Gandhi Jayanti: आखिर 40 सालों तक बैंक के लॉकर में क्यों रखी गई थी गांधी की अस्थियां?

Gandhi Jayanti: आखिर 40 सालों तक बैंक के लॉकर में क्यों रखी गई थी गांधी की अस्थियां?
▶️इतिहास में 2 अक्टूबर का दिन महात्मा गांधी के जन्मदिवस के रूप में दर्ज है
▶️मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 40 सालों तक बापू की अस्थियां बैंक के लॉकर में रखी गई थीं, कारणों का अभी तक कोई पता नहीं लग सका
▶️गांधी के पड़पोते नें बैंक को एक पत्र भी लिखा और कहा कि अगर अस्थियां बैंक के लॉकर में रखने की बात सही है तो ये बेहद दुख की बात है

Gandhi Jayanti 2020: बच्चा हो या बुजुर्ग 2 अक्टूबर के महत्व को हरेक व्यक्ति अच्छे से जानता है। देशभर में आज यानी 2 अक्टूबर के दिन सरकारी छुट्टी के रूप में मनाया जाता है। इतिहास में ये दिन महात्मा गांधी के जन्मदिवस (Mahatma Gandhi Birth Anniversary) के रूप में दर्ज है। लोग गांधी के जीवन की तरह तरह की कहानियां पढ़कर और सुनकर उन्हे याद कर रहे हैं। लेकिन इन्ही कहानियों में एक कहानी ये भी है कि महात्मा गांधी की कुछ अस्थियों को ओड़िशा के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India, Odisha) में रखा गया था।

कई सालों तक बैंक के लॉकर में थी महात्मा गांधी की अस्थियां

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई सालों तक बापू की अस्थियां बैंक के लॉकर में रखी गई थीं। लेकिन किसी ने ये बात लीक नहीं होने दी की आखिर ऐसा किया क्यों जा रहा है। इस गुत्थी ने कोर्ट में जाकर ही दम लिया वहां पता लगा कि बापू की अस्थियों (Ashes of Bapu Kept In Banklocker For 40 years) को करीब 40 सालों तक बैंक में रखा गया था जिसपर काफी हंगामा हुआ।

Gandhi Jayanti Special: Story Of Ashes Of Bapu

अस्थियों के लिए बैंक को लिखा गया पत्र

महात्मा गांधी की अस्थियां लॉकर में है इस बात की जानकारी बापू के पड़पोते तुषार अरुण गांधी (Mahatma Gandhi Grandson Tushar Arun Ghandhi) को थी, उन्होने ही गांधी की अस्थियों के लिए आवाज उठाया था। इस बारें में गांधी के पड़पोते नें बैंक को एक पत्र भी लिखा और कहा कि अगर अस्थियां बैंक के लॉकर में रखने की बात सही है तो ये बेहद दुख की बात है।

हिंदू घर्म औऱ मान्यताओं के अनुसार एक व्यक्ति की आत्मा तबतक शांत नहीं होती जबतक उसकी अस्थी को जल में जगह ना मिल जाए। ऐसे में बैंक के लॉकर में अस्थियां रखने की बात बेहद दुखद है।

Gandhi Jayanti Special: Story Of Ashes Of Bapu

बैंक ने माना कि उनके पास है गांधी की अस्थियां

गांधी जी के पड़पोते के पत्र का जवाब देते हुए बैंक की तरफ से भी जवाब आय़ा, कि बैंक इस बारे में जांच करेगा। इस बातचीत के बाद एक दिन गांधी के पड़पोते तुषार गांधी को बैंक की तरफ से फोन आया और ये बताया गया कि गांधी जी की अस्थियां उनके यहां ही रखी गई हैं। बैंक ने बताया कि इस अस्थी को बैंक के लॉकर में रखा गया है जो एक लकड़ी का बॉक्स है औऱ उसपर लिखा है – अस्थीज ऑफ महात्मा गांधी। इसके बाद तुषार गांधी (Tushar Gandhi) काफी इनोशनल हो गए।

अस्थियों को लेकर काफी बवाल हुआ। तुषार गांधी ने इस बारे में राज्य सरकार, ओडिशा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई लोगों को पत्र लिखा लेकिन कहीं से भी कोई जवाब तुषार गांधी को नहीं मिल सका।

तुषार को मिली गांधी की अस्थियां

Gandhi Jayanti Special: Story Of Ashes Of Bapu

लंबे समय की बहसबाजी के बाद आखिरकार तुषार गांधी को 1996 के अंत तक अस्थियां मिल गईं। इसके बाद तुषार ने इलाहाबाद (Allahabad) जाकर संगम में इन स्थियों को प्रवाहित किया। लेकिन आजतक ये साफ नहीं हो सका कि आखिर 40 सालों तक बापू की अस्थियों को बैंक के लॉकर में क्यों रखा गया था?

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।