शरीर में मानव बम बांधे महिला ने कैसे ले ली राजीव गांधी की जान, जाने उस दिन की पूरी कहानी

शरीर में मानव बम बांधे महिला ने कैसे ले ली राजीव गांधी की जान, जाने उस दिन की पूरी कहानी
▶️21 मई, 1991 ये वो तारीख है जिस दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अंतिम सांस ली थी
▶️प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रीपेरम्बदूर, तमिलनाडु में मानव बम के सहारे मारा गया था
▶️राजीव गांधी को लोटो जूता और गुच्ची की घड़ी से पहचाना गया था

21 मई, 1991 ये वो तारीख जिसे कोई नहीं भूल सकता। ये वही दिन औऱ तारीख है जिस दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अंतिम सांस ली थी। तो क्या आप ये जानते हैं कि उस दिन हुआ क्या था, कैसे राजीव गांधी की जान चली गई..?

कैसे गई राजीव गांधी की जान

21 मई, 1991 की बात है, जब तीस वर्ष की एक महिला अपने हाथों में चंदन का एक हार लिए राजीव गांधी की तरफ बढ़ रही थी। जैसे ही वो हार राजीव गांधी के गले में पड़ा तब कानों को सन्न कर देने वाली आवाज आई। औऱ ये केवल आवाज नहीं बल्कि एक विस्फोटक धमाका था। जिसमें राजीव गांधी की जान चली गई। ये एक सोची-समझी साजिश थी।

मानव बम धमाके का शिकार हुए थे राजीव गांधी

Sonia Gandhi pays final visit to Rajov Gandhi
Source: Navodaya Times

प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रीपेरम्बदूर, तमिलनाडु में मानव बम के सहारे मारा गया था। जांच में पता लगा कि एक महिला ने मानव बम को एक बेल्ट की तरह पहना हुआ था, हरे रंग के कपड़ों में महिला ने मानव बम दबाया हुआ था। घातक बम को गले लगाए महिला राजीव गांधी के पैर छूने के लिए नीचे झुकी थी, इतनी ही देर में बम फटा औऱ सब जगह मातम पसर गया।

कैसा था मंजर?

उस दिन राजीव गांधी के सम्मान में मंच पर एक गीत गाया जा रहा था। जब धमाका हुआ तब लोगों के शरीर में आग लग गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार धमाका होने से खुछ सेकैंड पहले पटाखे जैसी हल्की आवाज आई उसके बाद विस्फोटक धमाका हुआ लोगों के शरीर औऱ कपड़ों में आग लगी हुई थी सभी इधर-उधर पड़े हुए चीख रहे थे, हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। जब धमाके का धुंआ कम हुआ तब राजीव गांधी की तलाश शुरू हुई।

कैसे हुई राजीव गांधी की पहचान

सभी के मन में ये सवाल तो आता ही होगा कि, इतने सारे शवों के बीच राजीव गांधी का शव कैसे पहचाना गया…दरसअल रिपोर्ट के अनुसार एक पत्रकार नीना (Journalist Nina) कहती हैं कि, मैं सभी शवों को बड़े ध्यानपूर्वक देख रही थी… आशा जता रही थी कि मुझे राजीव गांधी ना दिखे, वैसे ही मेरी नजर एक शव पर पड़ी जो मुंह के बल पड़ा हुआ था।

पत्रकार ने बताया कि मैंने राजीव गांधी का लोटो जूता और गुच्ची की घड़ी से उनको पहचाना, क्योंकि उस महिला पत्रकार ने इंटरव्यू के दौरान उनकी घड़ी देखी थी।

कई दिनों तक चली जांच में ये पता लगा कि एक महिला ने ये धमाका किया था, जिसने अपने शरीर में मानव बम बांधा हुआ था। इस धमाके में कई लोगों के चीथड़े उड़ गए थे। आज राजीव गांधी के जन्मदिन पर एक बार फिर ये दर्दनाक मंजर याद आय़ा।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।