इस बार कोरोना काल में ही मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस, जानें हर बार से क्या अलग होगा इस बार

इस बार कोरोना काल में ही मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस, जानें हर बार से क्या अलग होगा इस बार
▶️ तिरंगे में सभी रंगों का है बेहद खास महत्व, इस बार मनाया जाएगा 74वां स्वतंत्रता दिवस
▶️ COVID की वजह से त्रिपुरा के झंडा मजदूरों को उठाना पड़ रहा है भारी नुकसान, बाजार में नहीं है झंडो की मांग
▶️ कोरोना की वजह से रहेगा इस बार सूना स्वतंत्रता दिवस, बाजारों में भी नहीं बिक रहा तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस आने वाला है और इस बार भारत में 74वां स्वतंत्रता दिवस (74th Independence Day) मनाया जाएगा। लेकिन इस वक्त कोरोना वायरस ने सभी त्योहारों को जैसे बेरंग सा कर दिया है। जाहिर है अब इसका असर हमारे स्वतंत्रता दिवस पर भी पड़ेगा। इस बार स्वतंत्रता दिवस बड़े सीमित स्तर पर बनाया जाएगा। कोरोना वायरस के कारण बाजारों में भी इसका बुरा असर पड़ा है बाजारों में झंडों और अन्य सामानों की मांग भी कम हुई है।

झंडा बनाने वालों को भारी नुकसान

कोरोना वायरस के कारण इस बार बाजार में स्वतंत्रता दिवस की रौनक कम नज़र आ रही है। झंडों की मांग में भी कमी आई है। ऐसे में अगरतला के झंडे बनाने वालों का कहना है कि इस बार झंडों की मांग में भारी कमी आई है जिसकी वजह से उन्हें काफी नुकसान हो रहा है।

Preparations ahead of 74th Independence Day celebration

उनमें से एक झंडा बनाने वाले व्यक्ति ने बात करते बताया कि, मैं पिछले 30 सालों से झंडे बनाने के ही व्यापार में लगा हुआ हूं, लेकिन इस बार हमें एक भी आर्डर नहीं मिला। व्यापार कम होने की वजह से मुझे भारी नुकसान हो रहा है और मैं नहीं जानता कि जिन झंडों को मैंने बनाया है उन्हें मैं बेच पाऊंगा भी या नहीं। इस सब के बाद भी उसके दिल में एक उम्मीद है कि उनके बनाए गए झंडों को कोई ना कोई तो खरीदेगा ही।

क्या है झंडे में तीन रंगों का महत्व

भारत देश की शान तिरंगा झंडा (tricolor flag) मुख्य तौर पर तीन रंगों से मिलकर बना है। स्वतंत्रता के समय हमारे देश का यह झंडा सबसे पहले एक स्त्री पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार किया गया था। जिसके बाद सबसे पहले उसे 1947 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फहराया गया था। झंडे में तीन रंग होने के कारण से तिरंगा कहा जाता है जिसमें सबसे पहले केसरिया फिर सफेद और उसके बाद हरा रंग शामिल है इन तीनों रंगों का अपने आप में अलग ही महत्व है। साथ बीच में मौजूद अशोक चक्र भी तिरंगे की शोभा बढ़ाता है।

झंडे में सबसे पहला रंग केसरिया होता है जो कि हमारे देश के साहस और बलिदान का प्रतीक है। उसके बाद आने वाला सफेद रंग शांति और अहिंसा का प्रतीक माना जाता है। और सबसे अंत में आता है हरा रंग जो खुशहाली और संपन्नता, समृद्धि, उर्वरता का प्रतीक माना जाता है। इसके अतिरिक्त तिरंगे में अशोक चक्र होता है जो कि धर्म चक्र का प्रतीक है, इस चक्र में चौबीस तीलियां होती हैं।

सभी रंग मिलकर हमारे देश एक और अटूट बनाते हैं और भाईचारे का भी संदेश देते हैं।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।