सोनिया गांधी को पत्र लिखना पड़ा महंगा, छीन गुलाम नबी आजाद से सचिव पद

सोनिया गांधी को पत्र लिखना पड़ा महंगा, छीन गुलाम नबी आजाद से सचिव पद
▶️सोनिया गाँधी ने बनाई है विशेष समिति, संगठनात्मक व संचालन मामलों में करेगी सहायता
▶️सोनिया गाँधी ने गुलाम नबी आजाद को महासचिव पद से हटाया
▶️राहुल गांधी के करीबी नेताओं को मिला अधिक सम्मान

Congress Latest News: देश की सबसे पुरानी राजनैतिक पार्टी कांग्रेस, वर्तमान समय में अपने खराब दौर से गुज़र रही है। ऐसे में इस कठिन समय के दौरान पार्टी को एक बड़े नेतृत्व वाले चेहरे की तलाश है। इस बीच पार्टी में सुधार के लिए अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने बड़े फेरबदल किए हैं।

6 सदस्यीय विशेष टीम की सलाह पर चलेगी कांग्रेस

शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी में सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। पार्टी में सबसे विशेष बदलाव यह है कि, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सहयोग के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया हैं।

छह सदस्यों की यह समिति पार्टी कामकाज (Congress Working Committee) को लेकर सलाह देगी। इस विशेष समिति में एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हैं।

कांग्रेस पार्टी में महासचिव और प्रभारी सचिव पदों में बड़ा बदलाव

पार्टी द्वारा महासचिव, प्रभारी सचिव, कांग्रेस कार्यसमिति, स्थाई आमंत्रण और विशेष आमंत्रण जैसे तमाम संगठनों में बड़ा बदलाव किया हैं। सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) को उत्तर प्रदेश, मुकुल वासनिक को मध्य प्रदेश, जितेंद्र सिंह को असम, हरीश रावत को पंजाब, अजय माकन को राजस्थान, ओमान चांडी को आंध्र प्रदेश, तारिक अनवर को केरल और लक्ष्यद्वीप का महासचिव बनाया गया हैं।

वहीं केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) को संगठन की जिम्मेदारी, मधुसूदन मिस्त्री को केंद्रीय चुनाव समिति का अध्यक्ष, मनकीम टैगोर को तेलंगाना का प्रभावी सचिव जैसे बड़े बदलाव पार्टी में किए गए हैं।

सुरजेवाला को बड़ा फायदा, गुलाम नबी आजाद को बड़ा नुकसान

कांग्रेस पार्टी (Congress Party Re-Shuffle) में हुए बड़े बदलाव में सबसे ज्यादा फायदा रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) को हुआ हैं। सुरजेवाला 6 सदस्यों वाली मुख्य सलाहकार टीम में भी शामिल हुए हैं और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता के रूप में उनका कार्यकाल जारी रहेगा। साथ ही कर्नाटक के प्रभारी भी बनाए गए है संगठनों में बदलाव का सबसे बुरा असर गुलाम नबी आजाद (Gulam Nabi Azad) पर पड़ा हैं।

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गुलाम नबी आजाद से महासचिव का पद छीन लिया हैं, वे हरियाणा के प्रभारी थे। हालांकि आजाद को महासचिव पद से हटाने के बाद सीडब्ल्यूसी (CWC) में रखा गया है। आपको बता दें, पिछले महीने पार्टी सोनिया गांधी को लिखे गए असहमति पत्र में गुलाम नबी आजाद का नाम प्रमुख था। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस पार्टी तमाम बदलावों के बाद किस तरह का प्रदर्शन दिखाती है!

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Mahima Nigam

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महिमा एक चंचल स्वभाव कि लड़की है और रियल लाइफ में खेलकूद करने के साथ इन्हें शब्दों के साथ खेलना भी काफी पसंद है। बता दें कि इस वेबसाइट को शुरू करने का सपना भी महिमा का है और उसे मंज़िल तक पहुंचाने का भी। उम्मीद करते हैं कि आप साथ देंगे