क्यों मनाई जाती है गोवर्धन पूजा, जानें कैसे शुरू हुई ये परंपरा?

क्यों मनाई जाती है गोवर्धन पूजा, जानें कैसे शुरू हुई ये परंपरा?
▶️हर वर्ष दिपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2020) मनाई जाती है
▶️गोवर्धन पर्वत को भगवान कृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली से उठा लिया था बृज की जानलेवा बारिश से सभी को बचाया था
▶️गोवर्धन पूजा के दिन मंदिरों में अन्नकूट महोत्सव भी मनाया जाता है जहां गोवर्धन को 56 भोग लगाए जाते हैं

Govardhan Pooja 2020: दिपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2020) मनाई जाती है। दरअसल श्री कृष्ण खुद गाय चराते थे वो अपनी गायों को लेकर गोवर्धन पर्वत पर चले जाते थे। भगवान कृष्ण ने अपनी गायों के भरण पोषण का श्रेय गोवर्धन पर्वत को ही दिया था क्योंकि वहीं से उनकी गायों को भोजन मिलता था।

दरअसल गोवर्धन पर्वत को भगवान कृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली से उठा लिया था औऱ इसी पर्वत के नीचे सभी बृजवासियों को एकत्रित किया औऱ बृज में हो रही जानलेवा बारिश से सभी को बचाया। तभी से ही गोवर्धन पूजा (Importance Of Govardhan Pooja) मनाया जाने लगा।

गोवर्धन पूजा का महत्व

दरअसल जब सभी बृजवासी भयानक बारिश और तुफान से बच गए तब भगवान श्री कृष्ण (Lord Shri Krishna) ने ही गोवर्धन पूजा करने के लिए सभी से आग्रह किया था, तबसे हर वर्ष दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाने लगी। इस पूजा को अन्नकुट पूजा भी कहते हैं।

Govardhan Pooja 2020: Importance Of Govardhan Pooja

इस दिन महिलाएं गाय के गोबर से गोवर्धन बनाती हैं औऱ गायों की पूजा करती हैं। इसके अलावा इस दिन मंदिरों में अन्नकूट महोत्सव (Annakut Mahautsava 2020) भी मनाया जाता है जहां गोवर्धन को 56 भोग लगाए जाते हैं और इसे प्रसाद के रूप में सभी को बांटा जाता है।

लगातार कम हो रही है गोवर्धन पर्वत की ऊंचाई

दिवाली के अगले दिन जिस गोवर्धन पर्वत (Govardhan Parvat) की पूजा की जाती है उस पर्वत की उंचाई अब कम होने लगी है। पहले के लोग बताते हैं कि उस समय गोवर्धन पर्वत की ऊंचाई इतनी हुआ करती थी की इसके पीछे सूरत तक छिप जाता था। लेकिन अब एक रिपोर्ट के अनुसार 5,000 साल पहले गोवर्धन पर्वत की ऊंचाई 30,000 मीटर था लेकिन आज ये केवल 25-30 मीटर रह गई है।

Mahima Nigam

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महिमा एक चंचल स्वभाव कि लड़की है और रियल लाइफ में खेलकूद करने के साथ इन्हें शब्दों के साथ खेलना भी काफी पसंद है। बता दें कि इस वेबसाइट को शुरू करने का सपना भी महिमा का है और उसे मंज़िल तक पहुंचाने का भी। उम्मीद करते हैं कि आप साथ देंगे

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