चुनाव से पहले बिहार के नेताओं की उम्र को लेकर उठा विवाद, 5 साल में दोगुनी कैसे बढ़ी नेता जी की उम्र?

चुनाव से पहले बिहार के नेताओं की उम्र को लेकर उठा विवाद, 5 साल में दोगुनी कैसे बढ़ी नेता जी की उम्र?
▶️ बिहार चुनाव से पहले नेताओं के उम्र में बड़े घोटाले का हुआ खुलासा
▶️ राजद के सरोज यादव की उम्र 2015 में 33 वर्ष, इस बार एफिडेविट में 30 वर्ष दिखाई गई
▶️ बीजेपी नेता निक्की की उम्र 2015 और 2020 में समान रही 42 साल, रामनंद मंडल की उम्र 5 वर्ष में 8 साल बढ़ गई

Bihar Election Age Scam: बिहार के चारा घोटाले के बारे में आपने सुना ही होगा। जमीन, पैसों से जुड़े घोटालों की भी बिहार में कमी नहीं लेकिन बिहार चुनाव के दौरान बिहारी नेताओं ने एक और घोटाले को जन्म दिया है। घोटाले का नाम है,“उम्र में घोटाला (Age Scam In Bihar Election)।” बिहार है कुछ भी हो सकता है और सही में कुछ भी हो भी रहा है। कुछ नेताओं की उम्र ही नहीं बढ़ रही, कुछ की बढ़ने के बजाय घट रही है और कुछ की दोगुनी रफ़्तार से बढ़ रही है।

नामांकन के दौरान सामने आया बिहार के नेताओं के ‘उम्र में घोटाला’

बिहार के चुनाव की बात ही कुछ अलग है। चुनाव के नामांकन शुरू हुए तो नेताओं के अलग-अलग अंदाज देखने को मिले। नामांकन के दौरान कुछ ऐसे नेताओं का नाम सामने आया है। जिनकी विधानसभा की वेबसाइट (Website Of Legislative Assembly) के हिसाब से उम्र अलग जबकि नामांकन के दौरान लिखाई गई उम्र अलग-अलग देखने को मिल रही है। कुछ नेताओं की उम्र कम हो गई, कुछ की बड़ी नहीं, कुछ की दोगुनी रफ़्तार से बढ़ने लगी।

जय कुमार सिंह 5 साल में 46 से 56 के हो गए

जय कुमार सिंह, नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री हैं। दिनारा सीट से 3 बार विधायक रह चुके हैं और इस बार भी चुनाव लड़ रहे हैं। 2015 के चुनावी हलफनामे में जय कुमार ने अपनी उम्र 46 वर्ष बताई थी। 5 साल बाद जयकुमार ने चुनावी हलफनामे में अपनी उम्र 56 घोषित की हुई है। 5 साल में जय कुमार की उम्र 10 साल कैसे बढ़ सकती है?

सरोज यादव  की उम्र 5 साल में बढ़ी नहीं, 3 साल कम हो गई

बड़हरा विधानसभा सीट से सरोज यादव (Saroj Yadav) वर्तमान विधायक हैं। राजद की सीट से इस बार भी चुनावी मैदान में उतरे हैं। 2015 में यादव ने चुनावी एफिडेविट में साफ-साफ लिखा था, मैंने 33 वर्ष की उम्र पूरी कर ली है। इस बार एफिडेविट दाखिल करते हुए उन्होंने लिखा है, मैंने 30 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। इसका मतलब तो यही होता है कि सरोज यादव (Saroj Yadav In Age Scam) की उम्र 5 साल के दौरान बढ़ी नहीं बल्कि वे 3 साल छोटे हो गए।

निक्की की 5 साल में उम्र ही नहीं बढ़ी

कहा जाता है कि महिलाओं से उनकी उम्र नहीं पूछनी चाहिए। महिलाओं से अगर आप उनकी उम्र पूछोगे भी तो वो अमूमन कम ही बताएंगी। इस बात को सिद्ध करती हैं बीजेपी नेता निक्की (BJP Leader Nikki) कटोरिया विधानसभा सीट से निक्की हेंब्रम बीजेपी की ओर से मैदान में उतरी हैं। 2015 में निक्की ने चुनावी हलफनामे में अपनी उम्र 42 वर्ष दर्ज कराई थी। इस बार के विधानसभा चुनाव में भी निक्की ने अपनी उम्र 42 वर्ष ही घोषित की है। अर्थात, निक्की 2015 में जितने वर्ष की थी 2020 में भी वह उतने ही वर्षों में रह गई।

इसी प्रकार, कुटुंबा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार राजेश कुमार अपनी उम्र 2 साल कम बताते हैं। जदयू नेता रामचंद मंडल की 5 साल के अंतर्गत उम्र 8 साल बढ़ गई। इन्हीं की तरह कई और नेताओं की उम्र में घोटाले की बात सामने आई है। अब देखना यह होगा कि आखिर चुनाव आयोग उम्र घोटाले के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।

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Manoj Thayat

Manoj Thayat

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