सुशांत मामले में रिपब्लिक टीवी पर भड़का बॉम्बे हाई कोर्ट, खोजी पत्रकारिता का लगाया आरोप

सुशांत मामले में रिपब्लिक टीवी पर भड़का बॉम्बे हाई कोर्ट, खोजी पत्रकारिता का लगाया आरोप
▶️बॉम्बे हाई कोर्ट ने रिपब्लिक टीवी को फटकार लगाते हुए उनके रिपोर्ट्स पर सवाल दागे हैं
▶️बॉम्बे हाई कोर्ट ने रिपब्लिक टीवी पर आरोप लगाया है कि सुशांत केस में चैनल ने ‘खोजी पत्रकारिता’ की है
▶️जब मामले की जांच चल रही थी उससे पहले ही रिपब्लिक टीवी इतने दावे के साथ ये कैसे कह रही थी कि ये मौत हत्या है, क्या ये खोजी पत्रकारिता नहीं है- कोर्ट

Investigative Journalism Allegation On Republic Tv: इन दिनों चैनल रिपब्लिक भारत काफी चर्चा में है पहले फेक टीआरपी (Fake TRP Case) को लेकर आरोप प्रत्यारोप में रिपब्लिक भारत सुर्खियों में रहा और अब एक बार फिर सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर चैनल सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने रिपब्लिक टीवी को फटकार लगाते हुए उनके रिपोर्ट्स पर सवाल दागे हैं औऱ कहा है कि जब सुशांत केस में जांच चल रही थी तब रिपब्लिक टीवी (Republic Tv) कौन होता है दर्शकों से ये पूछने वाला कि किसकी गिरफ्तारी होगी और किसकी नहीं?

रिपब्लिक टीवी को फटकार

बॉम्बे हाई कोर्ट ने रिपब्लिक टीवी पर आरोप लगाया है कि सुशांत केस में चैनल ने ‘खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism)’ की है जिससे व्यक्ति के निजी अधिकारों का हनन हुआ है। कोर्ट ने ये भी कहा कि जब सुशांत केस (Sushant Singh Rajput Case) को लेकर रिपब्लिक टीवी ने मीडिया ट्रायल किया तब न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन (एनबीएफ) ने कोई संज्ञान क्यों नहीं लिया।

Investigative Journalism Allegation On Republic Tv In SSR Case

रिपब्लिक टीवी ने की है ‘खोजी पत्रकारिता’

आपको बता दें कि ड्रग मामले में जब गिरफ्तारी शुरू हुई तब रिपब्लिक टीवी ने जनता से ये सवाल पूछा था कि कौन गिरफ्तार होगा और कौन नहीं, ऐसे में कोर्ट ने चैनल (bombay high court on republic tv) पर ये सवाल खड़े किए हैं कि जब सुशांत केस में जांच चल रही थी तब रिपब्लिक टीवी को किसने ये अधिकार दिया कि वो जनता से ये पूछे कि कौन गिरफ्तार होगा।

जब कोर्ट ने ये कहा कि चैनल ने ‘खोजी पत्रकारिता’ की है तब रिपब्लिक की वकील मालविका त्रिवेदी (Republic Tv Lawyer Malvika Trivedi) ने जवाब दिया कि वो सवाल केवल ओपिनियन था जो सभी करते हैं। इसके अलावा कोर्ट ने ये भी कहा कि अभी तक जांच टीम ये पता करने में लगी हुई है कि सुशांत की मौत हत्या थी या आत्महत्या तब रिपब्लिक टीवी इतने दावे के साथ ये कैसे कह रहा था कि ये मौत हत्या है। क्या ये खोजी पत्रकारिता नहीं है?

रिपब्लिक टीवी को कोर्ट ने दी चेतावनी

कोर्ट का गुस्सा यहीं नहीं थमा और आगे कहा गया कि जब किसी की मौत होती है तब रिपोर्टिंग की भी एक गाइडलाइन (Journalism Guidelines) होती है लेकिन रिपब्लिक को देखकर ऐसा लगा जैसे इनके भीतर मृतक के प्रति कोई सम्मान ही नहीं है। कोर्ट ने आगे कहा कि हम ये बिल्कुल नहीं कह रहे हैं कि चैनल सरकार की बुराई नहीं कर सकता लेकिन पत्रकारिता के भी कुछ नियम हैं जिसका हनन नहीं होना चाहिए। साथ ही चीफ जस्टिस ने ये भी कहा कि चैनल को अपनी ‘लक्ष्मण रेखा’ पार नहीं करनी चाहिए।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।

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