श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा
▶️ लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा चलाई गई थी श्रमिक स्पेशल ट्रेन
▶️ तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मजदूरों की मौतों पर उठाए थे सवाल
▶️ 1 मई से देशभर में चलाई गई थी श्रमिक स्पेशल ट्रेन, हजारों श्रमिकों को मिला था लाभ

97 People Die In Shramik Trains: कोरोना महामारी के कारण हुई तालाबंदी (lockdown) का सबसे बुरा असर प्रवासी मजदूरों और श्रमिकों पर पड़ा। तालाबंदी के लगभग 1 महीने बाद रेल मंत्रालय द्वारा श्रमिकों को उनके घर छोड़ने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों पर कई सवाल भी उठे और आज वही सवाल संसद में विपक्ष सरकार से पूछ रहा है।

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों पर सवाल, श्रम मंत्रालय बोला हमें पता नहीं

Opposition questions Piyush Goyal on 97 deaths in Shramik Special trains

संसद का मानसून सत्र चल रहा है। विपक्ष द्वारा सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की कोशिश हो रही है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसद द्वारा लॉकडाउन के दौरान रेल मंत्रालय द्वारा श्रमिकों के लिए चलाई गई स्पेशल ट्रेनों पर सवाल पूछे गए। लोकसभा में विपक्षी के सवाल पर श्रम मंत्रालय (ministry of labour) ने यह कह दिया कि सरकार को नहीं पता श्रमिक ट्रेनों में कितने मजदूरों की मौत हुई। इसके बाद विपक्ष द्वारा संसद में हंगामा खड़ा किया गया था।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दिया विपक्ष को जवाब

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर विपक्षी द्वारा हंगामे के बाद  राज्यसभा में स्वयं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, 9 सितंबर तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 97 लोगों की जान गई। राज्य पुलिस ने 97 मौतों में से 87 की डेड बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृत श्रमिकों की राज्य पुलिस द्वारा अब तक 51 की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सरकार के पास पहुंची है। इन पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकतर श्रमिकों की मौत की वजह दिल की बीमारी, कार्डिएक अरेस्ट, ब्रेन हेमरेज, लॉन्ग और लीवर बीमारी बताई गई है।

तालाबंदी में श्रमिकों को घर तक पहुंचाने के लिए चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन

कोरोना महामारी के कारण देश भर में तालाबंदी (lockdown) होती है। जिस कारण श्रमिक, मजदूर, प्रवासी लोग अन्य शहरों में फस जाते हैं। इन्हीं प्रवासियों को घर तक छोड़ने के लिए रेल मंत्रालय (railways minsistry) द्वारा श्रमिक स्पेशल ट्रेन (Shramik Special Trains) चलाई जाती है। रेल मंत्री के अनुसार, 1 मई से 31 अगस्त तक देशभर में 4,621 ट्रेनें चलाई गई। इनमें 63 लाख 19 हजार लोगों को उनके राज्यों तक पहुंचाया गया। गोयल ने यह भी कहा कि ट्रेनों की पूरी व्यवस्था को देखना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। रेल यात्रा के दौरान हुई मौत के मामलों में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मुकदमा दर्ज और आगे की कानूनी कार्यवाही होती है।

आगे पढ़ें

Manoj Thayat

Manoj Thayat

पत्रकारिता मनोज का जुनून है। इसी जुनून को जीने के लिए और अपने तरीके से ख़बरों को आप तक पहुँचाने के लिए मनोज The Toss News के साथ जुड़े हैं। मनोज को पढ़ने, लिखने और संवाद करने का बेहद शौक है। देश-दुनिया की ख़बरों को आप तक समय-समय पर पहुँचाना मनोज का लक्ष्य है। आप सभी रोज़ाना मनोज द्वारा लिखी गईं ख़बरें पढ़ सकते हैं और Comment में अपना Feedback भी दे सकते हैं।