022 तक बाघों की आबादी को दोगुना करना है।

अंतराष्ट्रीय बाघ दिवस पर किए इन लोगों ने ट्वीट

विश्व बाघ दिवस के मौके पर देश के केंद्रीय वन एवं पर्यावरण विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट (Minister Of Enviorment, Forest & Climate Change, Prakash Javadekar Tweet) करते हुए बताया कि ” 1973 में टाइगर प्रोजेक्ट (Tiger Project) को लॉन्च किया गया था। उस समय टाइगर रिजर्व की कुल संख्या 9 थी जिसे अब बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। प्रकाश ने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि टाइगर हमारी खाद्य श्रृंखला में सबसे ऊपर के पायदान पर आते हैं। ऐसे में अगर इन्हें संरक्षण दिया जाए तो हमारी बायोडायवर्सिटी (Biodiavetsity) को भी बचाया जा सकेगा।

क्या रहा वेंकैया नायडू का ट्वीट?

देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (Vice President Venkaiah Naidu Tweet) ने भी ट्वीट करते हुए टाइगर के बारे में लिखा कि, “आज इंटरनेशनल टाइगर डे (International Tigers Day 2020) के मौके पर चलो जागरूकता फैलाते हैं। बाघों का संरक्षण करते हैं। और जिस इकोसिस्टम बाघ रहते हैं उसे हम जागरूकता के माध्यम से बचा सकते हैं।

आपको बता दें कि विश्व बाघ दिवस (International Tiger Day Poster) मनाने के पीछे का बाघों के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है, जिसके चलते बाघों का अवैध शिकार पर प्रतिबंध लगाया जा सके। इसके साथ ही बाघों की कम होती आबादी को बढ़ाने के लिए तथा लुप्त होती प्रजातियों के संरक्षण हेतु के लिए विश्व बाघ दिवस (International Tiger Day 2020) मनाया जाता है।

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Diksha Gupta

Diksha Gupta

दीक्षा उन लेखकों में से हैं जिनको शब्दों से बेहद प्यार हैं। और इन शब्दों को खूबसूरत तरीके से पन्ने पर उतारना दीक्षा को काफ़ी पसंद है। आप सब तक ख़बरें पहुंचाने के अलावा दीक्षा को कविताएं लिखना भी पसंद है। शौक की बात करें तो दीक्षा डांस में भी रूचि रखती हैं। और एक ऐसी लड़की हैं जिन्हें नई चीज़ें सीखने में मज़ा आता है। दीक्षा का मानना है की वह लक्ष्य कि प्राप्ति के लिए ही ईश्वर पर और खुद पर विश्वास करना पसंद करती हैं.