क्या आज अर्नब को मिलेगी रिहाई या आईपीसी की धारा 306 के तहत होगी कैद?

क्या आज अर्नब को मिलेगी रिहाई या आईपीसी की धारा 306 के तहत होगी कैद?
▶️अर्नब की गिरफ्तारी के बाद ट्विटर पर ट्रेंड बना ReleaseArnabNow , लोग कर रहे हैं रिहाई की मांग
▶️केस में बॉम्बे हाईकोर्ट करेगी अर्नब की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई, पीड़ित परिवार ने फिर लगाया गंभीर आरोप
▶️अर्नब गोस्वामी पर लगा है धारा 306 और 34, आरोप साबित होने पर होती है 10 साल की जेल

Arnab Goswami Arrest: आज सुबह से ही ट्विटर पर #ReleaseArnabNow ट्रेंड कर रहा है, इस हैशटैग का इस्तेमाल कर तमाम लोग अर्नब गोस्वामी की रिहाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अर्नब को रिहाई मिलेगी या नहीं ये तो आज की सुनवाई पर डिपेंड करता है। दरअसल आज बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay Highcourt) अर्नब की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसके बाद ये तय होगा की अर्नब को बेल मिलती है या उन्हे 18 नवंबर तक हिरासत में ही रहना होगा।

खुदखुशी के लिए उकसाने का लगा आरोप

अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी (Arnab Goswami Arrest) को कई लोग इमरजेंसी कह रहे हैं तो कई लोगों का कहना है कि ये पत्रकारिता की स्वतंत्रता का हनन है, लेकिन एक वर्ग ऐसा भी है जिसका ये कहना है कि अर्नब पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है और इसका प्रेस की आज़ादी या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से कोई लेना-देना नहीं है और अर्नब को आईपीसी की धारा 306 और 34 (IPC Act 306 and 34 On Arnab Goswami) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

Arnab Goswami Arrested On IPC Act 306 and 34

क्या कहती है आईपीसी की धारा 306 और 34?

भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी में किसी व्यक्ति को जबरन आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर आरोपी पर आईपीसी की धारा 306 लगाया जाता है। इस धारा के तहत ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है। औऱ अर्नब पर भी यही आरोप लगा है। खुदखुशी से पहले इंटीरियर डिजाइनर ने एक सुसाइड नोट (Anvay Naik Suicide Note) लिखा था जिसमें अर्नब पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद अर्नब को आईपीसी की धारा 306 के तहत गिरफ्तार किया गया है।

आईपीसी की धारा 306 के तहत 10 साल की जेल और जुर्माने का है प्रावधान

यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की ख़ुदकुशी के लिए ज़िम्मेदार है तो उसपर आईपीसी की धारा 306 लगती है जिसके तहत केस दर्ज किया जाता है। ये धारा कहती है कि यदि सुनवाई में आरोपी का आरोप साबित हो जाता है तो उसे 10 साल की क़ैद हो सकती है साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान है। इसके अलावा धारा 34 उनपर लगाई जाती है जो किसी के साथ मिलकर व्यक्ति को खुदखुशी (Anvay Naik Suicide Case) के लिए उकसाता है।

फिलहाल अर्नब का मामला काफी मायनों में अलग है। एक तो ये केस करीब 2 साल पुराना है। ऊपर से लोगों का मानना है कि सरकार ने अर्नब से बदला लेने के लिए उन्हे गिरफ्तार किया है। इस केस में आगे क्या होगा ये आज अंतरिम सुनवाई में पता लगेगा।

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Juli Kumari

Juli Kumari

जूली एक सिंपल सी लड़की है जिसे खुद सजना और ख़बरों को अपने शब्दों से सजाना बेहद पसंद है। जूली को राजनीति, लाइफस्टाइल और कविताएं लिखने का भी काफी शौक है। आप The Toss News में जूली के लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं और पसंद आए तो शेयर भी कर सकते हैं। और एक राज़ की बात बताऊं? कमेंट कर के या हमारे Social Media Platforms पर मेकअप और हेयरस्टाइल टिप्स भी ले सकते हैं।

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