सिमा विवाद को लेकर मॉस्को में भारत-चीन रक्षा मंत्री आमने-सामने

सिमा विवाद को लेकर मॉस्को में भारत-चीन रक्षा मंत्री आमने-सामने
▶️ 4 महीने से चल रहे तनाव के बीच, दोनों देशों के रक्षा मंत्री बातचीत की टेबल पर
▶️ शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन(SCO) में भाग लेने पहुंचे थे दोनों रक्षामंत्री, चीनी रक्षा मंत्री ने रखा बातचीत का प्रस्ताव
▶️ 2 घंटे 20 मिनट चली बातचीत का मुख्य केंद्र सीमा तनाव को कम करने के तरीकों पर रहा

साल के शुरुआत से ही एलएसी (Line of Actual Control) में तनाव की स्थिति बनी हुई है। गत जून में गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच गतिरोध और तेज हो गया था। इसी बीच समय-समय पर तमाम बड़े अधिकारियों का सीमा दौरा और चीन के साथ बातचीत का सिलसिला जारी है।

रूस के मास्को में रक्षा मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक

India's and China's defence ministers face to face in Moscow

रूस में आयोजित एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही (Wei Fenghi) पहुंचे हैं। एससीओ बैठक से इतर शुक्रवार रात दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच मॉस्को के एक होटल में आमने-सामने बैठक हुई। बैठक करीब 2 घंटे 20 मिनट तक चली। इस बातचीत का मुख्य केंद्र भारत चीन सीमा तनाव ही रहा।

सीमा गतिरोध के बीच यह पहला मौका था जब दोनों देश के रक्षा मंत्री (defence ministers) बातचीत की टेबल पर थे। राजनाथ सिंह के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा सचिव अजय कुमार और रूस में भारत के राजदूत डी बी वेंकटेश वर्मा भी मौजूद रहें।

रक्षा मंत्रियों की बातचीत से निकलेगा हल

मास्को में रक्षा स्तरीय बैठक कई मायनों में अहम बैठक थी। पूर्वी लद्दाख (Eastern Laddakh) में लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच रक्षा मंत्रियों की आमने-सामने की बैठक को एक समाधान के रूप में देखा जा रहा हैं। जानकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री का ध्यान एलएसी पर तनाव कम करने पर केंद्रित किया। रक्षा मंत्री ने गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प की बात करते हुए चीनी सेना को यथा स्थिति बनाये रखने और सेना को पीछे हटने के बात पर भी जोर दिया।

बैठक से पूर्व शंघाई सहयोग संगठन (SCO) को संबोधित करते हुए भी राजनाथ सिंह ने शांतिपूर्ण समाधान, क्षेत्रीय शांति, गैर-आक्रामकता, देशों के बीच में विश्वास की बात जैसे तमाम सुरक्षा और रक्षा के मामलों पर अपनी बात रखी।

दो दिवसीय दौरे के बाद नरवणे का बयान

सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे दो दिवसीय लद्दाख दौरे से वापस लौटें। सेना प्रमुख नरवणे (Army Chief Narwane) ने अपने दौरे में पूर्वी लद्दाख में तनाव की स्थिति का जायजा लेते हुए, सेना के तमाम बड़े कमांडर स्तर अधिकारियों के साथ बैठकें की। अपने दौरे को समाप्त करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, पूर्वी लद्दाख में स्थिति गतिरोध बनी हुई है। भारतीय सेना किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिये तैयार हैं। सेना का मनोबल उच्च स्तर पर है,इससे यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्र की एकता और अखंडता पर आंच भी नहीं आ सकती है।

अब देखना यह होगा कि क्या दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की बातचीत से कोई हल निकलेगा?

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।