जानें कोरोना काल में कैसे मनाई जा रही है कृष्ण जन्माष्टमी

जानें कोरोना काल में कैसे मनाई जा रही है कृष्ण जन्माष्टमी
▶️मंदिरों में नहीं है पहले की तरह आयोजन, इस बार धूमधाम से नहीं मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी
▶️कोरोना के इस प्रकोप के कारण कुछ मंदिरों में लगा है ताला, सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जायेगा ख्याल
▶️रात 1:30 बजे होने वाली आरती में शामिल नहीं हो पाएंगे भक्त

आज यानि 11 अगस्त को जन्माष्ठमी का त्योहार मनाया जा रहा है। लेकिन धूमधाम से मनाया जाने वाला यह त्योहार अब कोरोना काल में फीका पड़ता दिखाई दे रहा है। कोरोना वायरस (corona virus) ने अब महामारी का रूप धारण कर लिया है। इस वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है जिसके कारण घरों में रहना व एक दूसरे से सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing) बनाए रखना जीवन का हिस्सा बन गया है, और अब ये असर त्योहारों पर भी दिखने लगा है।

जन्माष्टमी पड़ी फीकी

दुनिया भर में धूमधाम से मनाया जाने वाली कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार अब उतनी धूमधाम से नहीं मनाया जाएगा, जितना की पहले मनाया जाता था। कोरोना ने इस खुशी पर भी ग्रहण लगा दिया है। साथ ही संक्रमण के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए इस त्योहार को भीड़ में नहीं मनाया जा सकता है।

Janmashti 2020 will be celebrated in COVID-19

जन्माष्टमी का यह त्योहार भारत में ही नहीं बल्कि देश- विदेशों में भी धूमधाम से मनाया जाता था। जहां पर जन्माष्टमी के इस त्यौहारों पर सारे मंदिरों को श्रद्धापूर्ण व भक्तिभाव से सजाया जाता था। अब ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिलेगा। पहले मंदिरों को चारों ओर से दिये व फूलों से भरा जाता था। साथ ही भगवान कृष्ण को दुल्हनों की तरह शृंगार किया जाता था व मंदिरों को चांद की तरह चमकाया जाता था। वहीं इस बार भगवान कृष्ण भी ये सारी चीजें मिस करने वाले हैं।

कोरोना काल में भक्ति

जहां कान्हा जी के भक्त इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते थे। अब वो भक्त इस पावन दिन को पहले की तरह नहीं मना पाएंगे। महामारी कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष की जन्माष्टमी पर वैसे आयोजन नहीं किए जाएंगे जैसे किए जाते रहे हैं।

आपको बता दें कि कुछ मंदिरों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है तो कहीं श्री कृष्ण के भक्तों के लिए कुछ मंदिरो का प्रवेश द्वार खोल दिए गये हैं। साथ ही अंदर प्रवेश के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ मास्क, सैनिटाइजर आदि अनिवार्य कर दिया गया है।

इस बार मंदिरों की स्थिति

बता दें कि पहले जन्माष्ठमी के दिन मन्दिरों (temples) में भक्तों की कतार लग जाती थी, वहीं रात की आरती के दर्शन पाने के लिए लोग दूर-दराज से मथुरा पहुंचते थे, लेकिन इस बार मन्दिरों में भगवान कृष्ण को अपने भगतों की कमी खूब खलने वाली है।

वैसे तो मन्दिरों को अभी भी खूब सजाया गया है, भगवान कृष्ण का एक बार फिर दुल्हन की तरह श्रृंगार किया गया है, लेकिन कमी है तो सिर्फ उन कृष्ण प्रेमियों की जो हर साल मन्दिरों के बाहर लम्बी कतार में कृष्ण नाम का जय जयकार करते थे।

हिंदुओं का विशेष त्यौहार है जन्माष्टमी

कोरोना के कारण इस बार सभी लोग घर में ही त्योहार मनाया रहे हैं। सभी अपने-अपने घर के मंदिरों खूब सजा रहे हैं। और कृष्ण के जन्म का इंतजार कर रहे हैं। संक्रमण की गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए इस बार लोग बाहर पूजा देखने तो जाने नहीं वाले ऐसे में सभी लोग परिवार के साथ व्रत रखकर जन्माष्ठमी का त्योहार मनाएंगे।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।