अरुण जेटली ने बदल दी थी भारत में ‘GST’ की तस्वीर, ‘एक देश एक कर’ को बताया था देश की ज़रूरत

अरुण जेटली ने बदल दी थी भारत में ‘GST’ की तस्वीर, ‘एक देश एक कर’ को बताया था देश की ज़रूरत
▶️अरुण जेटली ने 24 अगस्त 2019 को दुनिया से लिया था अलविदा, आज है पूर्व वित्त मंत्री की पहली पुण्यतिथि
▶️अरुण जेटली की पुण्यतिथि पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें याद किया, ट्विटर पर मोदी ने लिखा मुझे अपने दोस्त की बहुत याद आती है
▶️पूर्व वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने बदल दिया था देश में GST का मतलब, आधी रात किए थे कई बड़े बदलाव

आपने अक्सर ऐसा सुना होगा कि काम ऐसा करो कि नाम अपने आप हो जाए, आज मैं आपको इसका सटीक उदाहरण देती हूं। मैं बात कर रही हूं एक ऐसे शख्स के उदाहरण कि जिसने भारत में सालों से चले आ रहे GST की कहानी को आधी रात के दौरान पलट दिया था। जी हाँ, सही पहचाना आपने, उस महान व्यक्ति और दमदार नेता का नाम है अरुण जेटली (Arun Jaitley)। आज पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली की पहली पुण्यतिथि (Formar Finance Minister Arun Jaitley First Death Anniversary) है। 24 अगस्त 2019 को GST की नई परिभाषा देने वाले अरुण जेटली ने दुनिया से अलविदा ले लिया था।

अरुण जेटली ने GST को बताया था गेम चेंजर

मार्च 2017 में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Formar Finance Minister Arun Jaitley) को अपने फैसले पर कितना भरोसा था इस बात का अंदाज़ा आप ये जानकर लगा लेंगे कि उन्होंने GST में बदलाव करने के दौरान आत्मविश्वास के साथ कहा था कि GST गेमचेंजर है, इसको जब कानूनी जमा पहनाया जाएगा तो समस्त देश की तकदीर बदल जाएगी।

Arun Jaitley First Death Anniversary

एक देश एक कर से करवाई थी देश की पहचान

अरुण जेटली (Arun Jaitley News) ने देश के हित में जीएसटी (GST) से जुड़े चार बिलों को लोक सभा में इंट्रोड्यूस करवाया था। इन चार बिलों में सेंट्रल जीएसटी, इंटीग्रेटेड जीएसटी, यूनियन टेरिटरी जीएसटी और कॉम्पेनसेशन जीएसटी बिल शामिल थे। अरुण जेटली ने इन्हें एक साथ लोकसभा में पेश किया था और कहा था ‘एक देश और एक कर’ वक्त की जरूरत है।

केंद्र ने लिया था राज्यों की नुकसान भरपाई का ज़िम्मा

चारों बिल को जब अरुण जेटली (Arun Jaitley First Death Anniversary) ने लोक सभा में पेश किया था, उस वक़्त उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों का भी जिक्र किया था। वित्त मंत्री अरुण जेटली का मानना था कि इन पेश किए गए बिलों को लागू करने के बाद राज्यों को टैक्स के मद में होने वाले नुकसान भरपाई से छुटकारा मिलेगा। अरुण जेटली ने ये तक कह दिया था कि बिल को लागू करने के बाद, शुरुआत के 5 वर्षो तक अगर किसी राज्य को नुकसान होता है तो उसकी भरपाई की ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।

लग्जरी सामानों पर घटाया टैक्स

अरुण जेटली (Arun Jaitley) द्वारा पेश किए गए बिलों से पहले लग्जरी सामानों पर कर की दर 40 से 65 फीसदी तक थी है जिसको बाद में जीएसटी (GST) में 28 फीसदी कर किया गया। बचे हुए हिस्से को बफर स्टॉक बनाया गया जिसके ज़रिये उन राज्यों की मदद की गई जो जीएसटी के कारण वित्तीय नुकसान झेलना रहे थे। इसके अलावा अरुण जेटली (Arun Jaitley First Death Anniversary) ने बताया था कि यदि बफर स्टॉक में फंड बचता है तो उसका बंटवारा क्रेंद और राज्यों के बीच किया जाएगा।

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Mahima Nigam

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