सुशांत केस में सीबीआई के शामिल होने के बाद ट्विटर पर वायरल हुआ #CBIforPalghar

सुशांत केस में सीबीआई के शामिल होने के बाद ट्विटर पर वायरल हुआ #CBIforPalghar
▶️ पालघर मामले के चार महीने बीत जाने के बाद भी लोगों में हैं आक्रोश
▶️ ट्विटर पर लोग लगातार कर रहें हैं सीबीआई जांच की मांग, पॉपुलर हो रहा है हैशटैग
▶️ सुशांत केस में सीबीआई की एंट्री के बाद अब लोग पालघर मामले में भी कर रहें हैं सीबीआई की मांग

सुशांत सिंह राजपूत मौत मैं अब जांच के लिए सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरी झंडी दे दी गई है जिसके बाद से ट्विटर पर एक अलग हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहा है। ये है #CBIforPalghar इससे साफ है कि अब देश की जनता पालघर हत्याकांड के मामले में भी सीबीआई जांच के लिए अपनी आवाज़ बुलंद कर रही है। लोग इस मामले में तरह-तरह के राय रख रहे हैं और लगातार सीबीआई जांच के लिए बोल रहे हैं।

ट्विटर पर कई लोग कर रहें हैं मांग

आपको बता दें कि सीआईडी के गठन के बाद भी पालघर की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही जिसके लिए अब लोग अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। जिसमें ट्विटर पर कई लोग ट्वीट करके इस मामले में भी अब सीबीआई को शामिल करने की लगातार मांग कर रहे हैं।

ट्वीट करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा है कि महान मुंबई की पुलिस केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए ही एक्टिव होती है लेकिन पालघर सुशांत जैसे केसों के लिए चुप्पी साध कर बैठ जाती है। यह बेहद ही शर्मिंदगी की बात है। वहीं दूसरी तरफ एक दूसरे यूज़र ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि जिस साधु को पालघर में भीड़ के द्वारा मारा गया जिनकी उम्र 70 वर्ष की थी वह लगातार रो रहें थे और अपनी जान के लिए भीख मांग रहे थे। और इस पूरी घटना पर अपना दुख बयां करने के लिए कोई शब्द नहीं है। मैं चाहता हूं कि लोग इसे देखे जिससे पहले बेहद देर हो जाए

ट्विटर पर लोगों की मांग

एक और ट्विटर यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि पालघर हत्याकांड में संदिग्ध पाए गए 28 संदिग्ध लगातार रिहाई की मांग कर रहे हैं क्योंकि महाराष्ट्र सीआईडी अब तक उनके खिलाफ कोई भी सबूत नहीं खोज पाई है क्या उन्होंने पूरी घटना को वीडियो द्वारा नहीं देखा जहां साधुओं को मारा जा रहा था?

एक अन्य यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि इस घटना को 4 महीने का समय बीत चुका है इसके बाद भी अब तक किसी ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग नहीं की, इस विषय मैं दोनों केंद्र तथा राज्य सरकार मूकदर्शक की तरह सब कुछ देख रही है।

एक अन्य व्यक्ति ने लिखा की इस विषय पर भी महाराष्ट्र सरकार और पुलिस पर सवाल उठता है कि उन्होंने अब तक क्या किया, हम लोग इस मामले में भी सीबीआई जांच की मांग करते हैं जिससे अधिक पारदर्शिता आ सके।

क्या है पालघर हत्याकांड मामला

किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले पालघर हत्याकांड मामले को दोबारा से समझ लेना बेहद जरूरी है। यह घटना 16 अप्रैल को गढ़चिंचले की है जहां दो साधु किसी धार्मिक काम के लिए (अंत्येष्ठि) में भाग लेने के लिए मुंबई से सूरत कार द्वारा जा रहे थे, एक गांव में भीड़ ने उन्हें चोरी का शक होने पर उन्हें पीट पीट कर बेरहमी से मार डाला। वो मदद की गुहार लगाते रहे और अपने निर्दोष होने का सबूत देते रहे लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी।

पुलिस द्वारा इस मामले में जांच पड़ताल की गई और सीआईडी को भी इस मामले में शामिल किया गया जिसके बाद 28 लोगों को हिरासत में लिया गया है। और अभी भी जांच जारी है लेकिन मुंबई पुलिस अभी तक किसी भी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है। जिसके बाद अब लगातार सीबीआई जांच की मांग उठाई जा रही है।

हमारे विचार

हम तो इस मामले में इतना ही कहना चाहेंगे कि समाज में होने वाली इस तरह की घटना किसी भी रूप में स्वीकार नहीं की जा सकती और न्याय सभी के लिए बराबर होना चाहिए चाहे वह सुशांत हो या फिर एक आम साधु। लोग अलग हो सकते हैं रूप अलग हो सकते हैं लेकिन न्याय का रूप सभी के लिए बराबर रहता है। लोगों ने देर से ही सही लेकिन इस मामले में अपनी आवाज़ उठाना शुरू कर दिया है। और अब आवाज़ उठी है तो बहस सुप्रीम कोर्ट तक जरूर पहुंचनी चाहिए।

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Diksha Gupta

Diksha Gupta

दीक्षा उन लेखकों में से हैं जिनको शब्दों से बेहद प्यार हैं। और इन शब्दों को खूबसूरत तरीके से पन्ने पर उतारना दीक्षा को काफ़ी पसंद है। आप सब तक ख़बरें पहुंचाने के अलावा दीक्षा को कविताएं लिखना भी पसंद है। शौक की बात करें तो दीक्षा डांस में भी रूचि रखती हैं। और एक ऐसी लड़की हैं जिन्हें नई चीज़ें सीखने में मज़ा आता है। दीक्षा का मानना है की वह लक्ष्य कि प्राप्ति के लिए ही ईश्वर पर और खुद पर विश्वास करना पसंद करती हैं.