हाथरस: पीड़िता की पहचान उजागर करने के जुर्म में ट्विटर पर मुकदमा दर्ज

हाथरस: पीड़िता की पहचान उजागर करने के जुर्म में ट्विटर पर मुकदमा दर्ज
▶️सोशल मीडिया पर हाथरस की बेटी के साथ जो हुआ उसकी पहचान उजागर करने की कोशिश की जा रही है
▶️पुलिस की टीम मृतिका की वास्तविक फोटो, वीडियो व परिवार की पहचान वेबसाइट से डिलीट करने की कोशिश कर रही है
▶️पहचान उजागर करने के जुर्म में ट्विटर और अन्य वेबसाइट पर मुकदमा दर्ज हुआ है

Hathras Case Latest Update: उत्‍तर प्रदेश के हाथरस कांड से तो सभी परिचित होंगे, एक ऐसा केस जिसने सबकी रूह कांपा दी, एक ऐसा केस जिसके बारे में सुनते ही पूरा देश इंसाफ की लड़ाई लड़ने लग गया। लेकिन कुछ लोग अभी भी ऐसे हैं जिनके सीने में दिल नहीं है, जिनके पास शरीर तो है लेकिन दया नहीं है। जी हां, सोशल मीडिया पर हाथरस (Hathras Incident) की बेटी के साथ जो हुआ उसकी पहचान उजागर करने की कोशिश की जा रही है।

ट्विटर के खिलाफ केस दर्ज

बता दें कि एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर (Activist Dr. Nutan Thakur Complaints Against Revealing Identity Of Hathras Victim) ने हाथरस पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर करने की ऊपर शिकायत दर्ज की है जिसके बाद ट्विटर शिकायत में अंकित वेबसाइटों पर केस दर्ज हो गया है। जानकारी के अनुसार शिकायत के बाद पुलिस एक्शन मूड में दिखाई दे रही है। लगातार टीम मृतिका की वास्तविक फोटो, वीडियो व परिवार की पहचान वेबसाइट से डिलीट करने की कोशिश कर रही है।

क्यों दर्ज हुआ केस?

बता दें कि रेप पीड़िता और किसी भी गंभीर केस में शामिल लोगों की पहचान उजागर करना गैर कानूनी है। खासकर रेप पीड़िता व उसके परिवार की पहचान किसी भी शर्त पर पब्लिक नहीं की जाती है, लेकिन शिकायत में नूतन ने माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट (Micro-Blogging Site) ने ये कहा है कि ट्विटर पर पीड़ित बच्ची के नाम, फोटो, वीडियो आदी शेयर किए गए हैं, जो की गैर कानूनी है।

FIR Against Twitter & Other Website For Revealing Identity Of Hathras Victim

शिकायत में ये भी कहा गया है कि दोषी वेबसाइट पर जल्द से जल्द कार्यवाही होनी चाहिए। इसके अलावा पीड़िता की पहचान उजागर करने संबंधित कई सारी वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की गई हैं उसे भी हटाया जाए।

पीड़िता की पहचान उजागर करना है गैर कानूनी

बता दें कि किसी भी पीड़ित युवती. बच्ची व पीड़ित परिवार की पहचान उजागर करना कानूनी अपराध (Revealing Victims Identity Is Illegal In Rape Case) है। आईपीसी की धारा 228ए के तहत रेप पीड़ित की पहचान का प्रकटीकरण करना एक दंडनीय अपराध है।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार सोशल मीडिया (Social Media) से पीड़ित युवती की तस्वीर हटाने के कार्य में लगी हुई है। इस संदर्भ में ट्विटर (FIR Against Twitter & Other Social Websites) और अन्य सोशल वेबसाइट पर मुकदमा दर्ज हो गया है।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।