बकरीद पर अल्लाह पर कुर्बान की जाती है सबसे प्यारी चीज, जिसे लेकर बीजेपी विधायक ने की आपत्तिजनक टिप्पणी

बकरीद पर अल्लाह पर कुर्बान की जाती है सबसे प्यारी चीज, जिसे लेकर बीजेपी विधायक ने की आपत्तिजनक टिप्पणी
▶️बीजेपी विधायक का बड़ा बयान (BJP MLA Controversial Statement), बकरो की नहीं, बच्चों की दिजिए कुर्बानी
▶️इस साल बकरीद (Bakrid 2020) में फॉलो करनी होंगी ख़ास गाइडलाइन्स,यूपी और महाराष्ट्र सरकार ने भी जारी की एडवाइजरी
▶️बकरीद (Bakra Eid) पर करनी होती है अपनी अबसे प्यारी चीज को अल्लाह के लिए कुर्बान

मुसलमानों (Muslim Festival) के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक बकरा-ईद (Bakra Eid) 1 अगस्त को मनाई जाएगी। कोरोना काल में बकरीद (Bakrid 2020) पर कुर्बानी हो या ना हो इस सवाल पर सियासी जंग तेज हो रही है। इसी पर यूपी के एक बीजेपी विधायक, नंदकिशोर गिर्जार का आपत्तिजनक बयान (BJP MLA Controversial Statement) सामने है। उन्होंने कुर्बानी का इस अंदाज में विरोध किया है कि उनकी सोच पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। जी हां…नंदकिशोर (BJP MLA Nandkishore Gurjar) ने बकरों की जगह बच्चों की क़ुरबानी देने की बात कर कटघरे में खड़े हो गए है।

BJP MLA Controversial Statement: यूपी में कोरोना काल की ईद

इस साल सभी त्योहारी की तरह, बकरा-ईद (Bakra Eid) का रंग कोरोना काल में फीका पड़ जायेगा। कई राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए, दिशा निर्देश (Guidelines For Bakrid) जारी किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में भी कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बकरा-ईद (Bakra Eid) पर एडवाइजरी जारी की गया है। जिसके तहत किसी भी धार्मिक स्थान पर सामुहिक नमाज पर रोक लगाई गयी है।

BJP MLA Controversial Statement On bakraid

साथ ही, खुले में कुर्बानी और खुले में मांस ले जाने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी। यूपी के डीजीपी (DGP UP) ने सभी जिलों में पुलिस को सतर्क रहने के लिए कहा है। साथ ही लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर लोगो को सोशल डिस्टन्सिंग (Social Distancing) का पालन करने का आदेश दिया जायेगा। इसके अलावा पुलिस को संवेदनशील इलाक़ो के पीआर पेट्रोलिंग (PR Petroling) का भी आदेश दिया गया है।

ऐसे बनेगी महाराष्ट्र में बकरा-ईद

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते मामलों के बीच, शिवसेना की सरकार (Shivsena Goverment) ने कई दिशा निर्देश जारी किए हैं। इस साल महाराष्ट्र में बकरीद (Bakrid 2020) की नमाज घर तक ही सीमित होगी। ईदगाह या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ अदा नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने मुसलमानों को उनके इस त्यौहार को सरल तरीके से मनाने के लिए कहा है।

साथ ही स्पष्ट किया गया है कि त्योहार के मौजूदा गाइडलाइन्स (Bakrid Guidelines) को बदलने के लिए भी मना किया गया है। और सामान खरीदने के लिए पशुधन बाजार खोलने की मांग नहीं की जानी चाहिए। हालांकि, बीएमसी से उम्मीद की जाती है कि पूरे मुंबई (Mumbai) में पशुधन बाजार को ‘भीड़भाड़’ से बचाने के लिए और महामारी (Corona Padamic) के प्रसार को रोकने के लिए किया जाएगा।

जानिए क्यों दी जाती है कुर्बानी?

इस त्‍योहार में अपनी सबसे प्यारी चीज को अल्‍लाह पर कुर्बान कर देने का पर्व है। इस्लामिक मान्यताओं में हजरत इब्राहिम के पैगंबर को उनके सपने में खुदा ने उनके सबसे प्यारी चीज की क़ुर्बानी देने की मांग की थी, तब उन्होंने अपने बेटे की क़ुर्बानी का फैसला लिया, उन्होंने आँखें बंद कर अपने बेटे को काट दिया। जब आँख खुली तो देखा उसने बकरी की क़ुर्बानी दे दी। तभी से बकरा-ईद (Bakra Eid) पर बकरे की कुर्बानी देना अहम मन जाता है।

आगे की खबर के लिए बने रहे The Toss News के साथ

ये भी पढ़े :

Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।