आरोपियों के वकील एपी सिंह पर हो सकती है कार्रवाई

आरोपियों के वकील एपी सिंह पर हो सकती है कार्रवाई
▶️ हाथरस गैंगरेप मामले में वकील एपी सिंह आरोपियों की ओर से लड़ रहे केस
▶️ रेप पीड़िता का सार्वजनिक रूप से नाम उजागर करने पर आईपीसी की धारा 228ए के तहत 2 साल की सजा का प्रावधान
▶️ वकील एपी सिंह ने निर्भया केस में भी आरोपियों का लड़ा था केस, अपनी टिप्पणियों के कारण सुर्खियों में रहते हैं एपी सिंह

Hathras Gangrape Case, UP: साल 2012, राजधानी दिल्ली में पैरामेडिकल छात्र निर्भया के साथ हुई दरिंदगी को कौन भूल सकता है! जब-जब निर्भया केस की चर्चा होगी, तब-तब वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा (Seema Samridhi Kushwaha) और वकील एपी सिंह (AP Singh) का भी नाम सामने आएगा। निर्भया मामले में सीमा कुशवाहा ने पीड़ित परिवार जबकि एपी सिंह ने आरोपियों का केस लड़ा था। अब इसे इत्तेफाक कहे या होनी, हाथरस गैंगरेप मामले (Hathras Gangrape Case) में भी ये दोनों ही वकील केस लड़ रहे हैं। हाथरस मामले में कानून के नियमों का उल्लंघन करने के कारण आरोपियों के वकील एपी सिंह पर कानूनी कार्रवाई (Lawyer AP Singh may face legal action For Breaking Laws.) हो सकती है।

आरोपियों के वकील एपी सिंह ने लाइव शो में पीड़िता का नाम लिया

एबीपी न्यूज़ चैनल पर एक लाइव (ABP News Live Show) कार्यक्रम चल रहा था। पैनल डिस्कशन में हाथरस मामले (Hathras Gangrape Case) के आरोपियों के वकील एपी सिंह भी मौजूद थे। कार्यक्रम में चर्चा के दौरान एपी सिंह हाथरस (AP Singh Takes Name Of Victim In Live Show) पीड़िता का नाम उजागर कर देते हैं। सार्वजनिक मंचों पर रेप पीड़िता का नाम लेना कानून की नजर में अपराध है।

लाइव शो में पीड़िता की वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि पीड़िता का इस तरह से नाम लेने पर एपी सिंह के ऊपर एफआईआर (FIR May Issued On AP Singh) हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि एपी सिंह द्वारा मामले को राजनीति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इसी कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता योगिता (Social Worker Yogita) भी शामिल थी। योगिता ने एपी सिंह को जवाब देते हुए कहा, एपी सिंह को कानून की जानकारी नहीं है। यह अपने आप में एक अनोखे वकील है। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

Hathras Gangrape Case: FIR May Issued Against Lawyer AP Singh

रेप पीड़िता का नाम उजागर करने पर 2 साल की सजा

आईपीसी की धारा 228ए (IPC Act 228A) के तहत, बलात्कार की शिकार हुई लड़की या महिला का नाम प्रचारित-प्रसारित करने, नाम सार्वजनिक मंचों पर लेने या नाम को किसी भी तरीके से ज्ञात बनाना अपराध है। आईपीसी की धारा 376, 376ए, 376बी, 376सी, 376डी, 376जी के तहत केस की पीड़िता का नाम प्रिंट या पब्लिक करने के आरोप में 2 साल की सजा हो सकती है।

कानून के तहत बलात्कार पीड़िता (Hathras Gangrape Victim) से जुड़ी जानकारियां जैसे-निवास स्थान, परिजनों, दोस्तों, विद्यालय अन्य विवरणों को भी सार्वजनिक करना एक अपराध है।

ए पी सिंह पहले भी कर चुके हैं आपत्तिजनक टिप्पणियां

वकील एपी सिंह के द्वारा दिया गया आपत्तिजनक बयान का यह कोई पहला मामला नहीं हैं। निर्भया मामले (Nirbhaya Case) में सालों चले केस के दौरान एपी सिंह कई बार सवालों के घेरे में आए। एपी सिंह ने कई बार निर्भया और उसके परिवार पर व्यक्तिगत टिप्पणियां भी की।

रेप पीड़िता के नाम और व्यक्तिगत जानकारी को इस तरह से सार्वजनिक करने के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होना जरूरी है। ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि मामले के खत्म हो जाने के बाद भी समाज द्वारा परिजनों को हीन भावना से देखा जाता है।

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Manoj Thayat

Manoj Thayat

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