भारत में 7 दिनों का राष्ट्रीय शोक, प्रणब मुखर्जी के सम्मान में की गई घोषणा

भारत में 7 दिनों का राष्ट्रीय शोक, प्रणब मुखर्जी के सम्मान में की गई घोषणा
▶️अस्पताल में भर्ती भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 31 अगस्त की शाम अंतिम सांस ली
▶️1 सितंबर को करीब 2.30 बजे प्रणब मुखर्जी के शव को दिल्ली के लोधी श्मशान घाट ले जाया जाएगा
▶️केंद्र सरकार की तरफ से पूरे देश में 7 दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है

Pranab Mukherjee Death Update: पिछले काफी समय से अस्पताल में भर्ती भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 31 अगस्त की शाम अंतिम सांस ली। प्रणब मुखर्जी काफी दिनों से दिल्ली के आर्मी अस्पताल में फर्ती थे, जहां वो कोरोना संक्रमित भी पाए गए थे। ऐसे में इलाज के दौरान 31 अगस्त की शाम मुखर्जी का निधन हो गया।

देश में 7 दिनों का राष्ट्रीय शोक

आज 1 सितंबर को करीब 2.30 बजे प्रणब मुखर्जी के शव को दिल्ली के लोधी श्मशान घाट ले जाया जाएगा। ऐसे में केंद्र सरकार की तरफ से पूरे देश में 7 दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।

बता दें कि गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि, प्रणब मुखर्जी के निधन के बाद उनके सम्मान में 31 अगस्त से लेकर 6 सितंबर तक भारत में राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जा रही है। जिसके बाद इस बीच सभी भवनों पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाकर फहराया जाएगा।

पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रणब मुखर्जी के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख प्रकट किया है। पीएम ने शोक जताते हुए लिखा है कि, देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के चले जाने से पूरा देश शोक में है। पीएम ने प्रणब मुखर्जी को स्टेट्समैन बताया। पीएम मोदी ने आगे कहा कि, मुखर्जी ने राजनीतिक क्षेत्र और सामाजिक क्षेत्र में हर प्रकार से सेवा की है।

7 day national mourning

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होने एक पत्र लिखकर मुखर्जी की ढेरों तारीफ की औऱ कहा कि उनके योगदान के लिए बांग्लादेश हमेशा उनका आभारी रहेगा।

ब्रेन सर्जरी ने ली जान

बताते चलें कि प्रणब मुखर्जी ब्रेन सर्जरी के लिए अस्पताल पहुंचे थे जहां सर्जरी के बाद उनकी हालत दिन प्रतिदिन खराब होती चली गई। दरअसल मुखर्जी के मस्तिष्क में खून का थक्का बन गया गया था जिसके लिए वो अस्पताल गए वहां टेस्ट में मुखर्जी कोरोना संक्रमित भी पाए गए थे। उम्र ज्यादा होने के कारण संक्रमण बढ़ता चला गया। इसके अलावा डॉक्टर्स की माने तो वो कोमा में भी चले गए थे।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।