क्या विश्व के किसी भी देश के पास नहीं है राफेल विमान का जवाब, चीन के जे-20 को फेल कर पाएगा राफेल

क्या विश्व के किसी भी देश के पास नहीं है राफेल विमान का जवाब, चीन के जे-20 को फेल कर पाएगा राफेल
▶️ 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना दिवस मनाया जाता है
▶️ 8 अक्टूबर 1932 को भारतीय वायुसेना की स्थापना हुई थी
▶️ भारतीय वायु सेना में राफेल विमान सबसे ताकतवर है

Indian Airforce Day 2020: प्रत्येक वर्ष 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना दिवस मनाया जाता है। 8 अक्टूबर के दिन ही भारतीय वायुसेना दिवस मनाने के पीछे का कारण यह है कि 8 अक्टूबर 1932 को भारतीय वायुसेना (Indian Airfore Established On 8 Oct. 1932) की स्थापना हुई थी। आजादी से पहले भारतीय वायुसेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स कहा जाता था। भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर वायुसेना है।

राफेल भारतीय वायु सेना का ब्रह्मास्त्र

भारतीय वायुसेना समय-समय पर अपने पराक्रम का प्रदर्शन दुश्मन के खिलाफ करते रहता है। 1999 का कारगिल युद्ध (1999 Kargil War) हो या फिर हाल ही में बालाकोट एयर स्ट्राइक (Balakot Airstrike) को कोई भारतीय शायद ही भुला हो। भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान मिराज-2000, जगुआर, सुखोई, मिग-29, मिग-21, तेजस समेत कई अन्य विमान वायुसेना की ताकत को दुगनी करते हैं।

Indian Airforce Day 2020

भारत और फ्रांस के बीच राफेल (India-France Rafale Deal) समझौते के बाद भारत ने 36 राफेल लेने की डील की थी। 26 जुलाई को फ्रांस से भारत 5 राफेल विमान आए। जिसके बाद माना जा रहा है कि राफेल का जवाब शायद ही किसी अन्य देश के पास हो। मीडिया द्वारा राफेल के मामले को खतरनाक तरीके से कवरेज किया गया। मीडिया द्वारा राफेल को इस तरह प्रस्तुत किया गया कि राफेल का चीन और पाकिस्तान समेत अन्य किसी भी देश के पास कोई जवाब नहीं है।

भारतीय राफेल और चीनी जे-20 का मुकाबला आमने-सामने

भारतीय सेनाओं के सामने पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा विवाद हमेशा ही चुनौती बना रहता है। मुश्किल परिस्थितियों में शक्तिशाली और आधुनिक हथियारों से लैस भारतीय वायुसेना हमेशा अग्रिम पंक्ति पर दुश्मन का सामना करते हुए नजर आती है। इसी साल भारतीय वायुसेना में फ्रांस से आए 5 राफेल विमानों को शामिल किया गया था। वायुसेना के उच्च अधिकारियों द्वारा कहा गया कि राफेल (Rafale Fighter Jet in Indian Airforce) एक बेहतरीन लड़ाकू विमान है और इसकी क्षमता अभूतपूर्व है।

वर्तमान समय की बात करें तो भारत के सामने चीन बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। भारत-चीन सीमा पर तनाव (India-China Border Tension) की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के रक्षामंत्री, विदेशमंत्री और सेना के उच्च अधिकारियों की तमाम बैठकों के बाद भी कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। राफेल के भारत आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह सामने आ रहा था कि क्या राफेल चीन के j-20 लड़ाकू विमान (China Fighter Jet J-20) को पस्त कर सकता है? हां या ना के आधार पर इन विमानों की ताकतों का निर्धारण करना आसान नहीं है। आइए आगे इन विमानों की खूबियों के आधार पर समझते हैं कि कौन सा विमान किस पर भारी  पड़ेगा?

Indian Airforce Day 2020: Rafale vs Changdu J-20

राफेल (Rafale) बनाम चेंगदू जे-20 (Chengdu J-20)

  • जनरेशन के आधार पर

राफेल: 5 जनरेशन

जे-20: 4.5 जनरेशन

  • कॉम्बेट रेडियस के आधार पर

राफेल: 1850 किलोमीटर

जे-20: 3400 किलोमीटर

(विमान अपने उड़ान स्थल से जितनी दूर जाकर हमला कर वापस आ सकता है, उसे विमान का कॉम्बेट रेडियस कहा जाता है।)

  • ऊंचाई (सर्विस सीलिंग) के आधार पर

राफेल: 15240

जे-20: 18000

  • गति के आधार पर

राफेल: 2020 किलोमीटर प्रति घंटा

जे-20: 2100 किलोमीटर प्रति घंटा

  • भार क्षमता के आधार पर

राफेल: 24,500 किलो वज़न

जे-20: 34,000 किलो वज़न

  • मारक क्षमता के आधार पर

राफेल:

150 किलोमीटर तक मार करने वाली मीटिअर मिसाइलें

300 किलोमीटर तक मार करने वाली स्कैल्प मिसाइलें

जे-20:

300 किलोमीटर तक मार करने वाली पीएल-15

400 किलोमीटर तक मार करने वाली पीएल-21

इन तमाम आधारों के अनुसार आप दोनों लड़ाकू विमानों की क्षमताओं का आकलन स्वयं कर सकते हैं। ‘the toss news’ आपके लिए इस तरह के विशेष लेख लाते रहेगा।

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Manoj Thayat

Manoj Thayat

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